ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट बलबीर सीनियर को उम्मीद, खेलमंत्री राज्यवर्धन राठौड़ वापस दिलाएंगे खोेए मेडल

तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत चुके पूर्व हॉकी धुरंधर बलबीर सीनियर 94 बरस के होने को हैं और पिछले पांच साल से खेल मंत्रालय से लेकर भारतीय खेल प्राधिकरण के चक्कर काट चुके हैं.

ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट बलबीर सीनियर को उम्मीद, खेलमंत्री राज्यवर्धन राठौड़ वापस दिलाएंगे खोेए मेडल
बलबीर सिंह सीनियर का सपना है कि उनकी लापता धरोहरें यानी 36 पदक, 120 ऐतिहासिक तस्वीरें और 1956 मेलबर्न ओलंपिक का उनका कप्तान का ब्लेजर वह दोबारा देख सकें.

नई दिल्ली: अपने खोये पदकों के ​लिये पिछले पांच साल से दिल्ली के चक्कर लगा रहे तिहरे ओलंपिक पदक विजेता बलबीर सिंह सीनियर को उम्मीद जगी है नये खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से और उनका मानना है कि खुद ओलंपिक पदक विजेता होने के नाते वे उनकी तकलीफ समझेंगे. तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत चुके पूर्व हॉकी धुरंधर बलबीर सीनियर 94 बरस के होने को हैं और पिछले पांच साल से खेल मंत्रालय से लेकर भारतीय खेल प्राधिकरण के चक्कर काट चुके हैं. उनका सपना है कि उनकी लापता धरोहरें यानी 36 पदक, 120 ऐतिहासिक तस्वीरें और 1956 मेलबर्न ओलंपिक का उनका कप्तान का ब्लेजर वह दोबारा देख सकें. वह मेलबर्न में लगातार दूसरी बार भारतीय दल के ध्वजवाहक थे और इससे उनकी काफी यादें जुड़ी हैं. उन्होंने 1985 में साइ को खेल संग्रहालय के लिये ये धरोहरें दी थी जिनका अब कोई अता पता नहीं है. उन्हें उम्मीद है कि नये खेलमंत्री उनकी तकलीफ समझेंगे.

उनकी बेटी सुशबीर ने कहा, ‘‘बहुत कम लोग देश के लिये पदक जीतने में लगने वाली मेहनत और महसूस होने वाले गर्व को समझ सकते हैं और कर्नल राठौड़ उनमें से एक हैं. हमें उम्मीद है कि वे ओलंपिक पदक विजेता के नजरिये से चीजों को देखेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले पांच साल से यानी लंदन ओलंपिक 2012 के बाद से हमने इसकी तलाश में जमीन आसमान एक कर ​दिया. लंदन ओलंपिक में मेरे पिता को 1896 के बाद दुनिया के 16 महान ओलंपियनों में से चुना गया था और उनके स्मृति चिन्हों की वहां नुमाइश होनी थी. उन्होंने हमसे ओलंपिक ब्लेजर मांगा जो किसी को नहीं पता कि कहां है.’’

खुशबीर ने कहा, ‘‘हमने आरटीआई दायर की, अपीलेट अधिकारियों के पास गए, विभिन्न खेल मंत्रियों से मिले लेकिन नतीजा सिफर रहा. तमाम आंतरिक जांचों में कुछ नहीं निकला. और कितना समय चाहिये.’’ उन्होंने बताया कि खेल सचिव इंजेती श्रीनिवास ने 17 मई को हुई एक मुलाकात में साइ की ओर से एफआईआर करने की पेशकश की लेकिन उनके निर्देशों के बावजूद ऐसा अभी तक नहीं हुआ. उन्होंने कहा, ‘‘एनआईएस पटियाला ने मेरे पिता के लापता ओलंपिक ब्लेजर के लिये लापता सामान रिपोर्ट चार अगस्त को दर्ज की लेकिन 36 पदकों और 120 दुर्लभ तस्वीरों का कोई जिक्र नहीं है. यह सूचना भर के लिये है मानो कोई सिम कार्ड या आई कार्ड खो गया हो. इससे पुलिस को जांच का अधिकार नहीं मिलता.’’

सुशबीर ने कहा कि लापता सामान की रिपोर्ट भी गलत है. उन्होंने कहा ,‘‘साइ की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने वाले अधिकारी ने लिखा है कि ब्लेजर 10 जुलाई 2017 से लापता है जबकि एनआईएस पटियाला ने खुद लिखित में कहा है कि उन्हें तब से इस ब्लेजर के बारे में नहीं पता जब इसे जुलाई 2012 में पहली बार खोजा गया था.’’ पूर्व खेलमंत्री सर्वानंद सोनोवाल 2014 में चंडीगढ स्थित बलबीर सीनियर के घर भी गए थे और साइ अधिकारियों ने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए जांच का वादा किया था जो तीन साल बाद भी अधूरा ही है.