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सानिया और सायना को पद्म भूषण, दीपिका को पद्मश्री

इस बार खेलों के पद्म पुरस्कारों में महिला खिलाड़ियों का दबदबा रहा। सानिया मिर्जा और सायना नेहवाल को पद्म भूषण और तीरंदाज दीपिका कुमारी को पद्मश्री के लिए चुना गया है। सानिया ने मेलबर्न से कहा कि पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जाना वास्तव में सुखद अनुभव है।

सानिया और सायना को पद्म भूषण, दीपिका को पद्मश्री

नई दिल्ली: इस बार खेलों के पद्म पुरस्कारों में महिला खिलाड़ियों का दबदबा रहा। सानिया मिर्जा और सायना नेहवाल को पद्म भूषण और तीरंदाज दीपिका कुमारी को पद्मश्री के लिए चुना गया है। सानिया ने मेलबर्न से कहा कि पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जाना वास्तव में सुखद अनुभव है।

इससे मुझे देश के लिए और अधिक उपलब्धियां हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी। सायना ने कहा कि इस सम्मान से वे हैरान हैं। दिलचस्प बात है कि इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले साल पुरस्कार नहीं मिलने पर नाराजगी जताई थी। सायना ने कहा कि यह बहुत बड़ा सम्मान है और मैं इसके लिए मंत्रालय की आभारी हूं। पिछले साल के प्रदर्शन से मैं बहुत खुश हूं। पिछले साल मैं नंबर एक पर पहुंची और अब नंबर दो हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि इस पुरस्कार से मेरा मनोबल बढ़ेगा और अच्छे प्रदर्शन की प्रेरणा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि मैंने उम्मीद नहीं की थी, इसके बारे में कोई खबर नहीं थी। जब मैं यह सोचती हूं कि मैं केवल 25 साल की हूं और यह पुरस्कार हासिल कर रही हूं तो बहुत अच्छा लगता है। लेकिन अभी लंबा रास्ता तय करना है। सायना पिछले साल तब निराश हो गई थीं जब खेल मंत्रालय ने शर्तों का हवाला देकर उनका आवेदन नामंजूर कर दिया था। 

मंत्रालय ने सुशील कुमार को पिछले साल पुरस्कार के लिए चुना था। अगले महीने होने वाले दक्षिण एशियाई खेलों की तैयारियों में लगी दीपिका इससे पहले अर्जुन पुरस्कार हासिल कर चुकी हैं और उन्होंने कहा- मैं बहुत हैरान हूं।  मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा है। चार पांच दिन पहले ही मैं अपनी मित्र से बोल रही थी कि मेरा सपना पद्म पुरस्कार हासिल करना है और इसके लिर कड़ी मेहनत कर रही हूं। और एक दिन देर रात में मुझे महासंघ से फोन आया कि मेरा नाम नामित किया गया है। मैंने सोचा कि यह केवल नामांकन है और मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन आज सुबह पता चला कि मुझे पुरस्कार के लिये चुना गया है और मैं खुशी से उछल पड़ी। इसके बाद कई फोन आने लगे। मैंने अपने कोच और माता पिता का आशीर्वाद लिया।