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अश्विन ने कहा- जब जोहानिसबर्ग से शिकायत नहीं तो नागपुर से क्यों?

भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भारत की टर्निंग पिचों की आलोचना करने लोगों से सवाल किया कि उन्होंने तब कोई सवाल क्यों नहीं उठाया जब ट्रेंटब्रिज में एशेज टेस्ट लगभग दो दिन में समाप्त हो गया था। यह ऑफ स्पिनर दक्षिण अफ्रीकी पिचों पर सवालिया निशान उठाने से नहीं चूका जैसे कि जोहानिसबर्ग जहां दिसंबर 2013 में पांचवें दिन भी उन्हें विकेट से कोई मदद नहीं मिली थी। अश्विन से पूछा गया कि दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों का स्वागत टर्निंग विकेट से हो रहा है, उन्होंने कहा, ‘मैंने जोहानिसबर्ग (टेस्ट) के बाद शिकायत नहीं की थी। 

अश्विन ने कहा- जब जोहानिसबर्ग से शिकायत नहीं तो नागपुर से क्यों?

नागपुर : भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भारत की टर्निंग पिचों की आलोचना करने लोगों से सवाल किया कि उन्होंने तब कोई सवाल क्यों नहीं उठाया जब ट्रेंटब्रिज में एशेज टेस्ट लगभग दो दिन में समाप्त हो गया था। यह ऑफ स्पिनर दक्षिण अफ्रीकी पिचों पर सवालिया निशान उठाने से नहीं चूका जैसे कि जोहानिसबर्ग जहां दिसंबर 2013 में पांचवें दिन भी उन्हें विकेट से कोई मदद नहीं मिली थी। अश्विन से पूछा गया कि दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों का स्वागत टर्निंग विकेट से हो रहा है, उन्होंने कहा, ‘मैंने जोहानिसबर्ग (टेस्ट) के बाद शिकायत नहीं की थी। 

उन्होंने कहा कि मुझे उसके बाद एक साल के लिये बाहर कर दिया गया था। और मैं यहां खेलने को लेकर भी शिकायत दर्ज करने नहीं जा रहा हूं। इसका कोई कारण नजर नहीं आता। मैं आखिर शिकायत क्यों करूं। ट्रेंट ब्रिज में (एशेज टेस्ट) में दो दिन तक स्विंग, सीम और उछाल रही और मैच समाप्त हो गया।’ तमिलनाडु के इस स्पिनर ने कहा कि स्पिन को खेलने के लिये भी कौशल की जरूरत पड़ती है। उन्होंने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘स्पिन और उछाल को लेकर समस्या क्या है। यह अच्छा है कि विकेट में स्पिन और उछाल है। बल्लेबाजों में इससे निबटने के लिये कौशल होना चाहिए।’ 

श्रृंखला में दूसरी बार पांच विकेट लेने वाले अश्विन ने कहा, ‘सौभाग्य कहो या दुर्भाग्य, मुझे मैदानकर्मियों को यह कहने का अधिकार नहीं है कि किस तरह की पिच तैयार करने की जरूरत है। एक बार जब वे पिच तैयार कर लेते हैं तो उस पर खेलना मेरा काम होता है।’