खेल मंत्रालय को सुशील कुमार, स्वप्ना बर्मन से मेडल की उम्मीद नहीं, टॉप्स से बाहर किया

सुशील और स्वप्ना को खेल मंत्रालय की टॉप्स की नवीनतम सूची से बाहर कर दिया गया है. इससे लगता है कि मंत्रालय को उनसे ओलंपिक मेडल की उम्मी नहीं हैं.

खेल मंत्रालय को सुशील कुमार, स्वप्ना बर्मन से मेडल की उम्मीद नहीं, टॉप्स से बाहर किया
सुशील और स्वपना बर्मन के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद ही उन्हें वापस टॉप्स में जगह मिलेगी. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: खेल मंत्रालय ने लक्ष्य ओलंपिक पोडियम कार्यक्रम (टॉप्स) की ताजा सूची जारी कर दी है. इस सूची में भारत के दो अहम खिलाड़ियों के नाम नहीं हैं. मंत्रालय को उनसे टोक्यों ओलंपिक में पदक की उम्मीदें नहीं हैं. मंत्रालय ने ओलंपिक में दो बार के पदक विजेता सुशील कुमार और एशियाई खेलों में हेप्टाथलन में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली एथलीट स्वप्ना बर्मन को गुरुवार को लक्ष्य ओलंपिक पोडियम कार्यक्रम (टॉप्स) की सूची हटा दिया गया. नई सूची को तोक्यो ओलंपिक 2020 को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

बीजिंग ओलंपिक 2008 में कांस्य और लंदन ओलंपिक 2012 में 66 किग्रा में रजत पदक जीतने वाले सुशील इस साल जकार्ता एशियाई खेलों में 74 किग्रा में अपने पहले क्वालीफाइंग मुकाबले में हार गये थे और यह परिणाम उनके पक्ष में नहीं गया. सुशील के अलावा जिस अन्य महत्वपूर्ण खिलाड़ी को टॉप्स से बाहर किया गया है वह एशियाई खेलों में इतिहास रचने वाले स्वप्ना बर्मन है. सुशील और स्वप्ना दोनों के प्रदर्शन में समीक्षा होगी जिसके बाद ही उनकी वापसी पर विचार होगा. 

एथलेटिक्स, कुश्ती और भारत्तोलन की समीक्षा
ओलंपिक 2020 और 2024 को ध्यान में रखते हुए सरकार के मिशन ओलंपिक विभाग ने गुरुवार को तीन खेलों - एथलेटिक्स, कुश्ती और भारोत्तोलन की समीक्षा की. 
एथलेटिक्स में खिलाड़ियों की संख्या 31 से घटाकर दस कर दी गयी है जिसमें त्रिकूद के एथलीट अरपिंदर सिंह और स्टीपलचेजर अविनाश साबले के रूप में दो नये चेहरे शामिल हैं. नीरज चोपड़ा, सीमा पूनिया, मोहम्मद अनस, हिमा दास, अयासामी धारुण, जिन्सन जॉनसन अैर श्रीशंकर मुरली को सूची में बरकरार रखा गया है. 

इनके अलावा स्वप्ना, मनजीत सिंह (पुरूषों की 800 मीटर और 1500 मीटर दौड़), तेजस्विन शंकर (पुरूषों ऊंची कूद), गेवित मुरली (पुरूषों की 10,000 मीटर दौड), और बेअंत सिंह (पुरूषों की 800 मीटर दौड़) के अप्रैल 2019 में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी. 

कुश्ती में हैं केवल दस पहलवान
कुश्ती में भी दस पहलवानों को जगह मिली है जिनमें उत्कर्ष काले (पुरूष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल), दीपक पूनिया (पुरूष 86 किग्रा फ्रीस्टाइल), दिव्या काकरान ((महिला 68 किग्रा फ्रीस्टाइल) और सजन (पुरूष 66 किग्रा ग्रीको रोमन) नये चेहरे हैं. जिन पहलवानों को सूची में बनाये रखा गया है उनमें साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट भी शामिल हैं. इनके अलावा नवीन (पुरूष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल) और विजय (पुरूष 60 किग्रा ग्रीको रोमन) को 2024 के ओलंपिक के लिये ‘डेवलपमेंट ग्रुप’ में रखा गया है. 

भारत्तोलन में किया यह बदलाव
भारोत्तोलन में रेगाला वेंकट राहुल (पुरूष 96 किग्रा) को सूची में शामिल किया गया है जबकि विश्व चैंपियन मीराबाई चानू (महिला 49 किग्रा) को बरकरार रखा गया है. 
प्रदीप सिंह (105 किग्रा) और राखी हल्दर (63 किग्रा) को सूची से बाहर कर दिया गया है. अचिंता सेयुली ((पुरूष 77 किग्रा), झिली डालबेहड़ा (महिला 49 किग्रा) और जेरेमी लालरिंगुआ (पुरूष 67 किग्रा) को 2024 के ओलंपिक के लिए ‘डेवलपमेंट ग्रुप’ में रखा गया है.

सुशील पर यह धारणा है साई की
साई के एक अधिकारी ने संकेत दिये कि अगर सुशील नए भार वर्ग में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो उनकी टॉप्स में वापसी करने की संभावना समाप्त हो जाएगी. उन्होंने इसके साथ ही कहा कि स्वप्ना को इसलिए टॉप्स में नहीं रखा गया क्योंकि एशियाई खेलों में हेप्टाथलन का स्तर विश्व स्तर के करीब भी नहीं है. 

सुशील नए वजन के वर्ग में आ गए हैं अब
अधिकारी ने कहा, ‘‘टॉप्स की पूर्व की सूची एशियाई खेलों तक थी और अब हमने तीन खेलों की उनके महासंघों के साथ मिलकर समीक्षा की. सभी फैसले 2020 और 2024 ओलंपिक को ध्यान में रखकर किए गए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सुशील 74 किग्रा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. ओलंपिक में उन्होंने 66 किग्रा में पदक जीते हैं. जब तक वह आमूलचूल सुधार करके अच्छे परिणाम हासिल नहीं करते तब तक उनके लिये सूची में वापसी करना मुश्किल होगा.’’ 

एथलेटिक्स, कुश्ती और भारोत्तोलन में संशोधित सूची इस प्रकार है : 
एथलेटिक्स: नीरज चोपड़ा (पुरुषों की भाला फेंक), तेजिंदर तूर (पुरुषों की गोला फेंक), सीमा पूनिया (महिला चक्का फेंक), अरपिंदर सिंह (पुरुष त्रिकूद), मोहम्मद अनस (पुरुषों की 400 मीटर), हिमा दास (महिला 400 मीटर), अय्यामी धारुण (पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़), जिन्सन जॉनसन (पुरुषों की 800 मीटर और 1500 मीटर), श्रीशंकर मुरली (पुरुषों की लंबी कूद), अविनाश सेबल (पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़).

कुश्ती: संदीप तोमर (पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल), उत्कर्ष काले (पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल), बजरंग पूनिया (पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल), दीपक पूनिया (पुरुषों की 86 किग्रा फ्रीस्टाइल), विनेश फोगाट (महिला 50/53 किग्रा फ्रीस्टाइल), रितु फोगाट (महिला 50 / 53 किलो फ्रीस्टाइल), पूजा ढांडा (महिलाओं की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल), साक्षी मलिक (201 9 में एशियाई चैम्पियनशिप तक महिलाओं की 62 किग्रा फ्रीस्टाइल), दिव्या काकरान (महिला 68 किलो फ्रीस्टाइल), साजन (पुरुषों का ग्रीको-रोमन 77 किलो).

भारोत्तोलन : रागला वेंकट राहुल (पुरुष 96 किलो), मीराबाई चानू (महिला 49 किलो).