भारत के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट में भी विवाद, पूर्व नेशनल कोच पर लगे गंभीर आरोप

कामरान ने कहा, ''मुझे नहीं पता था कि कुछ खिलाड़ियों के साथ उनके मसले हैं. उनकी पाकिस्तानी टीम को आगे ले जाने की कोई योजना नहीं थी. विश्व कप 2015 में उन्होंने यूनुस खान से पारी का आगाज कराया या फिर सरफराज अहमद को टूर्नामेंट में आखिर में उतारने को लेकर उनके मसले थे,''

भारत के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट में भी विवाद, पूर्व नेशनल कोच पर लगे गंभीर आरोप
वकार युनूस पर बरसे कामरान अकमल (PIC : DNA)

कराची : पाकिस्तान के विकेटकीपर कामरान अकमल ने पूर्व राष्ट्रीय कोच वकार युनूस पर पाकिस्तान क्रिकेट को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है. पाकिस्तान के लिए 53 टेस्ट और 157 वनडे खेल चुके कामरान ने कहा कि मुख्य कोच के तौर पर वकार 2010-2011 और 2014-2016 दोनों कार्यकाल में नाकाम रहे हैं.

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कामरान ने कहा, ''मुझे नहीं पता था कि कुछ खिलाड़ियों के साथ उनके मसले हैं. उनकी पाकिस्तानी टीम को आगे ले जाने की कोई योजना नहीं थी. विश्व कप 2015 में उन्होंने यूनुस खान से पारी का आगाज कराया या फिर सरफराज अहमद को टूर्नामेंट में आखिर में उतारने को लेकर उनके मसले थे,''

उन्होंने आरोप लगाया कि वकार ने कुछ खिलाड़ियों को टीम में जमने का मौका नहीं दिया. उन्होंने कहा, ''उमर अकमल ने एशिया कप मैच में शतक जमाया था और अगले मैच में वह शाहिद अफरीदी के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरा . वकार महान खिलाड़ी भले ही रहे हो लेकिन बतौर कोच नाकाम रहे हैं.''

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आंकड़े कहते हैं एक महान क्रिकेटर नहीं बन पाता सफल कोच 

एक महान खिलाड़ी एक अच्छा कोच भी साबित हो, ये जरूरी नहीं है. क्रिकेट जगत में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब महान खिलाड़ी एक अच्छा कोच नहीं बन पाया और उसे कोच पद से इस्तीफा देना पड़ा या उसे हटा दिया गया. आइए एक नजर डालते हैं ऐसे ही खिलाड़ियों पर जिनके नाम महान रिकॉर्ड तो बने, लेकिन वे बेहतरीन कोच नहीं बन पाए. इस फेहरिस्त में पाकिस्तान के कुछ कोचों के नाम भी शामिल हैं. 

अपने बाउंसर से बल्लेबाजों के पसीने छुड़ाने वाले वकार यूनुस को भी देना पड़ा इस्तीफा 

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वकार यूनुस ने भी यह साबित किया कि अच्छा क्रिकेटर जरूरी नहीं है कि अच्छा कोच भी साबित हो. 2016 के वर्ल्ड कप के दौरान वह पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कोच थे. लेकिन कोच के रूप में वह न तो टीम को एकजुट रख पाए और ना ही पाकिस्तान के प्रदर्शन को बेहतर कर पाए.   

टीम की लगातार हार ने उन्हें असफल साबित किया. भारत के हाथों छह विकेट से मिली पराजय ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. उन्होंने कोच के पद से इस्तीफा देते हुए कहा, मैं देशवासियों से माफी चाहता हं कि टीम के प्रदर्शन में सुधार नहीं ला सका. 

पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन ने जावेद मियादांद को कहा था फ्लॉप 

दुनिया के श्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार पाकिस्तान के जावेद मियांदाद भी कोच के रूप में फ्लॉप साबित हुए. पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन ने जब जावेद को एक फ्लॉप कोच कहा तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया. अंततः जावेद मियांदाद को कोच के पद से इस्तीफा देना पड़ा.