'वसीम अकरम-इंजमाम को फांसी दे दी होती तो स्‍पॉट फिक्सिंग होती ही नहीं'

पाकिस्‍तान के दिग्‍गज लेग स्पिनर रहे अब्‍दुल कादिर ने एक बड़ा बयान देकर क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है. कादिर ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी वसीम अकरम, इंजमाम-उल-हक और मुश्‍ताक अहमद और अन्‍य खिलाड़ी मैच फिक्सिंग में लिप्‍त थे. उन्होंने कहा कि अगर इन खिलाड़ियों को फांसी दे दी जाती तो पाकिस्‍तान में स्‍पॉट फिक्सिंग का खतरा होता ही नहीं. 

'वसीम अकरम-इंजमाम को फांसी दे दी होती तो स्‍पॉट फिक्सिंग होती ही नहीं'
पाकिस्‍तान के दिग्‍गज लेग स्पिनर रहे अब्‍दुल कादिर का बयान

नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान के दिग्‍गज लेग स्पिनर रहे अब्‍दुल कादिर ने एक बड़ा बयान देकर क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है. कादिर ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी वसीम अकरम, इंजमाम-उल-हक और मुश्‍ताक अहमद और अन्‍य खिलाड़ी मैच फिक्सिंग में लिप्‍त थे. उन्होंने कहा कि अगर इन खिलाड़ियों को फांसी दे दी जाती तो पाकिस्‍तान में स्‍पॉट फिक्सिंग का खतरा होता ही नहीं. 

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बता दे कि पाकिस्तानी क्रिकेट इन दिनों मैच फिक्सिंग के साये में है. पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान सामने आया स्पॉट फिक्सिंग का मामला अब बढ़ता जा रहा है. अब तक पांच खिलाड़ियों को संदेह के घेरे में सस्पेंड किया जा चुका है. 

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एक टीवी शो में बोलते हुए कादिर ने दावा किया कि अकरम, इंजमाम और मुश्‍ताक ज्‍यादा बड़े दोषी हैं. द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून ने कादिर के हवाले से लिखा, 'क्‍या आपने वसिम अकरम, इंजमाम-उल-हक, मुश्‍ताक अहमद को फांसी पर लटकाया - एक लंबी लिस्‍ट है, अगर उस वक्‍त उन्‍हें सबक सिखा दिया जाता तो आज जो हो रहा है वो शायद नहीं होता.' 

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दुबई और पाकिस्तान में खेली गई पीएसएल लीग में पाकिस्तान के खालिद लतीफ, शारजील खान, मोहम्मद इरफान, नासिर जमशेद और शाहजैब हसन समेत पांच खिलाड़ियों को संदेह के घेरे में निलंबित किया जा चुका है. 1990 में भी पाकिस्तान में फिक्सिंग में कुछ खिलाड़ियों को पकड़ा गया था. इसके बाद मामले की जांच के लिए जस्टिस मलिक मोहम्मद खय्याम की अध्यक्षता में एक जांच समिति बिठाई गई थी. 

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2000 में खय्याम ने अता-उर-रहमान और सलीम मलिक को आजीवन प्रतिबंधित करने की सिफारिश की थी. हालांकि कुछ समय बाद दोनों की वापसी हो गई थी. रहमान की गवाही गलत साबित होने पर वसीम अकरम पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद जांच समिति ने आगे वकार, इंजमाम और मुश्ताक सहित पांच खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाने की सलाह दी थी लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सिर्फ मलिक और रहमान पर ही कार्रवाई की. 2006 में जस्टिस खय्याम ने कहा था कि अकरम की शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के कारण उनकी रिपोर्ट को प्रभावित किया गया है.