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पूर्व हॉकी खिलाड़ी अब पुलिस के रोल में जीत रहीं हैं दिल, भूखे लोगों को बांट रही हैं खाना

एसएचओ नेहा चौहान ने साल 2000 में हांगकांग में आयोजित अंडर-18 महिला एशियन हॉकी फेडरेशन कप में टीम गोल्ड मेडल जीता था.

पूर्व हॉकी खिलाड़ी अब पुलिस के रोल में जीत रहीं हैं दिल, भूखे लोगों को बांट रही हैं खाना
अपने सहकर्मियों के साथ जरूरतमंदों के लिए खाना तैयार करती हुई एसएचओ नेहा चौहान. (फोटो-Zee Media)

चंडीगढ़: कोरोना वायरस के खिलाफ जारी इस जंग में पंचकूला की महिला पुलिस स्टेशन की एसएचओ नेहा चौहान ने भी एक साथ 2 मोर्चे संभाल रखे हैं. एक तरफ पुलिस स्टेशन में कानून व्यवस्था और दूसरी तरफ मुश्किल भरे इस दौर में जरूरतमंद लोगों की मदद करना. हॉकी की इंटरनेशनल खिलाड़ी रह चुकी गोल्ड मेडलिस्ट नेहा चौहान अपने पुलिस स्टेशन में रोजाना 300 से 400 जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन बनाकर बांट रही हैं. नेहा चौहान ने साल 2000 में हांगकांग में आयोजित अंडर-18 महिला एशियन हॉकी फेडरेशन कप में टीम गोल्ड मेडल जीता था.

पंचकूला का महिला पुलिस स्टेशन भी इंसानियत की सेवा की एक बड़ी मिसाल पेश कर रहा है. इस महिला पुलिस स्टेशन की कमान पूर्व इंटरनेशनल हॉकी खिलाड़ी नेहा चौहान के हाथों में हैं, जिन्होंने एशियन गेम्स में देश का गौरव बढ़ाया था. कोरोना की वजह से जब से हरियाणा में लॉकडाउन लागू हुआ है तब से एसएचओ नेहा चौहान अपनी टीम के साथ थाने में भोजन तैयार कर रही हैं और भूखे लोगों तक इसे पहुंचा रही हैं.

एसएचओ नेहा चौहान ने बताया कि  शुरू शुरू में उन्होंने अपनी टीम से पैसे कंट्रीब्यूट करके भोजन बनाना शुरू किया मगर अब कई और लोग भी इस काम में उनकी मदद करने लगे हैं. पुलिस स्टेशन में भोजन तैयार करने के बाद एसएचओ नेहा चौहान पेट्रोलिंग पर निकलती हैं तो इस दौरान रास्ते में जरूरतमंदों को खाना बांटती हैं. पेट्रोलिंग की दौरान कानून व्यवस्था का जायजा लेते हुए एसएचओ नेहा चौहान और इनकी टीम ये भी देखती रहती हैं कि यदि किसी जरूरतमंद को भोजन की जरूरत है या नहीं.

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भोजन बांटते हुए भी पुलिस की यह टीम सोशल डिस्टन्सिंग का पूरा ख्याल रखती है. एसएचओ नेहा चौहान के मुताबिक़ कानून के जरिए लोगों को न्याय दिलवाना और जरूरतमंदों की मुश्किल में मदद करना दोनों ही मानव सेवा है, और यह दोनों तरह की ड्यूटी निभा कर उनको सुकून मिलता है. फिलहाल इस तरह के अधिकारियों का जज्बा कोरोना के खिलाफ सरकार के लड़ाई लड़ने के हौंसले को दोगुना कर रहा है.