लक्ष्य सेन ने खत्म किया 7 साल का सूखा, विश्व जूनियर चैम्पियनशिप में जीता ब्रॉन्ज

 इस चैम्पियनशिप में सात साल पहले समीर वर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था. 

लक्ष्य सेन ने खत्म किया 7 साल का सूखा, विश्व जूनियर चैम्पियनशिप में जीता ब्रॉन्ज
बैडमिंटन विश्व जूनियर चैम्पियनशिप में लक्ष्य ने जीता कांस्य पदक (PIC : BAI Media/Twitter)

मार्कहाम (कनाडा): भारत के अनुभवी जूनियर बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने सात साल का सूखा समाप्त करते हुए यहां जारी विश्व जूनियर चैम्पियनशिप में एकमात्र मेडल हासिल किया. लक्ष्य को पुरुष एकल वर्ग के सेमीफाइनल में हार मिली, लेकिन वह ब्रॉन्ज मेडल हासिल करने में सफल रहे. 

भारत के 17 वर्षीय खिलाड़ी लक्ष्य को सेमीफाइनल में थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसार्न ने 20-22, 21-16, 21-13 से मात दी. इस हार के कारण भारतीय खिलाड़ी को ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा. विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में इस साल लक्ष्य के द्वारा भारत को एकमात्र मेडल हासिल हुआ है. इस चैम्पियनशिप में सात साल पहले समीर वर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था. 

इसके अलावा, बी. साई प्रणीत ने 2010 में ब्रॉन्ज मेडल ही जीता था. इस चैम्पियनशिप का स्वर्ण मेडल भारत की सबसे अनुभवी बैडमिटन खिलाड़ी सायना नेहवाल के नाम है. उन्होंने 2008 में यह उपलब्धि हासिल की थी. 

बता दें कि भारत के युवा खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने विश्व जूनियर बैडमिंटन चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य पदक पक्का कर लिया था. चौथी सीड सेन ने शुक्रवार को खेले गए चैम्पियनशिप के क्वार्टर फाइनल में गैर वरीय मलेशिया के आदिल शोलेह अली सादकिन को सीधे सेटों में 21-8, 21-18 से मात देकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था. वर्ल्ड नंबर-90 सेन ने 31 मिनट में सादकिन को शिकस्त दी. दोनों खिलाड़ियों के बीच करियर का यह पहला मुकाबला था जहां सेन ने बाजी मारी.

सेमीफाइनल में सेन का सामना टॉप सीड और मौजूदा चैम्पियन थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसर्न से हुआ. कुनलावुत के खिलाफ सेन का 1-0 का करियर रिकॉर्ड है. 17 वर्षीय सेन ने इस साल की शुरुआत में एशियाई जूनियर चैम्पियनशिप के फाइनल में विदितसर्न को हराया था. सेन सेमीफाइनल में पहुंचने वाले एकमात्र खिलाड़ी बने थे.

भारत के उभरते बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन को इस साल विश्व जूनियर बैडमिंटन चैम्पियनशिप में भारतीय दल का नेतृत्व किया. पिछले साल चीन ने इस टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया था. उसे पहली सीड मिली थी. इसके बाद इंडोनेशिया को दूसरी, वहीं थाईलैंड और दक्षिण कोरिया को संयुक्त रूप से तीसरी सीड मिली थी. भारतीय टीम को पांचवीं सीड मिली थी और उसे अल्जीरिया, फारोए आईलैंड, केन्या और श्रीलंका के साथ ग्रुप-ई में रखा गया था.

यूथ ओलम्पिक मे खत्म किया था 8 साल का सूखा 
भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने हाल ही में यूथ ओलम्पिक-2018 में सिल्वर मेडल हासिल किया था. लक्ष्य इस टूर्नामेंट में आठ साल बाद पदक जीतकर लौटे थे. उनसे पहले एच.एस. प्रणॉय ने यूथ ओलम्पिक में सिंगापुर में पदक जीता था. यह मैच 42 मिनट तक चला था. पहले गेम में चीनी खिलाड़ी ने आसानी से लक्ष्य को हरा दिया लेकिन दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अच्छी प्रतिस्पर्धा दिखाई लेकिन अंत में वह जरूरी दो अंकों की बढ़त बना नहीं पाए और स्वर्ण से चूक गए थे.  

भारतीय जूनियर बैडमिंटन टीम :- 

पुरुष वर्ग- लक्ष्य सेन, किरण जॉर्ज, अलाप मिश्रा, प्रियांशु रजावत, ध्रुव कपिला, जी, कृष्णा प्रसाद, के. मंजीत सिंह, के. डिंकु सिंह, साई कृष्ण कुमार, पी. विष्णुवर्धन गौड़, नवनीत बोक्का और अक्षन शेट्टी

महिला वर्ग- मालविका बंसोद, पी. गायत्री गोपीचंद, पुर्वे भावे, सहीती बांदी, आर. तनुश्री, अदिति भट्ट, तनीषा कास्ट्रो, के. अश्विनी भट्ट, सृष्टि जुपाड्डी और राशि लांबे.