close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जानिए, FIH Finals से लेकर ओलंपिक तक क्या योजनाएं हैं भारतीय हॉकी टीम के नए कोच की

भारतीय हॉकी टीम के नए कोच का मानना है कि ओलंपिक के लिए टीम के पास समय कम है, लेकिन उसे भुनाने की जरूरत है. 

जानिए, FIH Finals से लेकर ओलंपिक तक क्या योजनाएं हैं भारतीय हॉकी टीम के नए कोच की
(फोटो: PTI)

नई दिल्ली: भारतीय हॉकी टीम इस समय आगामी छह जून से शुरू होने वाले एफआईएच सीरीज फाइनल्स की तैयारी में व्यस्त है. टीम को हाल ही में ग्राहम रीड के रूप में नया कोच मिला है. आठ अप्रैल को हुई यह नियुक्ति तब हुई है जब भारत के पास ओलम्पिक की तैयारी के लिए सिर्फ डेढ़ साल का समय बचा है. ऐसे में किसी भी टीम या कोच के लिए एक दूसरे को समझना और कोच के लिए उस टीम के खेल को समझना काफी मुश्किल है. रीड ने अपने विकल्पों और तैयारियों को लेकर बात की. 

समय कम तो है लेकिन....
रीड का मानना है कि उनके पास जो भी समय है उसका सदुपयोग करना ही एक मात्र विकल्प है. रीड कहते हैं कि यह समय काफी है बशर्ते उनकी टीम को लगातार सुधार करना होगा और जब भी जहां भी खेलने का मौका मिले, अपने आप को बेहतर करने की मानसिकता के साथ मैदान में उतरना होगा. रीड ने कहा कि उनकी टीम इस सोच के साथ ही छह जून से भुवनेश्वर में शुरू हो रहे एफआईएच फाइनल में उतरेगी. 

यह भी पढ़ें: FIH Series Finals: हॉकी इंडिया ने घोषित की टीम, मनप्रीत कप्तान, रमनदीप की वापसी

बात समय की नहीं है
रीड ने एक इंटरव्यू में कहा, "ईमानदारी से कहूं तो यह बात मायने नहीं रखती कि समय है कि नहीं क्योंकि हमें काम करना ही होगा. हमारे पास समय है, हम तैयारी कर रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे ने हमें आईना दिखाया है कि हमें कहां काम करना है. हम जब भी खेलें अगर हम लगातार सुधार करते रहे तो हमारे लिए अच्छा होगा. हम हर टूर्नामेंट में अच्छा करने की कोशिश करेंगे और उम्मीद करेंगे की ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर सकें. हमारे पास जो भी समय है उसे हम सर्वश्रेष्ठ तरीके से उपयोग में ले अपने आप में सुधार करना चाहेंगे."

ऑस्ट्रेलिया दौरा पहला इम्तिहान था रीड का
रीड का भारतीय टीम के साथ पहला दौर ऑस्ट्रेलिया का था, जहां टीम को राष्ट्रीय टीम से दो हार, ऑस्ट्रेलिया-ए के साथ एक ड्रॉ एक जीत और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया थंडरस्टिक्स के साथ हार मिली थी. रीड ने कहा ऑस्ट्रेलिया दौरे से उन्हें पता चला है कि टीम को कहां काम करने की जरूरत है और टीम कर भी रही है. 

पता चला की कहां काम करना है
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने कहा, "हम हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौर से लौटे हैं. जो काफी अहम था क्योंकि इससे हमें पता चला कि हम कहां ध्यान देने की जरूरत है और जिस स्तर पर हम जाना चाहते हैं उसके लिए हमें कहां काम करना है. पिछले दो सप्ताह में हमारा फोकस बेहतर हुआ है. गोल करने की क्षमता, सर्किल में गेंद लेने की काबिलियत, वन ऑन वन केनक्शन, मिडफील्ड और स्ट्राइक लाइन में सामंजस्य इन पर हमारा फोकस रहा है."

ये कमजोरियां निकली हैं भारत की
रीड ने कहा, "हम मौके तो बहुत बना रहे हैं, लेकिन गोल में तब्दील नहीं कर पा रहे. साथ ही हम किस तरह और कहां से सर्किल में जा रहे हैं. डिफेंस पर भी हम काम कर रहे हैं कि हम किस तरह गेंद को रोकें." भारत पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करने में कमजोर रहा है, लेकिन रीड को लगता है कि यह सिर्फ भारत की ही नहीं बल्कि कई टीमों की समस्या है और इसका कारण बेहतर होता कॉर्नर डिफेंस है. 

यह भी पढ़ें: Hockey: अच्छी शुरुआत के बाद टीम इंडिया बिखरी, ऑस्ट्रेलिया से मिली करारी मात

पेनाल्टी कार्नर सबसे बड़ी चुनौती
रीड ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो मैं किसी भी टीम के साथ रहूं, मुझसे यह सवाल पूछा जाता है. मुझे लगता है कि इस समय विश्व हॉकी में जो हो रहा है वो यह है कि अधिकतर टीमों का कॉर्नर डिफेंस मजबूत है और इसलिए कॉर्नर पर गोल करना मुश्किल हो गया है. 10 साल, 5 साल पहले कनर्वजन रेट 33 प्रतिशत हुआ करता था, लेकिन इस समय एक-दो टीमें, इनमें शायद अर्जेटीना को छोड़ दें तो सभी पेनाल्टी कॉर्नर को तब्दील करने में संघर्ष करती रही हैं. यह हमारे लिए चुनौती है. अगले 12 महीनों में हमारा ध्यान इस पर होगा लेकिन मुझे लगता है कि यह सवाल इस समय लगभग हर टीम पूछ रही होगी."

यह रणनीति होगी रीड की एफआईएच सीरीज फाइनल्स में 
भुवनेश्वर में छह जून से होने वाले एफआईएच सीरीज फाइनल्स में भारत को अपना पहला मैच रूस से खेलना है. रीड इस टूर्नामेंट को काफी गंभीरता से ले रहे हैं, लेकिन वह ज्यादा दूर की नहीं सोच रहे और सिर्फ एक बार में एक ही मैच पर ध्यान दे रहे हैं. उन्होंने कहा, "मैं एक बार में एक मैच पर ध्यान दे रहा हूं क्योंकि कोई भी टीम किसी भी दिन कुछ भी कर सकती है इसलिए मेरा ध्यान सिर्फ एक बार में एक ही मैच पर है. हम इस टूर्नामेंट में हर मैच को फाइनल मान कर खेलेंगे और अपना100 फीसदी देने की कोशिश करेंगे. यहां हर टीम पूरी तैयारी के साथ आ रही है. इसलिए हम किसी भी हल्के में नहीं ले सकते."
(इनरपुट आईएएनएस)