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पोषक आहार में प्रतिबंधित दवाईयों का होना चिंता का विषय : गोयल

पोषक आहार में प्रतिबंधित दवाईयों का होना चिंता का विषय : गोयल
पोषक आहार में प्रतिबंधित दवाईयों का होना चिंता का विषय : गोयल (file pic)

नई दिल्लीः  खेल मंत्री विजय गोयल ने गुरुवार को कहा कि प्रतिबंधित दवाईयों वाले पोषक आहार का आयात और बिक््री उनके मंत्रालय के लिये चिंता का विषय है और डोपिंग के अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्वाई करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी. गोयल ने यहां 'खेलों में पोषक पूरक आहार ' विषय पर सम्मेलन का उदघाटन करने के बाद अब खिलाड़ियों को सुरक्षित और अच्छे पोषक पदार्थ मुहैया कराने का समय आ गया है.

केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा, "निम्न स्तर के प्रतिबंधित दवाईयों से युक्त पूरक पोषक आहार चिंता का विषय है क्योंकि खिलाड़ी उनका उपयोग करके डोपिंग रोधी संहिता के तह फंस जाते हैं. इसलिए जो पूरक आहार विदेशों से आते हैं उनकी जांच होनी चाहिए और यह पदार्थ डोपिंग फ्री हैं इसकी जानकारी उनके उत्पाद पर होनी चाहिए." गोयल ने कहा "इसको लेकर एक समिति का गठन किया जाना चाहिए जो यह तय करे कि आयात कितना ज़रूरी है और क्या हम भारत में ही खिलाड़ियों के लिए पोषक आहार और सप्लीमेंट तैयार कर सकते हैं. "उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में खेलों को डोप मुक्त बनाने और विशुद्ध खेल भावना विकसित करने की दिशा में उनका मंत्रालय की राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी : नाडा : गंभीर और सार्थक प्रयास कर रही है.

गोयल ने कहा, "स्वस्थ खेल भावना को प्रोत्साहित करने के लिए खेल मंत्रालय प्रतिबद्ध है. डोपिंग के खिलाफ जागरूकता लाने के लिए नाडा और फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथोरिटी को कड़े नियम बनाने चाहिए. "उन्होंने कहा, "विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी वाड़ा की प्रतिबंधित सूची में हर साल बदलाव होते हैं इन नियमों की जानकारी खेल संस्थानों, महासंघों, कोच और खिलाड़ियों को नियमित रूप से दी जानी चाहिए. भारतीय खेल प्राधिकरण और खेल महासंघों की एंटी डोपिंग में अहम भूमिका होनी चाहिए. "