भीषण गर्मी की मार से परेशान जापान कैसे करेगा 2020 टोक्यो ओलंपिक का आयोजन ?

भीषण गर्मी की वजह से जापान में अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 हजार लोग अस्पतालों में भर्ती हैं.

भीषण गर्मी की मार से परेशान जापान कैसे करेगा 2020 टोक्यो ओलंपिक का आयोजन ?
जापान में भीषण गर्मी की वजह से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया गया है. (प्रतीकात्मक फोटो)

किरण चोपड़ा/नई दिल्ली: टोक्यो ओलंपिक को शुरु होने में 2 साल से भी अब कम वक्त बचा है. जापान में हर जगह ओलंपिक की तैयारियों का नजारा देखा जा सकता है, लेकिन इन सब तैयारियों के बीच जापान में होने वाले ओलंपिक पर सवाल उठ गए हैं. वजह है जापान और खास तौर पर टोक्यो में पड़ रही गर्मी. जापान इस वक्त अपनी अब तक की सबसे भीषण गर्मी से जूझ रहा है. पारा 41डिग्री जा पहुंचा है. गर्मी को प्राकृतिक आपदा घोषित किया जा चुका है और पिछले एक हफ्ते में 65 लोगों की गर्मी से मौत हो चुकी है. 12 हजार से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं.

गर्मी की वजह से विदेशी पर्यटकों पर भी दिख सकता है असर
बता दें कि 2 साल बाद टोक्यो ओलंपिक इसी महीने (जुलाई) में शुरू होने हैं. ऐसे में सवाल उठ खड़े हुए हैं कि इतनी गर्मी में कोई भी खिलाड़ी कैसे खेलकर अपना बेस्ट दे पाएगा. साथ ही खिलाड़ियों की सेहत और टोक्यो आने वाले दर्शक की सेहत पर भी इसका कितना बुरा असर पड़ेगा. दूसरी तरफ, टोक्यो ओलंपिक के आयोजकों का मानना है कि हीट वेव से लड़ने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं.

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टोक्यो की गवर्नर यूरिको कोएक के मुताबिक टोक्यो इस वक्त एक भट्ठी की तरह जल रहा है. ओलंपिक की सफलता के लिए इस गर्मी से लड़ना भी जरूरी है. आयोजक कई तकनीकों का इस्तेमाल कर इस गर्मी की परेशानी से निपटने का दावा कर रहे हैं. कोएक ने कहा कि हमने एक खास स्प्रे बनाया है, जिसके छिड़काव से गर्मी से राहत मिलेगी. इसके अलावा सड़कों के लिए भी खास गर्मी रोधक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएग, जिसको 100 किमी के दायरे मे बिछाया जाएगा. कोएक के मुताबिक, ऐसा करने से उन सड़कों पर 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में कमी आएगी.

मैराथन का समय बदलने पर भी विचार किया जा रहा है
सबसे ज्यादा मुश्किल मैराथन खिलाड़ियों के लिए होंगे. ऐसे में मैराथन का समय बदलने पर भी विचार किया जा रहा है. टोक्यो ओलंपिक 2020 में 24 जुलाई से शुरु होकर 9 अगस्त तक चलेंगे. ये दूसरी बार होगा जब जापान खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ की मेजबानी करेगा और पूरा खेल जगत इस बात की उम्मीद करेगा कि दो साल बाद हालात इतने बदतर ना हों.