भारतीय हॉकी कप्तान को भरोसा, एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने के प्रबल दावेदार

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में शुमार पी.आर श्रीजेश ने माना है कि उनकी टीम ने 18वें एशियाई खेलों में अपने खिताब की रक्षा करने के लिए प्रदर्शन में निरंतरता लाने और गोल करने के मौकों को भुनाने के लिए लगातार कड़ी मेहनत की है. 

भारतीय हॉकी कप्तान को भरोसा, एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने के प्रबल दावेदार
एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के प्रबल दावेदार हैं : श्रीजेश (PIC : PTI)

नई दिल्ली : भारतीय हाकी टीम के कप्तान पी आर श्रीजेश ने कहा कि उनकी टीम एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने की प्रबल दावेदार है और उनका लक्ष्य 2020 टोक्यो ओलंपिक के ये सीधे क्वालीफाई करना है. श्रीजेश ने कहा, ''हमारे लिए स्वर्ण जीतना और टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना लक्ष्य है. इससे हमें ओलंपिक की तैयारी के लिए दो साल मिल जाएंगे. टीम के मौजूदा फार्म को देखते हुए हम जकार्ता में स्वर्ण जीत सकते हैं.’’बता दें कि एशियाई खेलों का 18वां संस्करण 18 अगस्त से 2 सितंबर के बीच इंडोनेशिया के जर्काता और पालेमबंग में आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा, ''हमने चैम्पियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया है और हम जीत सकते थे. टीम आत्मविश्वास से ओतप्रोत है. हम दुनिया की किसी टीम के खिलाफ खेलने से डरते नहीं हैं.''

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में शुमार पी.आर श्रीजेश ने माना है कि उनकी टीम ने 18वें एशियाई खेलों में अपने खिताब की रक्षा करने के लिए प्रदर्शन में निरंतरता लाने और गोल करने के मौकों को भुनाने के लिए लगातार कड़ी मेहनत की है. भारत ने दक्षिण कोरिया के इंचियोन में 2014 में हुए पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक पर कब्जा किया था और हाकी वर्ल्ड रैंकिंग में भी भारतीय टीम इस समय एशिया में शीर्ष पर है. टीम ने इसी साल ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में पदक लाने से चूक गई थी, लेकिन जून-जुलाई में हुई चैम्पियंस ट्रॉफी में टीम का प्रदर्शन अच्छा रहा था. 

श्रीजेश ने एक साक्षात्कार में कहा, "हमने पिछले कुछ वर्षो में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, लेकिन हमने अपने प्रदर्शन में निरंतरता लाने पर भी कड़ी मेहनत की है. हाकी बहुत तेज खेल है और किसी भी मिनट मैच पलट सकता है, ऐसे में हमने अपने अटैक को पैना करने के लिए काफी पसीना बहाया है की, ताकि हम अधिक गोल करके खुद को विपक्षी टीम के मुकाबले मजबूत स्थिति में पहुंचा पाएं."

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की कमान मिलने पर उन्हें गर्व है, लेकिन अगर उन्हें कप्तानी नहीं मिलती तब भी वह खिलाड़ी के रूप में अपना 100 प्रतिशत देता. श्रीजेश ने कहा, "मैं अगर कप्तान नहीं हूं तो भी मैदान पर अपना काम करता रहता हूं. मेरा काम है कि अपने डिफेंस के साथ लगातार बात करूं और उन्हें सही पोजीशन पर रखूं, ताकि काउंटर अटैक पर हम गोल करने में सफल हो पाएं. फील्ड के बाहर जरूर एक कप्तान के रूप में मैं अपनी टीम का मनोबल बढ़ाने में मदद करुं गा और उन्हें एक साथ रखूंगा."

कोच हरेंद्र बोले- स्वर्ण पदक जीतना चाहते हैं 
कोच हरेंद्र सिंह ने कहा, ''हम लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना चाहते हैं. टीम अपना खिताब बरकरार रख सकती है. जकार्ता में स्वर्ण पदक जीतने से भारत में साल के आर में हो रहे विश्व कप में पोडियम फिनिश का हौसला बढ़ेगा. टीम के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यह काफी संतुलित टीम है. सरदार सिंह चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद से टीम में है और रूपिंदर की वापसी हुई है. सभी खिलाड़ी औसतन सौ से अधिक मैच खेल चुके हैं. सिर्फ दो-तीन खिलाड़ी ही हैं जिन्होंने 20-30 मैच खेले हैं.’’ 

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कार्वाल्हो को यकीन, स्वर्ण जीतेगी भारतीय हॉकी टीम
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कोच जोकिम कार्वाल्हो का मानना है कि भारतीय पुरूष और महिला दोनों टीमें आगामी एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत सकती हैं. कार्वाल्हो ने कहा, ''दोनों टीमें खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में जाएंगी. चैम्पियंस ट्रॉफी में भारतीय पुरूष टीम के प्रदर्शन और पिछले दो तीन साल में उसके खेल को देखते हुए लगता है कि वे स्वर्ण पदक जीत सकते हैं.’’ उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘महिला टीम ने भी विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन किया जहां प्रतिस्पर्धा कड़ी थी. एशियाई खेल में दोनों टीमें पीला तमगा जीत सकती हैं.’’ 

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एशियाई खेलों के लिए इंडोनेशिया रवाना भारतीय महिला, पुरुष हॉकी टीमें
टोक्यो ओलम्पिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने का लक्ष्य लेकर भारतीय महिला एवं पुरुष हॉकी टीमें मंगलवार (14 अगस्त) सुबह एशियाई खेलों के लिए इंडोनेशिया रवाना हो गईं. भारतीय टीमों का लक्ष्य इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक पर निशाना साधना होगा. इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम को पूल-ए में शामिल किया गया है और वह अपने अभियान की शुरुआत 20 अगस्त को मेजबान टीम इंडोनेशिया के खिलाफ करेगी. भारतीय महिला हॉकी टीम को पूल-बी में जगह मिली है और वह भी 19 अगस्त को इंडोनेशिया के खिलाफ ही मैच के साथ एशियाई खेलों का आगाज करेगी. 

महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी ने कहा, "हम हॉकी विश्व कप में दिए अच्छे प्रदर्शन से मिले अनुभव के साथ एशियाई खेलों में कदम रख रहे हैं. विश्व कप से हमारा आत्मविश्वास और भी मजबूत हुआ है. हमें सेमीफाइनल में न पहुंचने की निराशा है, लेकिन एशियाई खेलों में पदक जीतकर हम अपनी विश्व कप की इस असफलता का दाग धो देंगे."