VIDEO : ये है रोजर फेडरर के विंबलडन कप का सबसे बेहतरीन लम्हा

स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस स्टार रोजर फेडरर ने रविवार (16 जुलाई) को क्रोएशिया के मारिन सिलिक को आसानी से हराते हुए साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम-विंबलडन का पुरुष एकल खिताब जीत लिया. ऑल इंग्लैंड क्लब में फेडरर की यह रिकॉर्ड आठवीं खिताबी जीत है. 

VIDEO : ये है रोजर फेडरर के विंबलडन कप का सबसे बेहतरीन लम्हा
2003 में पहला विंबलडन कप जीतकर भी रोए थे रोजर फेडरर (PIC : TWITTER)

नई दिल्ली : स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस स्टार रोजर फेडरर ने रविवार (16 जुलाई) को क्रोएशिया के मारिन सिलिक को आसानी से हराते हुए साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम-विंबलडन का पुरुष एकल खिताब जीत लिया. ऑल इंग्लैंड क्लब में फेडरर की यह रिकॉर्ड आठवीं खिताबी जीत है. 

इसके साथ ही फेडरर ने ओपन एरा में पीट सैंप्रास और ओवरऑल ब्रिटेन के महान खिलाड़ी विलियम रेनशॉ के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया. सैंप्रास और रेनशॉ के नाम सात-सात बार विंबलडन जीतने का रिकॉर्ड है.अपने दूसरे ग्रैंड स्लैम और पहले विंबलडन खिताब के लिए प्रयासरत सिलिक की फेडरर के सामने एक नहीं चली. अपने करियर का 19वां ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम करने की दिशा में फेडरर ने 2014 में जापान के केई निशिकोरी को हराकर अमेरिकी ओपन जीत चुके सिलिक को 6-3, 6-1, 6-4 से हराया. 

यह फेडरर का 19वां ग्रैंड स्लैम खिताब है और सर्वाधिक ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के मामले में वह स्पेन के राफेल नडाल (15 खिताब) से चार खिताब आगे निकल आए हैं. फेडरर ने ओपन एरा में सर्वाधिक आयु में विंबलडन खिताब जीतने का रिकॉर्ड भी कायम किया. उन्होंने 35 साल 342 दिन की आयु में यह खिताब जीता है. फेडरर ने आर्थर ऐश के रिकॉर्ड को तोड़ा जो 1976 में खिताबी जीत के दौरान लगभग 32 साल के थे.

इस जीत के साथ ही फेडरर ने बताया कि विंबलडन में उनके लिए सबसे यादगार लम्हा कौन सा रहा है. विंबलडन के सबसे यादगार पल को याद करते हुए फेडरर कहते हैं कि 2003 में जीता पहला विंबलडन कप उनके लिए सबसे यादगार रहा है. 

बता दें कि 2003 में स्विट्जरलैंड के सुपरस्टार रोजर फेडर ने ऑस्ट्रेलिया के मार्क फिलिपिओसिस को हराकर पहला विंबलडन खिताब अपने नाम किया था. जैसे ही फेडरर ने अपने जीवन का पहला विंबलडन जीता वो रोने लगे. वैसे ये पहला मौका था जब वे जीत कर रोए थे. वरना बचपन में फेडरर हारने के बाद हमेशा रोते थे.

बता दें कि उन्होंने आठ साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरू किया था. फेडरर बचपन में मैच हारने के बाद अंपायर की कुर्सी के पीछे जाकर छिप जाते थे. फेडरर जिस दिन मैच हारते थे, वे अपने माता-पिता के साथ भी नाराज होकर ही कार में बैठते थे. 

1988 के विंबलडन के फाइनल को याद करते हुए एक इंटरव्यू में फेडरर ने बताया था कि वह मुकाबला बोरिस बेकर और स्टीफन एडबर्ग के बीच चल रहा था. टीवी के सामने सात साल का नन्हा फेडरर बैठा था. जैसे ही उसका रोल मॉडल बोरिस बेकर हारा, फेडरर फूट-फूटकर रो पड़ा. वे इतने लंबे करियर के बाद आज भी कई बार कोर्ट पर रो देते हैं. वे कहते हैं- मैं अपने इमोशन्स को कंट्रोल नहीं कर पाता हूं.