सैयद मोदी टूर्नामेंट: पूर्व विजेता पीवी सिंधु ने लिया नाम वापस, बताई यह वजह

पीवी सिंधु अपना ध्यान अगले महीने चीन में होने वाले बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल पर केंद्रित करना चाहती हैं. 

सैयद मोदी टूर्नामेंट: पूर्व विजेता पीवी सिंधु ने लिया नाम वापस, बताई यह वजह
पीवी सिंधु के सैयद मोदी टूर्नामेंट ने खेलने से प्रशंसकों में निराशा है. (फोटो: PTI)

लखनऊ: सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय विश्व टूर सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट मंगलवार से शुरू हो रहा है. इस में साइना नेहवाल और किदाम्बी श्रीकांत जैसे सितारे अपने हुनर का जलवा दिखाएंगे जबकि पिछली चैम्पियन पी वी सिंधु इस बार नहीं खेल रही है. मौजूदा चैंपियन पी वी सिंधु ने अगले महीने चीन में होने वाले बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल पर ध्यान देने के लिए इस टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया है. 

23 वर्षीय सिंधु 1,500,000 डालर इनामी बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल के लिये क्वालीफाई करने के लिये ‘रेस ऑफ ग्वांग्झू’ में पांचवें नंबर है. चीन के शहर ग्वांग्झू में यह टूर्नामेंट 12 से 16 दिसंबर के बीच होगा. 

इस वजह से हटीं सिंधु
सिंधु के पिता पी वी रमन्ना ने कहा, ‘‘सिंधु ने भारतीय बैडमिंटन संघ (बाइ) को सैयद मोदी टूर्नामेंट से हटने की अनुमति प्रदान करने के लिये लिखा है ताकि वह दिसंबर में होने वाले विश्व टूर फाइनल्स पर ध्यान केंद्रित कर सके.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सिंधु ने आयोजकों और राष्ट्रीय कोच पी गोपीचंद को भी सूचित कर दिया है. विश्व टूर प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है और पदक जीतने के लिये सिंधु की फार्म चरम पर होनी चाहिए. अच्छी तरह से तैयार होने के लिये कम से कम 20 दिन का समय चाहिए. ’’ 

यह वरीयता दी गई सिंधु और साइना को
लखनऊ स्थित बाबू बनारसी दास बैडमिंटन एकेडमी में खेली जाने वाली डेढ़ लाख डॉलर इनामी राशि वाली इस एचएसबीसी वर्ल्ड टूर सुपर 300 चैम्पियनशिप में आस्ट्रेलिया, जापान और स्वीडन के वरीय खिलाड़ी पहली बार खेलते नजर आएंगे.उत्तर प्रदेश बैडमिंटन संघ के महासचिव अरुण कक्कड़ ने बताया कि टूर्नामेंट में रियो ओलम्पिक रजत पदक विजेता दुनिया की चौथे नम्बर की खिलाड़ी पी. वी. सिंधु को प्रथम और लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाली विश्व की नौवें नम्बर की शटलर साइना को दूसरी वरीयता दी गई थी.

 इससे उन बैडमिंटन प्रेमियों को निराशा हाथ लग सकती है जो इस टूर्नामेंट में साइना और सिंधु की खिताबी जंग की उम्मीद कर रहे थे. उन्होंने बताया कि पुरुष वर्ग में विश्व रैंकिंग में आठवें नम्बर के खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत को पहली और एच. एस. प्रणय को दूसरी वरीयता दी गयी है. गत चैम्पियन समीर वर्मा भी खिताब बचाने के लिये उतरेंगे. 

20 देशों के खिलाड़ी 
कक्कड़ ने बताया कि टूर्नामेंट में मेजबान भारत के साथ-साथ आस्ट्रेलिया, चीन, डेनमार्क, इंग्लैंड, इजरायल, जापान, मलेशिया, मॉरीशस, पैराग्वे, थाईलैंड और अमेरिका समेत 20 देशों के 250 से ज्यादा खिलाड़ी जोर आजमाइश करेंगे. टूर्नामेंट में क्वालीफाइंग मुकाबले 20 नवम्बर से खेले जाएंगे, जबकि मुख्य ड्रा के मुकाबले अगले दिन शुरू होंगे. विभिन्न स्पर्धाओं के सेमीफाइनल मुकाबले 24 नवम्बर को होंगे, वहीं फाइनल 25 नवम्बर को खेले जाएंगे.

इतना खास है यह टूर्नामेंट
सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय ग्रां प्री को भारत में खेले जाने वाले विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) के प्रमुख टूर्नामेंट में शुमार किया जाता है. वर्ष 1991 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट को वर्ष 2003 तक राष्ट्रीय स्तर की चैम्पियनशिप के तौर पर खेला जाता था. वर्ष 2004 में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर प्रदान किया गया. वर्ष 2011 में इसे बीडब्ल्यूएफ ग्रां प्री गोल्ड टूर्नामेंट का दर्जा मिला. 

पिछली बार सिंधु और समीर ने जीता था खिताब
इस टूर्नामेंट का नामकरण वर्ष 1982 में राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष एकल स्पर्धा के विजेता सैयद मोदी के नाम पर हुआ था. वर्ष 2017 में आयोजित इस ग्रां प्री में भारत के समीर वर्मा ने पुरुष एकल वर्ग का और महिला वर्ग में पी.वी. सिंधु ने खिताब जीता था. पिछले टूर्नामेंट में साइना नेहवाल को चोट की वजह से नाम वापस लेना पड़ा था.

समीर की निगाह है दोनों टू्र्नामेंट पर
मौजूदा चैंपियन समीर वर्मा की निगाहें सैयद मोदी विश्व टूर सुपर 300 टूर्नामेंट में अपने खिताब का बचाव करने और अगले महीने चीन में होने वाले बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स के लिये क्वालीफाई करने पर टिकी हैं. धार के रहने वाले 24 वर्षीय समीर ‘रेस ऑफ ग्वांग्झू’ रैकिंग में 12वें स्थान पर हैं और उन्हें साल के आखिरी और 1,500,000 डालर के टूर्नामेंट के लिये क्वालीफाई करने के लिये शीर्ष आठ में जगह बनानी होगी. 

समीर ने कहा, ‘‘मैं मौजूदा चैंपियन होने के बारे में नहीं सोच रहा हूं. इससे दबाव बढ़ेगा. मैं अपनी पूरी क्षमता से टूर्नामेंट में खेलना चाहता हूं. परिणाम मेरे हाथ में नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर मैं खिताब बरकरार रखना चाहूंगा और अगर मैं ऐसा करने में सफल रहता हूं तो मेरे पास विश्व टूर फाइनल्स के लिये क्वालीफाई करने का मौका रहेगा. इसलिए मैं इस बारे में ज्यादा नहीं सोच रहा हूं लेकिन यह मेरा लक्ष्य है.’’ 

(इनपुट भाषा/आईएएनएस)