बॉक्सर मैरी कॉम ने रचा इतिहास, 5-0 से हराकर जीता छठा वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब

मैरी कॉम ने मां बनने के बाद वापसी करते हुए कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत का परचम लहराया.

बॉक्सर मैरी कॉम ने रचा इतिहास, 5-0 से हराकर जीता छठा वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब
मैरी कॉम ने यूक्रेन की हना ओखोटा को 5-0 से मात दी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : भारत की दिग्गज खिलाड़ी एमसी मैरी कॉम ने शनिवार (24 नवंबर) को आईबा महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के10वें संस्करण में 48 किलोग्राम भारवर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया. मैरी कॉम ने फाइनल में यूक्रेन की हना ओखोटा को 5-0 से मात देते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. हना मैरकॉम से उम्र में 13 साल छोटी हैं.  हना की उम्र 22 साल है जबकि मैरी कॉम की उम्र 35 साल है. 

मैरी कॉम विश्व चैम्पियनशिप में सात के फाइनल में सात बार पहुंचने वाली दुनिया की पहली मुक्केबाज हैं. 2001 में उन्होंने सिल्वर जीता था, इसके बाद छह बार उन्होंने वर्ल्ड चैम्पियनशिप में गोल्ड जीता है. साल 2002 , 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018 में उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया है. इस जीत केबाद मैरी कॉम ने कहा, “ यूक्रेन की हना को हराना आसान नहीं था क्योंकि वे मुझसे काफी लंबी हैं.”

मैरी कॉम का यह छठा विश्व चैम्पियनशिप खिताब है तो वहीं विश्व चैम्पियनशिप में कुल आठवां पदक अपने नाम किया है. अपार अनुभव की धनी मैरी कॉम ने हाल में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. उनके नाम एशियाई चैम्पियनशिप में भी पांच गोल्ड और एक सिल्वर मेडल हैं. मैरी कॉम ने मां बनने के बाद वापसी करते हुए कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत का परचम लहराया.

ऐसा रहा क्वार्टरफाइनल से फाइनल तक का सफर
मैरीकॉम इस आईबा वुमन वर्ल्ड चैम्पियनशिप प्रतियोगिता की ब्रांड एमबैसेडर भी हैं.  मैरीकॉम ने सेमीफाइल में  गुरुवार को उत्तर कोरिया की किम हांग मी को हराया था, जबकि क्वार्टर फाइनल में उन्होंने चीन की वु यू को 5-0 से मात दी थी. पांच बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकॉम  ने हाल में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था.

ऐसा रहा पहला राउंड
पहले राउंड में दोनों खिलाड़ी सावधानी से एक दूसरे खेल को परख रहीं थीं और इसलिए ज्यादा आक्रमण नहीं कर रहीं थीं. दोनों ने अपने राइट पंच का अच्छा इस्तेमाल किया. मैरी ने कुछ पंच मारे, जिनमें से कुछ अच्छे सही निशाने पर लगे. इस बीच, हालांकि हना ने भी अपने राइट जैब का अच्छा उपयोग किया लेकिन मैरी कॉम अपनी फुर्ती से उनके अधिकतर पंचों को नाकाम करने में सफल रहीं. 

हना ने भी दी बढ़िया फाइट
दूसरे राउंड में दोनों ने आक्रामकता दिखाई और राइट जैब के साथ फिस्ट के संयोजन से हावी होने की कोशिश की. रणनीति दोनों खिलाड़ियों को एक जैसी थी. शुरुआत में हना ने अच्छे पंच मारे जो सटीक रहे. हालांकि दूसरे राउंड के अंत में मैरी कॉम ने दूरी बनाते हुए अपने लिए मौके बनाए और फिर समय पर पंच मार अंक बटोरे. तीसरे राउंड की शुरुआती एक मिनट में मैरी ने राइट और लेफ्ट जैब के संयोजन से तीन-चार अच्छे पंच स्कोरिंग एरिया में मार जजों को प्रभावित किया लेकिन यहां से हना बेहद आक्रामक हो गईं और मैरी को उन्हें संभालना थोड़ा मुश्किल हो गया. 

(इनपुट आईएएनएस)