छठी बार वर्ल्ड चैंपियन बनकर भावुक हुई मैरी कॉम, कहा- देश को समर्पित ये जीत

मैरी कॉम इस जीत के बाद भावुक हो गईं. भावुक मैरी ने कहा, "मैं इस जीत के लिए अपने सभी प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करती हूं, जो मुझे यहां समर्थन करने के लिए आए. मैं आप सभी की तहेदिल से शुक्रगुजार हूं. मेरे लिए यह महान पल है."

छठी बार वर्ल्ड चैंपियन बनकर भावुक हुई मैरी कॉम, कहा- देश को समर्पित ये जीत
महिला मुक्केबाजी : मैरी कॉम रिकार्ड छठी बार बनीं विश्व चैम्पियन (PIC : IANS)

नई दिल्ली : ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल विजेता भारत की दिग्गज मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम ने शनिवार (24 नवंबर) को अपना छठा वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीत लिया. 'मेग्नीफिसेंट मैरी' नाम से मशहूर 35 साल की मैरी कॉम ने यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम के के.डी. जाधव हॉल में जारी 10वीं आईबा महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप के 48 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में यूक्रेन की हना ओखोटा को 5-0 से मात देकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. 

यह मैरी कॉम का वर्ल्ड चैंपियनशिप में छठा गोल्ड और कुल आठवां मेडल है. मैरी कॉम वर्ल्ड चैंपियनशिप में छह गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला मुक्केबाज बन गई हैं. उनसे पहले आयरलैंड की कैटी टेलर ने ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में 2006 से 2016 के बीच पांच गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे. उनके नाम एक ब्रॉन्ज मेडल भी है. 

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यही नहीं, मैरी वर्ल्ड चैंपियनशिप (महिला एवं पुरुष) में सबसे अधिक मेडल भी जीतने वाली खिलाड़ी बन गए हैं. मैरी कॉम छह गोल्ड और एक सिल्वर जीत कर क्यूबा के फेलिक्स सेवोन (91 किलोग्राम भारवर्ग) की बराबरी की. फेलिक्स ने 1986 से 1999 के बीच छह गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता था. 

मैरी कॉम इस जीत के बाद भावुक हो गईं. भावुक मैरी ने कहा, "मैं इस जीत के लिए अपने सभी प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करती हूं, जो मुझे यहां समर्थन करने के लिए आए. मैं आप सभी की तहेदिल से शुक्रगुजार हूं. मेरे लिए यह महान पल है." मैरी कॉम ने अपनी इस जीत को देश के नाम समर्पित किया है.

Mary Kom

मैरी कॉम को अपनी इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर भी जमकर बधाई मिल रही है. वीरेंद्र सहवाग ने मैरी कॉम को बधाई देते हुए कहा- वह भारत की महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं. 

Virender Sehwag

पहले राउंड में दोनों खिलाड़ी सावधानी से एक दूसरे खेल को परख रहीं थीं और इसलिए ज्यादा आक्रमण नहीं कर रहीं थीं. दोनों ने अपने राइट पंच का अच्छा इस्तेमाल किया. मैरी ने कुछ पंच मारे, जिनमें से कुछ अच्छे सही निशाने पर लगे. इस बीच, हालांकि हना ने भी अपने राइट जैब का अच्छा उपयोग किया लेकिन मैरी कॉम अपनी फुर्ती से उनके अधिकतर पंचों को नाकाम करने में सफल रहीं. 

दूसरे राउंड में दोनों ने आक्रामकता दिखाई और राइट जैब के साथ फिस्ट के संयोजन से हावी होने की कोशिश की. रणनीति दोनों खिलाड़ियों को एक जैसी थी. शुरुआत में हना ने अच्छे पंच मारे जो सटीक रहे. हालांकि दूसरे राउंड के अंत में मैरी कॉम ने दूरी बनाते हुए अपने लिए मौके बनाए और फिर समय पर पंच मार अंक बटोरे. 

तीसरे राउंड की शुरुआती एक मिनट में मैरी ने राइट और लेफ्ट जैब के संयोजन से तीन-चार अच्छे पंच स्कोरिंग एरिया में मार जजों को प्रभावित किया लेकिन यहां से हना बेहद आक्रामक हो गईं और मैरी को उन्हें संभालना थोड़ा मुश्किल हो गया. अनुभवी मैरी ने धैर्य बनाए रखा और जब हना लापरवाह दिखीं तब पंच मार अंक बटोरे.