US Open: पुरुषों में नडाल और फेडरर मजबूत दावेदार, महिलाओं में नंबर एक के लिए होगी जंग

मर्रे, जोकोविच और वावरिंका के अलावा केई निशिकोरी और मिलोस राओनिच के भी चोटिल होने के कारण बाहर होने से नडाल और फेडरर की सेमीफाइनल तक की राह आसान बन गयी है.

US Open: पुरुषों में नडाल और फेडरर मजबूत दावेदार, महिलाओं में नंबर एक के लिए होगी जंग
फेडरर अगर खिताब जीतने में सफल रहते हैं तो ओपन युग में यूएस ओपन जीतने वाले सबसे अधिक उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे. (फाइल फोटो)

न्यूयॉर्क: कई दिग्गज खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में सोमवार (28 अगस्त) से शुरू होने वाले यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट में खिताब की दावेदारी के लिये जंग रोचक बन गयी है तथा पुरुष वर्ग में जहां राफेल नडाल और रोजर फेडरर खिताब के प्रबल दावेदार के तौर पर कोर्ट पर उतरेंगे वहीं महिला वर्ग में आठ खिलाड़ियों की निगाह खिताब के साथ साथ नंबर एक रैंकिंग पर भी टिकी रहेगी. नडाल और फेडरर की प्रतिद्वंद्विता जग प्रसिद्ध है लेकिन ये दोनों दिग्गज टेनिस कभी यूएस ओपन में आमने सामने नहीं हुए. इस बार हालांकि ये दोनों सेमीफाइनल में एक दूसरे से भिड़ सकते हैं.

विश्व के नंबर दो और 2012 के चैंपियन एंडी मर्रे ने कूल्हे की चोट से उबरने में नाकाम रहने के बाद शनिवार को नाम वापस लिया जिससे फेडरर और नडाल के बीच फाइनल की संभावना खत्म हो गयी. ये दोनों ही दिग्गज अभी एक हाफ में हैं और उनका मुकाबला अंतिम चार में हो सकता है. पिछले तीन वर्षों में पहली बार नंबर एक रैंकिंग पर पहुंचे नडाल ने 2010 और 2013 में यहां खिताब जीता था और इस बार मर्रे, नोवाक जोकोविच और स्टैन वावरिंका की अनुपस्थिति में उनकी दावेदारी मजबूत बन गयी है.

पांच बार के यूएस ओपन चैंपियन फेडरर अपने 20वें ग्रैंडस्लैम और इस साल के तीसरे बड़े खिताब के लिये अपनी दावेदारी पेश करेंगे. इस वर्ष ऑस्ट्रेलियाई ओपन और विंबलडन जीतने वाले फेडरर अगर खिताब जीतने में सफल रहते हैं तो ओपन युग में यूएस ओपन जीतने वाले सबसे अधिक उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे. मर्रे, जोकोविच और वावरिंका के अलावा केई निशिकोरी और मिलोस राओनिच के भी चोटिल होने के कारण बाहर होने से नडाल और फेडरर की सेमीफाइनल तक की राह आसान बन गयी है.

नडाल को हालांकि इस टूर्नामेंट से पहले सिनसिनाटी में निक किर्गीयोस और मांट्रियल में कनाडाई किशोर डेनिस शापोवालोव से हार झेलनी पड़ी थी. फेडरर पीठ की चोट के कारण सिनसिनाटी से हट गये थे जबकि मांट्रियल में फाइनल में उन्हें अलेक्सांद्र जेवेरेव ने हरा दिया था. जेवेरेव, किर्गीयोस और डोमिनिक थीम जैसे खिलाड़ियों के पास भी यह खिताब जीतने का सुनहरा मौका है.

जहां तक महिला वर्ग की बात है तो वहां की स्थिति अधिक रोचक है. सेरेना विलियम्स मां बनने वाली है और विक्टोरिया अजारेंका भी अपने नवजात शिशु के साथ समय बिताना चाहती हैं जिनका अपने पति के साथ बच्चे की देखरेख को लेकर मुकदमा चल रहा है. ऐसे में आठ खिलाड़ियों के पास दुनिया की नंबर एक रैंकिंग हासिल करने का मौका रहेगा. विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी मारिया शारापोवा हालांकि 15 महीने के डोपिंग प्रतिबंध के बाद पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में खेलेंगी. उन्हें वाइल्ड कार्ड से प्रवेश दिया गया है. उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाह टिकी रहेगी लेकिन यह रूसी खिलाड़ी खुद को साबित करने के लिये बेताब होगी.

अभी विश्व में नंबर एक खिलाड़ी चेक गणराज्य की कारोलिना पिलिसकोवा के लिये अपना स्थान बरकरार रखना आसान नहीं होगा क्योंकि रोमानिया की सिमोना हालेप, डेनमार्क की कारोलिना वोजनियाकी, विंबलडन चैंपियन और विश्व में नंबर तीन गार्बाइन मुगुरूजा, उक्रेन की इलिना स्वितलिना, ब्रिटेन की जोहाना कोंटा और रूस की स्वेतलाना कुजनेत्सोवा के पास भी नंबर एक बनने का मौका रहेगा. इस साल विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाली 37 वर्षीय वीनस विलियम्स अभी नौवीं रैकिंग पर हैं, लेकिन खिताब जीतने पर वह भी नंबर एक बन सकती हैं. मौजूदा चैंपियन एंजिलक करबर फिर से खिताब की दावेदार के रूप में उतरेंगी.