90 मीटर का लक्ष्य तय कर खुद पर दबाव नहीं बनाना चाहते नीरज चोपड़ा, कही यह बात...

नीरज चोपड़ा भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल दिला चुके हैं. अब उनसे ओलंपिक में मेडल की उम्मीद की जा रही है. 

90 मीटर का लक्ष्य तय कर खुद पर दबाव नहीं बनाना चाहते नीरज चोपड़ा, कही यह बात...
नीरज चोपड़ा. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: नीरज चोपड़ा भारत के नंबर-1 जेवलिन थ्रोअर हैं. वे कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स से लेकर तमाम बड़े इवेंट में भारत को मेडल दिला चुके हैं. अब उनसे ओलंपिक मेडल की उम्मीद की जा रही है. लेकिन उन्हें इसके लिए कम से कम 90 मीटर की दूरी तक भाला फेंकना होगा. क्या इस 90 मीटर के लक्ष्य का उन पर दबाव बन रहा है. नीरज चोपड़ा ऐसा नहीं मानते. उन्होंने कहा है कि वे सबसे पहले इस साल 87 से 88 मीटर के प्रयास में निरंतरता हासिल करना चाहते हैं. इसके बाद ही 90 मीटर को अपना लक्ष्य बनाएंगे. 

दक्षिण अफ्रीका के पोटचेफस्ट्रूम में ट्रेनिंग कर रहे नीरज ने कहा, ‘मैं पिछले साल लगातार 85 से 86 मीटर का प्रयास कर रहा था. अब मैं इस साल 87 से 88 मीटर के प्रदर्शन में निरंतरता चाहता हूं. अगर संभव हुआ तो 90 मीटर में. अगर मैं ऐसा कर पाया तो मुझे खुशी होगी. प्रदर्शन में निरंतरता महत्वपूर्ण है.’  अर्जुन अवॉर्डी नीरज ने कहा, ‘लेकिन मैं अपने ऊपर कोई दबाव नहीं बनाऊंगा कि मुझे 90 मीटर को पार करना है. मैं जब भी प्रतियोगिता में उतरता हूं तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बारे में सोचता हूं.’ नीरज ने 2016 में जूनियर विश्व रिकार्ड बनाया था. 

पानीपत के खांद्रा गांव के नीरज 12 जनवरी से पोटचेफस्ट्रूम के नार्थ वेस्ट यूनिवर्सिटी कैंपस में ट्रेनिंग कर रहे हैं और इस महीने के अंत तक वहां रहेंगे. नीरज को पटियाला में 15 से 18 मार्च तक होने वाली फेडरेशन कप राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लेने से छूट देने की तैयारी है जो दोहा में 19 से 24 अप्रैल तक होने वाली एशियाई चैंपियनशिप का चयन ट्रायल है.

नीरज चोपड़ा ने कहा, ‘पिछला सत्र काफी संतोषजनक था. मैंने दो बड़ी बहु खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीता और फिर अपने राष्ट्रीय रिकार्ड में सुधार किया. यह साल काफी महत्वपूर्ण है. एशियाई चैंपियनशिप और विश्व चैंपियनशिप (28 सितंबर से छह अक्टूबर) होनी है. डायमंड लीग सीरीज प्रतियोगिताओं को मत भूलिए.’ 
नीरज 2017 लंदन विश्व चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहे थे. वे 83 मीटर के क्वालीफिकेशन स्तर को हासिल करने में विफल रहे थे और शुरुआती दौर में उनका तीन प्रयासों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 82 .26 मीटर रहा.

(इनपुट: भाषा)