पेशेवर कुश्ती में ननद-भौजाई और मियां-बीवी की जोड़ी होंगी आकर्षण

इस बार पेशेवर कुश्ती लीग (पीडब्ल्यूएल) में कुछ खास जोड़ियां भाग लेंगी जिनमें ननद-भौजाई और मियां-बीवी की जोड़ी मुख्य आकर्षण होंगी। यहीं इस बार एक ऐसा जोड़ा भी पीडब्ल्यूएल में दिखेगा जिनकी जल्द ही शादी होने वाली है। इसके अलावा भारत से दो बहनों और दो भाइयों जबकि स्वीडन से दो बहनों पर भी सबकी निगाहें होंगी। 

पेशेवर कुश्ती में ननद-भौजाई और मियां-बीवी की जोड़ी होंगी आकर्षण

नई दिल्ली : इस बार पेशेवर कुश्ती लीग (पीडब्ल्यूएल) में कुछ खास जोड़ियां भाग लेंगी जिनमें ननद-भौजाई और मियां-बीवी की जोड़ी मुख्य आकर्षण होंगी। यहीं इस बार एक ऐसा जोड़ा भी पीडब्ल्यूएल में दिखेगा जिनकी जल्द ही शादी होने वाली है। इसके अलावा भारत से दो बहनों और दो भाइयों जबकि स्वीडन से दो बहनों पर भी सबकी निगाहें होंगी। 

याना रैटिगन और मारिया स्टैडनिक ननद-भौजाई हैं। याना ननद हैं जबकि मारिया स्टैडनिक उनकी भाभी। दोनों अलग-अलग देश से हैं। याना इंग्लैंड से और मारिया अज़रबेज़ान से हैं। मारिया मूलत: यूक्रेन से हैं। दिलचस्प बात यह है कि याना और मारिया की कुश्तियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो चुकी हैं। विश्व चैंपियनशिप 2013 में दोनों एक-दूसरे के सामने थीं। ज़ाहिर है कि इनमें ओलिम्पिक में तीन पदक जीत चुकीं मारिया ही जीती लेकिन इस कुश्ती को जीत-हार से ज़्यादा ननद-भौजाई की कुश्ती के लिए याद किया जाता है। 

विश्व चैंपियनश्पि में कांस्य पदक जीत चुकीं गीता फोगाट और अंतरराष्ट्रीय पहलवान पवन कुमार लीग शुरू होने से पहले ही परिणय सूत्र में बंध जाएंगे। इस तरह मियां-बीवी के तौर पर दोनों लीग का मुख्य आकर्षण होंगे। गीता पहले सत्र की तरह इस बार भी अपनी दो बहनों बबीता और रितु के साथ लीग में उतरने के लिए तैयार हैं। पहले सत्र में पंजाब रॉयल्स और यूपी वॉरियर्स के मुक़ाबले के दौरान गीता और बबीता बतौर आइकन प्लेयर एक दूसरे के सामने टॉस के लिए उतरी थीं। 

इसी तरह स्वीडन की सोफिया मैटसन और जोहाना मैटसन भी बहनें हैं। सोफिया 53 किलो वर्ग में ओलिम्पिक की कांस्य पदक विजेता हैं जबकि जोहाना को अपने पहले ही मुक़ाबले में साक्षी मलिक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। भारत में मास्टर चंदगीराम, उनके सुपुत्र जगदीश और सुपुत्री सोनिका जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान थे, वहीं अब चंदगीराम के नाती देवव्रत के रूप में इस परिवार की तीसरी पीढ़ी भी सामने आई है। चंदगीराम के ही शिष्य और अर्जुन पुरस्कार विजेता सत्यवान के दोनों पुत्र सत्यव्रत और सोमवीर जहां अंतरराष्ट्रीय पहलवान हैं, वहीं उनकी होने वाली पुत्रवधु साक्षी मलिक ओलिम्पिक पदक विजेता हैं। 

एशियाई खेलों के दोहरे चैम्पियन करतार सिंह, उनके छोटे भाई श्रवण और उनके भतीजे गुरपाल अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान रहे। 50 और 60 के दशक के अंतरराष्ट्रीय पहलवान केसर सिंह, उनके सुपुत्र सुखचैन सिंह चीमा और तीसरी पीढ़ी के पलविंदर चीमा भी ख्याति प्राप्त पहलवान रहे। वहीं उदयचंद और हरिसिंह सगे भाई एक समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान के तौर पर उभरे जबकि सुरेश और उनके सुपुत्र सोमवीर और जगरूप और उनकी बेटी नेहा राठी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान रहे।

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