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रवि शास्त्री ने खोला 'विराट' सफलता का राज, महज 5 विकेट लेने वाले पूर्व क्रिकेटर को दिया श्रेय

टीम इंडिया की गेंदबाजी पर शास्त्री ने कहा कि भरत अरुण इन युवा खिलाड़ियों के साथ काफी लंबे समय से जुड़े हैं. कुलदीप यादव को देखिए. अरुण कुलदीप को तब से मॉनिटर कर रहा है, जब वह अंडर 16 में खेला करता था. कुछ अन्य गेंदबाजों के साथ भी अरुण लंबे समय से जुड़े हैं.

रवि शास्त्री ने खोला 'विराट' सफलता का राज, महज 5 विकेट लेने वाले पूर्व क्रिकेटर को दिया श्रेय
साहा, पांड्या और कुलदीप के शानदार प्रदर्शन का कोच शास्त्री ने किसको दिया श्रेय?

नई दिल्ली : भारत और श्रीलंका के बीच मंगलवार को समाप्त हुई तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान टीम इंडिया ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. तीसरा एवं अन्तिम टेस्ट मैच जीतने के साथ ही भारत ने श्रीलंका के खिलाफ अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज करने और पहली बार विदेशी जमीन पर 3-0 की क्लीन स्वीप दर्ज करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया. भारत ने श्रीलंका को तीसरे और अंतिम टेस्ट के तीसरे ही दिन सोमवार को पारी और 171 रन के बड़े अंतर से हरा दिया. भारत की अपने टेस्ट इतिहास की यह चौथी सबसे बड़ी जीत और श्रीलंका के खिलाफ सबसे बड़ी जीत है. भारत ने इससे पहले श्रीलंका को कानपुर में नवंबर 2009 में पारी और 144 रन से हराया था.

श्रीलंका में 11 ले भी कम दिनों में 3-0 से टेस्ट श्रंखला जीतने के बाद भारतीय कैंप में खुशी की लहर है. टीम के प्रमुख कोच रवि शास्त्री भी इस जीत से खासे खुश हैं और टीम इंडिया के आगे के रोडमैप, क्रिकेटर्स के साथ उनकी कैमिस्ट्री के बारे में उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया. 

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कोच शास्त्री ने विराट सेना की जमकर तारीफ की. शास्त्री ने कहा कि, याद कीजिए, श्रीलंका अपने घर पर इस तरह कब हारा था? मुझे इंतजार करना होगा कि भविष्य में कौन सी और टीम श्रीलंका की इस टीम को इस तरह हरा पाती है. मेरे लिए महत्वपूर्ण है कि किस तरह उसने लंका में अपनी श्रेष्ठता साबित की है. भारतीय टीम द्वारा यहां बनाया गया सबसे कम स्कोर 487 है. इसमें यदि 100 रन और जोड़ दिए जाएं तो श्रीलंका ने तीनों टेस्ट मैचों में इतने रन बनाए हैं. इससे भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में श्रेष्ठता साबित होती है.

भारत दोबारा कब इस तरह जीत पायेगा? इस सवाल के जवाब में शास्त्री ने कहा, मैं हमेशा से मानता हूं कि हार और जीत खेल का हिस्सा है. यदि भारतीय टीम एक मैच हार भी जाती तो मुझे यही लगता कि टीम इंडिया ने अपने सर्वश्रेष्ठ दिया है. मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं होती. मेरे लिए अनुशासित नजरिया अहम है. मिसाल के तौर पर इस सीरीज को देखिए. हमारे गेंदबाजों ने दूसरे टेस्ट में दो नो गेंद हार्दिक ने और एक तीसरे टेस्ट मैच में शमी ने फेंकी. यानी हमारे गेंदबाज कहीं भी कमजोर नहीं पड़े. हमने कितने कैच ड्रॉप किए? दो? हमें दरअसल ऐसी ही टीम बनानी है. अंत में जो चीज काउंट करती है वह है टीम के प्रयास. यदि हमें बड़े परिदृश्य में देखना है, तो हमें स्कोरबोर्ड से आगे जाकर सोचना होगा.

जमकर की भरत अरुण की तारीफ 
 
टीम इंडिया की गेंदबाजी पर शास्त्री ने कहा कि भरत अरुण इन युवा खिलाड़ियों के साथ काफी लंबे समय से जुड़े हैं. कुलदीप यादव को देखिए. अरुण कुलदीप को तब से मॉनिटर कर रहा है, जब वह अंडर 16 में खेला करता था. कुछ अन्य गेंदबाजों के साथ भी अरुण लंबे समय से जुड़े हैं. मेरा कहने का मतलब है कि खिलाड़ी और अरुण एक दूसरे के खले से अच्छी तरह वाकिफ हैं, इसलिए एक दूसरे की मदद कर पाते हैं. हम कुलदीप यादव को हमेशा ही एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में देखते हैं जिसमें बहुत पोटेंशियल है, लेकिन उस पोटेंशियल को बाहर लाना जरूरी है. टेस्ट टीम ही नहीं हमें वन डे को भी इसी तरह देखना होगा. अब हमारे पास बुमराह और अक्षर पटेल होंगे. ये भी भरत अरुण के साथ काफी रहे हैं.  

हार्दिक पांड्या के शास्त्री ने कहा कि वह अभी टेस्ट क्रिकेट के लिए नया है, लेकिन उसने दिखाया कि वह चीजों को कितनी जल्दी सीखता है. जैसा कि विराट ने कहा, वह इस सीरीज की सकारात्मक उपलब्धि है. योजना के अनुसार दिन की शुरुआत में हार्दिक भरत अरुण के साथ कटर्स पर काम कर रहा था. वह लगातार इसके प्रयास करता रहा. इसके लिए जिस आत्मविश्वास की जरूरत है वह हार्दिक ने दिखाया. यदि आप दो पेसरों-उमेश यादव और शमी के साथ उतरते हैं तो हार्दिक टीम में एक बैलेंस लाता है. जिस तरह का सरफेस हमें मिला उस पर पूरे दिन 141-145 की गति पर गेंदबाजी करना आसान नहीं है. मैच के दूसरे दिन उन्हें गेंदबाजी करते देखना काफी संतोषजनक था. यह देखते हुए कि पिच से उन्हों कोई मदद नहीं मिल रही है. 

जो फिट होगा वही 2019 के वर्ल्ड कप में रहेगा 

कोच रवि शास्त्री ने आगे कहा कि निश्चित रूप से 2019 के विश्व कप में जब भारतीय टीम फील्डिंग करेगी तो मैं चाहता हूं कि टीम इंडिया की फील्डिंग सर्वश्रेष्ठ हो. टीम में वही खिलाड़ी रहेगा जो पूरी तरह फिट है. 

क्या टीम आप पर पूरा विश्वास करती है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, इसका जवाब तो खिलाड़ी ही दे सतके हैं. 35 साल के क्रिकेटर, कमेंटेटर करियर के बाद मुझे एक जिम्मेदारी दी गई है, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं. मैं इतना जानता हूं कि किसी भी खिलाड़ी को कोई परेशानी हो तो वह सीधे आकर मुझसे बात कर सकता है, और यह आपसी विश्वास से ही पैदा होता है. इसके बावजूद में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करता. हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझता है और उसे पूरा करता है. मेरा काम है यह देखना कि सब कुछ टीम के हित में हो रहा है या नहीं. 

उन्होंने आगे कहा कि, किसी के बारे में कहे गए अच्छे शब्द केवल उसका दिन ही बना देते बल्कि उसके भीतर एक आत्मविश्वास भी पैदा करते हैं. इसके वह और बेहतर करने के लिए प्रेरित होता है. किसी इंटरनेशनल टीम को कोचिंग करने को लेकर बहुत कुछ कहा गया है. टीम इंडिया दबाव और चुनौतियों को झेलना पसंद करती है, लेकिन सिनिसिज्म खुशी को खत्म कर देता है. मैं इस तरह का व्यक्ति नहीं हूं. मैं गिलास हमेशा आधा भरा देखता हूं, ना कि आधा खाली. 

कैप्टन ही लीडर होता है और कोच केवल उसकी भूमिका का एक्सटेंशन

आप हमेशा कहते हैं कि यह विराट की टीम है और आप बस इसका विस्तार हैं? इस पर उन्होंने कहा कि, मैंने हमेशा इसे बनाए रखा. तब से जब विराट कोहली ने टीम इंडिया की कप्तानी संभाली थी. वास्तव में यह धोनी की टीम थी, लेकिन विराट ने कुछ खिलाड़ी तैयार किए जो आज अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं. कैप्टन ही लीडर होता है और कोच केवल उसकी भूमिका का एक्सटेंशन है. यानी यह कोच की जिम्मेदारी है कि यह सुनिश्चित करे कि सब कुछ कायदे से चल रहा है और अंत में यह कप्तान की जिम्मेदारी होती है कि मैदान पर अच्छा परफॉर्म करें. यही सिद्धांत है जिसके अनुसार मैं काम करता हूं. 

ऋद्धिमान साहा के लिए उन्होंने कहा कि वे सचमुच शानदार खिलाड़ी हैं, विकेटकीपिंग हो बल्लेबाजी या कैचिंग. वह सालों घरेलू क्रिकेट में अच्छा परफॉर्म करते रहे हैं, उनकी कड़ी मेहनत ही है जो मैदान पर दिखाई पड़ती है. उनके भीतर आत्मविश्वास बहुत बढ़ा है, वह धोनी के नक्शे कदम पर चला रहा है. जिस तरह वह काम कर रहा है, एक दिन वह विश्व का नंबर एक विकेटकीपर होगा. 

टीम इंडिया की बल्लेबाजी शानदार

ईमानदारी से कहूं तो टीम इंडिया की बल्लेबाजी बेहद अच्छी है. शिखर धवन गेंद को सही खेल रहे हैं. उसने इस सीरीज में दो शतक बनाए. चेतेश्वर पुजारा जिस तरह की बल्लेबाजी कर रहे हैं वह किसी भी खिलाड़ी के लिए ड्रीम हो सकता है. हार्दिक की बल्लेबाजी ने टीम को एक नई ताकत दी है. इस श्रंखला में पांच बल्लेबाजों ने शतक और 10 खिलाड़ियों ने अर्धशतक बनाए. किसी भी टीम के लिए ऐसा पहली बार हो रहा है. फिर भी मैं नंबरों में यकीन नहीं रखता. 

आने वाले समय में टीम इंडिया को कुछ कठिन सीरीज खेलनी हैं, और वर्ल्ड कप 2019 भी आने वाला है, टीम की क्या प्राथमिकताएं हैं? इस पर शास्त्री ने कहा कि, विश्व कप का अपना स्थान है, इसका सम्मान किया जाना चाहिए. उसमें लक्ष्य स्पष्ट रहता है. लेकिन तथ्य यह है कि भारत को खेल में अपनी वास्तविक क्षमता दिखनी है तो टेस्ट क्रिकेट में परिणाम हासिल करना पहली प्राथमिकता है. वर्ल्ड कप और टेस्ट क्रिकेट दोनों के लक्ष्य अलग अलग हैं. आप देखिए इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश कैसे इस खेल को लेते हैं. विश्व कप हर चार साल में आता है. इसके लिए हमें एक वैश्विक नजरिया अपनाना होगा, लेकिन टीम इंडिया टेस्ट में भी अपनी अहमियत साबित करनी होगी.