जो मियांदाद-इंज़माम नहीं कर पाए वो इस पाकिस्तानी खिलाड़ी ने कर दिखाया, रच दिया इतिहास

पाकिस्तान के वरिष्ठ बल्लेबाज युनिस खान टेस्ट क्रिकेट में अपने देश के लिए 10,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं. युनिस ने वेस्टइंडीज के खिलाफ साबिना पार्क स्टेडियम में चल रहे पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन सोमवार को यह कारनामा किया.

जो मियांदाद-इंज़माम नहीं कर पाए वो इस पाकिस्तानी खिलाड़ी ने कर दिखाया, रच दिया इतिहास
पाकिस्तान के पहले दस हजारी बने युनिस खान

किंग्सटन : पाकिस्तान के वरिष्ठ बल्लेबाज युनिस खान टेस्ट क्रिकेट में अपने देश के लिए 10,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं. युनिस ने वेस्टइंडीज के खिलाफ साबिना पार्क स्टेडियम में चल रहे पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन सोमवार को यह कारनामा किया.

युनिस ने रोस्टन चेस द्वारा फेंके गए 49वें ओवर की दूसरी गेंद पर चौका मार यह मुकाम हासिल किया. उनसे पहले पाकिस्तानी का कोई और बल्लेबाज अब तक टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पूरे नहीं कर सका था. युनिस के बाद पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद का नंबर आता है, जिनके टेस्ट क्रिकेट में 8,832 रन हैं.

युनिस ने यह मुकाम अपनी 208वीं टेस्ट पारी में हासिल की. युनिस 10,000 रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी हैं. उन्होंने 39 साल 143 दिन की उम्र में इस उपलब्धि को अपने नाम किया. उनसे पहले वेस्टइंडीज के शिवनारायण चंद्रपॉल ने 37 साल 251 दिन की उम्र में यह रिकार्ड अपने नाम किया था.

इसके अलावा वह इस मुकाम तक सबसे तेजी से पहुंचने वाले दुनिया के छठे बल्लेबाज हैं. साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन बनाने वाले दुनिया के 13वें बल्लेबाज हैं.

युनिस ने इस मैच में पहली पारी में 58 रन बनाए. वह शेनन गाब्रिएल का शिकार हुए. युनिस का यहा 116वां टेस्ट मैच है. उनके नाम अब 53.09 की औसत से 10,035 रन हो गए हैं. युनिस ने यहां तक पहुंचने के लिए 34 शतकों और 33 अर्धशतकों का सहारा लिया.

वह टेस्ट क्रिकेट में 11 देशों में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं. उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात में भी शतक जड़ा है.

यह मेरी नहीं पाकिस्तान की उपलब्धि है 
 
युनिस खान का कहना है कि यह उपलब्धि केवल उनकी ही नहीं, बल्कि हर पाकिस्तानी के लिए है. टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पूरे करने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बनने के अलावा, युनिस इस उपलब्धि को हासिल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बने. उन्होंने 39 साल और 145 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की.

एक बयान में युनिस ने कहा, "मैं इस सफलता और उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार के सदस्यों और खासकर मेरे दिवंगत पिता, मेरी मां और दिवंगत बॉब वुल्मर को देना चाहता हूं, जिन्होंने हमेशा मुझे प्रेरित किया. यह उपलब्धि केवल मेरी ही नहीं, बल्कि हर पाकिस्तानी के लिए है. यह पाकिस्तान की उपलब्धि है."

युनिस का मानना है कि दूसरे खिलाड़ियों को भी पाकिसतान के लिए इस प्रकार का प्रदर्शन करना चाहिए. युनिस ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि संन्यास के बाद टीम में किसी भी प्रकार की परेशानी होनी चाहिए. यह जीवन का हिस्सा है. मैं जब राष्ट्रीय टीम में शामिल हुआ था, तब 2003 में मैंने कई दिग्गजों को संन्यास लेते देखा और कई युवा खिलाड़ी आए. वुल्मर और मैंने शीर्ष स्तर पर आने का प्रयास किया. इसलिए मेरे संन्यास के बाद किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, क्योंकि कोई और आकर मेरी तरह प्रदर्शन करेगा."

पाकिस्तान के अनुभवी बल्लेबाज ने कहा कि पिछले तीन या चार साल में उन्होंने पूरी तरह से युवाओं के साथ अपना जीवन साझा किया, जिनसे उन्होंने यह सीखा कि किस प्रकार फिटनेस को बरकरार रखा जाता है. अगर किसी चीज को आप नियमित रूप से करते हो, तो यह आपकी आदत बन जाती है.