CWG 2018 में भारत के लिए सिल्वर पक्का करने वाली मैरी कॉम छोड़ सकती हैं एशियाई खेल

भारत की स्टार मुक्केबाज एम सी मैरी कॉम इस साल के आखिर में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप की तैयारी के लिए इंडोनेशिया में होने वाले एशियाई खेलों से बाहर रह सकती है. 

CWG 2018 में भारत के लिए सिल्वर पक्का करने वाली मैरी कॉम छोड़ सकती हैं एशियाई खेल
वर्ल्ड चैंपियनशिप पर फोकस करने के लिए एशियाई खेल छोड़ सकती है मैरी कॉम (PIC : PTI)

गोल्ड कोस्ट: भारत की स्टार मुक्केबाज एम सी मैरी कॉम इस साल के आखिर में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप की तैयारी के लिए इंडोनेशिया में होने वाले एशियाई खेलों से बाहर रह सकती है. मैरी कॉम ने राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किलोवर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया. उन्होंने जीत के बाद कहा, ‘‘मैं सोच रही हूं कि एशियाई खेलों में भाग नहीं लूं. मुझसे कहा गया तो मैं जाऊंगी लेकिन बाद में फैसला लूंगी. मुझे देखना है कि विश्व चैम्पियनशिप के लिए पूरी तरह फिट रहूं लिहाजा एशियाई खेलों से बाहर रहकर छोटा ब्रेक ले सकती हूं.’’ 

बता दें कि एशियाई खेल अगस्त सितंबर में होने वाले हैं. पांच बार की विश्व चैम्पियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम पिछले पांच महीने से लगातार खेल रही है. नवंबर में एशियाई चैम्पियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता. इसके बाद जनवरी में इंडिया ओपन में स्वर्ण जीता और बुल्गारिया में फरवरी में स्ट्रांजा मेमोरियल टूर्नामेंट में रजत पदक हासिल किया. इसके अलावा तैयारियों के लिए आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया गई थी. 

मैरी कॉम ने कहा, ‘‘शरीर को आराम भी चाहिए. मैं एशियाई खेलों में भाग लेने से पूरी तरह से इंकार नहीं कर रही लेकिन मेरे जेहन में है कि इससे बाहर भी रह सकती हूं.’’ विश्व चैम्पियनशिप इस साल नवंबर में दिल्ली में होनी है और मैरी कॉम इसका मुख्य आकर्षण होगी. भारत ने 2006 में महिलाओं की विश्व चैम्पियनशिप की मेजबानी की थी जिसमें मैरी कॉम ने स्वर्ण पदक जीता था. 

मैरी कॉम फाइनल में, रजत पदक पक्का
पांच बार की विश्व विजेता मैरी कॉम ने यहां जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के सातवें दिन महिला मुक्केबाजी की 45-48 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है. मैरी कॉम ने बुधवार को सेमीफाइनल में श्रीलंका की अनुशा दिलरुक्सी को 5-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई. ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम पहले कभी राष्ट्रमंडल खेलों में पदक नहीं जीत पाई हैं. फाइनल में जगह बनाते हुए हुए उन्होंने अपना रजत पदक पक्का कर लिया है. मैरीकॉम ने अपने से कमजोर विपक्षी पर शुरू से ही दबाव बनाए रखा और एकतरफा मुकाबले में जीत हासिल की.