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8 करोड़ की सैलरी, फिर भी टॉप CEO से पिछड़े टीम इंडिया के हेड रवि शास्त्री

रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख कोच बन गए हैं. उनके सहायकों के रूप में संजय बांगड़ को बल्लेबाजी कोच, भरत अरुण गेंदबाजी, श्रीधर फील्डिंग कोच बनाये गए हैं. शास्त्री को आठ करोड़ रुपये सालाना का वेतन मिलेगा. यह वेतन पूर्व कोच अनिल कुंबले के वेतन से एक करोड़ रुपए अधिक होगा. आश्चर्यजनक रूप से अनिल कुंबल  भी उतने ही वेतन की मांग कर रहे थे, जितना अब शास्त्री को दिया जाएगा. और इस बढ़े हुए वेतन पर बीसीसीआई के आला अधिकारी शास्त्री के वेतन को लेकर आपस में सहमत थे. 

8 करोड़ की सैलरी, फिर भी टॉप CEO से पिछड़े टीम इंडिया के हेड रवि शास्त्री
इन कंपनियों के सीईओ से सैलरी के मामले में पीछे हैं रवि शास्त्री

नई दिल्ली : रवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख कोच बन गए हैं. उनके सहायकों के रूप में संजय बांगड़ को बल्लेबाजी कोच, भरत अरुण गेंदबाजी, श्रीधर फील्डिंग कोच बनाये गए हैं. शास्त्री को आठ करोड़ रुपये सालाना का वेतन मिलेगा. यह वेतन पूर्व कोच अनिल कुंबले के वेतन से एक करोड़ रुपए अधिक होगा. आश्चर्यजनक रूप से अनिल कुंबल  भी उतने ही वेतन की मांग कर रहे थे, जितना अब शास्त्री को दिया जाएगा. और इस बढ़े हुए वेतन पर बीसीसीआई के आला अधिकारी शास्त्री के वेतन को लेकर आपस में सहमत थे. 

भरत अरुण, श्रीधर और संजय बांगड़ को दो से तीन करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद हैं. लेकिन आठ करोड़ रुपए सालाना का वेतन लेने के बावजूद रवि शास्त्री विभिन्न कंपनियों के टॉप सीईओ से तनख्वाह के मामले में काफी पीछे दिखाई पड़ते हैं.
 
गौरतलब है कि प्राइवेट सेक्टर में पिछले दो सालों में सीईओ की सैलरी लगभग दोगुनी हो गई है. दो साल पहले तक बड़ी कंपनियों के सीईओ दस करोड़ रुपए ले रहे थे, जो अब बढ़कर सालाना 20 करोड़ हो गया है. भारत में टॉप प्राइवेट कंपनियों के सीईओ की सैलरी औसतन 25-30 लाख रुपए प्रतिवर्ष है.

प्राइवेट सेक्टर की बड़ी कंपनियों के सीईओ की सैलरी बेहद ज्यादा है. एल एंड टी के एएम  नायक को 66.14 करोड़, इन्फोसिस के विशाल टिक्का को 4.73 करोड़ और लुपिन के देश बंधु गुप्त को 44.8 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष मिलते हैं. लेकिन बैंकिंग सेक्टर में यह काफी कम है. एक्सिस बैंक की शिखा शर्मा को 5.5 करोड़, एचडीएफसी बैंक के आदित्य पुरी को 9.7 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष मिलते सेनसेक्स कंपनियों के सीईओ की सैलरी 2013-14 में औसतन 9.9 करोड़ थी, 2012-13 में यह 8.5 करोड़ थी. 

रिलायंस कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी 15 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष ले रहे हैं, जबकि औतम अडानी, अडानी पोर्टस एंड सेज में इसी पद पर रहते हुए महज 2.8 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष लेते हैं. इसी कंपनी में होल टाइम डायरेक्टर मलय महादेविया को 10.7 करोड़ मिल रहे हैं. बजाज आटो के चेयरमैन राहुल बजाज को 11.3 करोड़, उनके बेटे राजीव बजाज को 22.32 करोड़ और कंपनी के वाइस चेयरमैन मधुर बजाज को 8.5 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष मिलते हैं. 

टाटा मोटर के नयनियुक्त सीईओ और एमडी गुंटर बुटशेक को 5.04 करोड़ को डेढ़ माह में ही मिले. उनका औसत सालाना पैकेज 27.24 करोड़ का होगा. महिंद्रा एंड महिंद्रा के मुखिया आनंद महिंद्र को 6.58 करोड़, जबकि एक्जीक्यूटिव डायरेक्ट पवन गोयनका को 11.6 करोड़ प्रतिवर्ष मिलता है. एचयूएल के सीईओ संजीव मेहता को सालाना 13.87 करोड़ रुपए मिल रहे हैं. 

टीसीएस के चंद्रशेखरन को 25.6 करोड़ रुपए सालाना मिल रहे हैं. लेकिन विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमेजी 2.17 करोड़ रुपए सालाना पर हैं और उनके बेटे रिषभ को 2.15 करोड़ रुपये मिल रहे हैं. भारती एयरटेल के चेयरमेन सुनील मिततल सालाना 27.8 करोड़ रुपए, और इसी कंपनी के भारत और दक्षिण एशिया के एमडी और सीईओ गोपाल मित्तल को 10.4 करोड़ प्रतिवर्ष.

बेशक कंपनियों के सीईओ और एक क्रिकेट टीम के कोच की सैलरी के बीच किसी तरह की तुलना संभव नहीं है. लेकिन बीसीसीआई दुनिया का सबसे धनी बोर्ड माना जाता है. बोर्ड के अधिकारियों की कमाई का ग्राफ देख और जानकर कोई भी चौंक सकता है. ऐसे में कोच रवि शास्त्री की सैलरी की तुलना बड़ी कंपनियों के सीईओ से की जा रही है.