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डोपिंग मामले की जांच सीबीआई तेजी से करे, इसलिए मोदी से मिलना चाहते हैं नरसिंह

2016 का रियो ओलिंपिक खेलने से चूके भारतीय पहलवान नरसिंह यादव अब भी प्रतिबंध झेल रहे हैं.

डोपिंग मामले की जांच सीबीआई तेजी से करे, इसलिए मोदी से मिलना चाहते हैं नरसिंह
फाइल फोटो

नई दिल्ली : डोपिंग के आरोपों के चलते 2016 का रियो ओलिंपिक खेलने से चूके भारतीय पहलवान नरसिंह यादव अब भी प्रतिबंध झेल रहे हैं. उनका अंतरराष्ट्रीय करिअर इसी बात पर निर्भर करेगा कि उन पर लगे आरोपों का जांच में क्या होता है. इस मामले की जांच भी सीबीआई को सौंपी जा चुकी है, लेकिन इस मामले में  अब तक कोई उल्लेखनीय तरक्की नहीं हुई है. इस जांच एजेंसी को मामले की जांच करते हुए तकरीबन 1 साल से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन अब तक नतीजा अब तक कुछ नहीं निकला है. इधर, नरसिंह पर डोपिंग के आरोप के कारण 4 साल की पाबंदी लगी हुई है.

अब नरसिंह चाहते हैं कि जांच एजेंसी इस जांच को जितनी जल्दी हो उतनी जल्दी पूरा करे.  जिससे उन्हें अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाड खेलों में खेलने का मौका मिल सके. नरसिंह यादव जांच में तेजी की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहते हैं.

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इसके लिए उन्होंने बाकायदा प्रधानंत्री कार्यालय से मिलने का वक्त मांगा है. हालांकि अभी इसकी जानकारी नहीं मिली है कि उन्हें पीएमओ से मिलने का वक्त मिला है या नहीं.
डोपिंग का मामला 2016 का
दरअसल 2016 में ब्राजील में हुए रियो ओलिंपिक से पहले नरसिंह यादव पर डोपिंग के आरोप लगे थे. उससे पहले एक ही कैटेगरी में उतरने के लिए दो बार के ओलंपिक मैडलिस्ट सुशील कुमार और नरसिंह यादव के बीच जमकर तनातनी हुई थी. यहां तक कि सुशील कुमार ने उनसे मुकाबले के लिए भी कह दिया था. सुशील ने कहा था जो भी इस मुकाबले में जीते ओलंपिक में खेलने का मौका उसे ही मिले. हालांकि उसके बाद हाइकोर्ट से सुशील को झटका लगा था.

इससे वह लगातार तीसरे ओलंपिक मेडल जीतने का कारनामा नहीं कर पाए थे. लेकिन नरसिंह यादव इससे पहले कि ओलंपिक में हिस्सा लेते वह डोपिंग में फंस गए. इसके कारण यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब सुर्खियों में रहा. इसके बाद नरसिंह ने यह कहकर अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा था कि उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है. मामले के काफी सुर्खियों में आने के बाद इसकी जांच देश की सबसे काबिल जांच एजेंसी सीबीआई को सौंपी गई थी.