जिस स्वप्ना बर्मन ने इंडोनेशिया में गोल्ड जीता, उसे कभी दोस्तों ने भी नकार दिया था

स्वप्ना बर्मन ने बताया, 'एशियन गेम्स से पहले मुझे चोट लग गई थी. तब मेरे दोस्त कहते थे कि इसको लेकर जाएंगे तो क्या मिलेगा? ये पदक ला सकती है क्या?

जिस स्वप्ना बर्मन ने इंडोनेशिया में गोल्ड जीता, उसे कभी दोस्तों ने भी नकार दिया था
पश्चिम बंगाल की स्वप्ना बर्मन ने एशियन गेम्स में 29 अगस्त को हेप्टाथलॉन में गोल्ड जीता था. (फोटो: PTI)

नई दिल्ली : स्वप्ना बर्मन. एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद यह नाम घर-घर तक पहुंच गया है. लोग स्वप्ना बर्मन का नाम लेते हुए गर्व महसूस करते हैं. लेकिन एक वक्त ऐसा भी था, जब लोग तो दूर, स्वप्ना के दोस्तों को भी उन पर भरोसा नहीं था. तब दर्द से परेशान स्वप्ना को इन लोगों के ताने भी झेलने पड़ रहे थे. 

पश्चिम बंगाल की स्वप्ना बर्मन ने 29 अगस्त को हेप्टाथलॉन में गोल्ड जीता. वे एशियन गेम्स में यह मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं. गोल्ड जीतते ही जलपाईगुड़ी की स्वप्ना देशभर में छा गईं. राज्य सरकार ने नौकरी और नगद इनाम का ऐलान कर दिया. लेकिन यह जीत के बाद का दृश्य है. सिर्फ एक महीने पहले तक, जब उनके नाम यह गोल्ड मेडल नहीं था, तब दोस्त भी उन पर भरोसा नहीं कर रहे थे. 

मुझे इनाम में मिले कम रकम से शिकायत नहीं
22 साल की स्वप्ना ने बताया, 'मैं अपनी तैयारी के दिनों से नकारात्मक लोगों से घिरी थी. मेरे दोस्तों तक ने मुझे नकार दिया था. मैंने सबको गलत साबित किया. मैं अब खुश हूं. सरकार ने मुझे नौकरी और 10 लाख रुपए देने का ऐलान किया है, यह मुझे मीडिया के ही माध्यम से पता चला. लोग यह भी कह रहे हैं कि यह रकम कम है, लेकिन मुझे किसी से शिकायत नहीं।. मैं इससे खुश हूं.' स्वप्ना रिक्शा चालक की बेटी हैं. 

दोस्त ताने देते- ये पदक लाएगी क्या?
स्वप्ना ने अपनी तैयारी के बारे में बताया, 'मैं एशियन चैम्पियनशिप और एशियन गेम्स के बीच में चोटिल हो गई थी. मेरे टखने में चोट थी. इसके बावजूद मैं ट्रेनिंग करती थी. उन दिनों मेरे दोस्त कहते थे कि इसको लेकर जाएंगे तो क्या मिलेगा? ये पदक ला सकती है क्या? वे चोटिल होने के कारण मेरी काबिलियत पर शक करने लगे थे. मुझे उनकी इन बातों का बहुत बुरा लगा. अगर आपके बारे में कोई पहले से ही सोच ले कि आप उस काम को नहीं कर पाएंगी, जिसके लिए आप इतनी मेहनत कर रही हैं तो इससे आपका मनोबल नीचे हो जाता है.' 

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दाेेस्तों की बातें सुनकर मैं रात भर रोती रही
स्वप्ना ने कहा कि अपने दोस्तों की बातें सुनकर उन्हें भी लगने लगा कि उनका इंडोनेशिया जाना बेकार है. बकौल स्वप्ना, ' मैं दोस्तों की बातों को सुनकर रातभर बहुत रोई. मुझे लगा कि मैं घर चली जाऊं. लेकिन मेरे सर (कोच) ने कहा कि स्वप्ना तू मेरे ऊपर विश्वास कर. तुम पदक जीतकर आओगी.' स्वप्ना ने एशियन गेम्स में 6026 अंकों के साथ हेप्टाथलॉन में पहला स्थान हासिल किया था. स्वप्ना के दोनों पैरों में छह-छह उंगलिया हैं. उन्हें इस कारण पैरों में और दांत में भी दर्द था. इसके बावजूद उन्होंने गोल्ड मेडल जीता.

(इनपुट आईएएनएस)