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Wimbledon जीतने के बाद सिमोना हालेप ने क्यों कहा, आज मेरी मां का सपना पूरा हो गया...

27 साल की सिमोना हालेप विंबलडन के फाइनल में पहली बार पहुंचीं  और उन्होंने पहली ही बार में खिताब भी जीत लिया.

Wimbledon जीतने के बाद सिमोना हालेप ने क्यों कहा, आज मेरी मां का सपना पूरा हो गया...
सिमोना हालेप का यह दूसरा ग्रैंडस्लैम खिताब है. (फोटो: Reuters)

लंदन: रोमानिया की सिमोना हालेप ने शनिवार को विंबलडन का सिंगल्स खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने फाइनल में अमेरिका की सेरेना विलियम्स को हराया. हालेप ने जीत के बाद कहा कि वे अपनी मां तानिया हालेप का सपना पूरा करना चाहती थीं. हालेप ने कहा, "जब मैं 10-12 साल की थी, तब मेरी मां कहा करती थी, अगर तुम टेनिस में कुछ हासिल करना चाहती हो तो विंबलडन जीतकर दिखाना. आज मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मेरी मां का सपना पूरा हो गया."

सिमोना हालेप रोमानिया की पहली खिलाड़ी हैं, जिन्होंने विंबलडन का सिंगल्स खिताब जीता है. उन्होंने 24वें ग्रैंडस्लैम के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहीं सेरेना को 6-2, 6-2 से हराते हुए अपना पहला विंबलडन और कुल दूसरा ग्रैंडस्लैम खिताब जीता. हालेप ने कहा कि वह विंबलडन इसलिए भी जीतना चाहती थीं. उनकी सालों की इच्छा थी कि उन्हें इस क्लब की आजीवन सदस्यता मिले.

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27 साल की हालेप ने कहा, "मैं लॉकर रूम में सोचा करती थी कि अगर मैं इस साल यहां खिताब जीत गई तो मुझे इस शानदार क्लब की आजीवन मेंबरशिप मिल जाएगी. यह मेरा सपना था और इसके लिए मैं काफी मोटिवेटेड थी. अब मैं इसे पाकर खुश हूं."

इससे पहले फ्रेंच ओपन जीत चुकीं हालेप ने कहा कि क्ले कोर्ट पर सफलता हासिल करने के बाद ग्रास कोर्ट पर खिताब जीतना उनके लिए आसान नहीं था. इसके लिए उन्होंने अपनी शैली में बदलाव किया. हालेप ने कहा, "मैंने विंबलडन के लिए अपनी शैली में बदलाव किया. मेरे लिए यह आसान नहीं था. मेरी मेहनत रंग लाई. मैं इससे काफी खुश हूं." हालेप के मैच के दौरान उनकी मां व पिता स्टैंड में मौजूद थे और दोनों भावुक नजर आ रहे थे.