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बजरंग पूनिया का भावुक ट्वीट, 'कश्मीर में न ससुराल चाहिए और न मकान, बस कोई फौजी...'

कश्मीर की महिलाओं पर विवादित बयानों के बीच पहलवान बजरंग पूनिया ने भावुक और शांति का संदेश लेकर आए हैं.

बजरंग पूनिया का भावुक ट्वीट, 'कश्मीर में न ससुराल चाहिए और न मकान, बस कोई फौजी...'
बजरंग पूनिया के ट्वीट को सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा काफी सराहा जा रहा है.

नई दिल्ली: अनुच्छेद-370 के हटने के बाद से कई राजनेताओं ने जम्मू एवं कश्मीर की महिलाओं पर विवादित बयान दिया. इस बीच पहलवान बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) ने शांति का संदेश लेकर आए. अनुच्छेद-370 के तहत जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा मिलता था, जिसे केंद्र सरकार ने समाप्त कर दिया.

पूनिया ने शुक्रवार को ट्वीट किया, "ना कश्मीर में ससुराल चाहिए, ना ही वहां पर मकान चाहिए, बस कोई फौजी शरीर तिरंगे में लिपटकर न आये, अब ऐसा हिंदुस्तान चाहिए. जय हिंद जय भारत."

बजरंग पूनिया के इस ट्वीट पर बड़ी संख्या में यूजर्स की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं.

पूनिया के इस ट्वीट से एक दिन पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में एक सभा के दौरान कहा कि लोग कह रहे थे कि अनुच्छेद-370 के समाप्त होने के बाद अब कश्मीर की महिलओं से शादी की जा सकती है.

इससे पहले, उत्तर प्रदेश में भाजपा विधायक विक्रम सिंह सैनी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा था कि अब कश्मीर की महिलाओं से शादी करने के अधिकार का लाभ उठाए.

सैनी ने कहा है कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने से पार्टी के कार्यकत्ता काफी उत्साहित थे, क्योंकि अब वे 'गोरी' कश्मीरी लड़कियों से शादी कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि अब भाजपा के अविवाहित कार्यकर्ता कश्मीर में जमीन खरीदने के साथ ही वहां की लड़कियों से शादी कर सकते हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप में खतौली के विधायक जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाने की खुशी मनाने को लेकर मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में ऐसा कहते नजर आ रहे हैं. सैनी आयोजन में आए लोगों को हिदी में संबोधित करते हुए कह रहे हैं, "कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं और जो अविवाहित हैं, अब वे वहां शादी कर सकते हैं. इसमें अब कोई समस्या नहीं है. पहले वहां महिलाओं पर बहुत अत्याचार होते थे."

वह आगे कह रहे हैं, "पहले अगर कश्मीरी लड़की उत्तर प्रदेश के किसी लड़के से शादी करती, तो वहां की उसकी नागरिकता रद्द कर दी जाती. भारत और कश्मीर की नागरिकता में काफी भिन्नता है."

वीडियो में वह आगे कहते दिख रहे हैं, "मुस्लिम कार्यकर्ताओं को यहां जश्न मनाना चाहिए. वहां की गोरी कश्मीरी लड़की से शादी कर लो. इस मौके पर उत्सव होना चाहिए. सभी को इसका उत्सव मनाना चाहिए, चाहे वह हिंदू हो या मुसलमान हो."

(इनपुट एजेंसी से भी)