जूनियर एशिया कुश्ती में राठी और दीपक ने जीता गोल्ड

चैंपियनशिप के अंतिम दिन भारत के पांच में से चार पहलवान पदक दौर में जगह बनाने में सफल रहे. 

जूनियर एशिया कुश्ती में राठी और दीपक ने जीता गोल्ड
(फोटो साभार @Media_SAI)

नई दिल्ली: सचिन राठी ने शानदार वापसी करते हुए जूनियर एशिया कुश्ती चैंपियनशिप के अंतिम दिन स्वर्ण पदक जीता जबकि दीपक पूनिया ने अपना दबदबा बरकार रखा जिससे भारत फ्रीस्टाइल वर्ग में दो स्वर्ण और इतने ही कांस्य पदक जीतने में सफल रहा. चैंपियनशिप के अंतिम दिन भारत के पांच में से चार पहलवान पदक दौर में जगह बनाने में सफल रहे. सूरज राजकुमार कोकाते (61 किग्रा) और मोहित (125 किग्रा) ने कांस्य पदक जीते. 

सोमवीर 92 किग्रा वर्ग में पदक जीतने में नाकाम
सोमवीर 92 किग्रा वर्ग में पदक जीते में नाकाम रहे. भारत 173 अंक के साथ टीम चैंपियनशिप में ईरान के बाद दूसरे स्थान पर रहा जिसने 189 अंक जुटाए. उज्बेकिस्तान 128 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा. भारत को दिन का पहला स्वर्ण पदक राठी ने 74 किग्रा वर्ग में दिलाया. उन्होंने मंगोलिया के बेट एर्देन बयामबासुरेन के खिलाफ पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता. 

राठी पहले चरण के बाद 2-5 जबकि दूसरे के बाद 2-9 से पिछड़ रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को चित करते हुए स्वर्ण पदक जीता. 
राठी ने कहा , ‘‘ मुझे पता था कि मैं जीत सकता हूं. मेरे कोच ने मुझे कहा कि मुझे हर सेकेंड लड़ना होगा. इतने अंक से पिछड़ने के बावजूद मुझे जीत दर्ज करने का भरोसा था. मैंने हार नहीं मानी. इतनी बड़ी बढ़त गंवाने के बाद यह मानसिक चुनौती थी और मैं इसमें सफल रहा. ’’ 

दीपक ने 86 किग्रा में स्वर्ण जीता
दूसरी तरफ फार्म में चल रहे दीपक को 86 किग्रा में स्वर्ण जीतने के लिए अधिक पसीना नहीं बहाना पड़ा. उन्होंने तकनीकी दक्षता के आधार पर तुर्कमेनिस्तान के अजात गाजयेव को हराया. इस टूर्नामेंट से पहले जार्जिया में तबलीसी ग्रां प्री में कांस्य पदक जीतने वाले दीपक ने कहा , ‘‘ यह मेरे लिए आसान था क्योंकि मुझे सीनियर चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का भी अनुभव है. ’’ 

सूरज ने कांस्य पदक जीता
भारत के सूरज ने चार अंक से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए जापान के युटो को 16-8 से हराकर कांस्य पदक जीता. मोहित ने कांस्य पदक के मुकाबले में मंगोलिया के बेट एर्देन एर्देनबाटोर को तकनीकी दक्षता के आधार पर हराया. सोमवीर हालांकि जापान के ताकुमा ओत्सुक के खिलाफ 2-3 की हार के कारण पदक दौर में नहीं पहुंच सके. 

(इनपुट-भाषा)