आकाशगंगा

आकाशगंगाओं की विनाशकारी टक्कर की तरफ बढ़ रही है मिल्की वे, जानिए क्या है वजह

वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि अगले दो अरब साल में निकटवर्ती आकाशगंगा के साथ विनाशकारी टक्कर होने से हमारी आकाशगंगा ‘मिल्की वे’ का निष्क्रिय पड़ा ब्लैक होल फिर से सक्रिय हो सकता है.

Jan 8, 2019, 11:55 PM IST

वैज्ञानिकों ने खोज निकाला, हमारी आकाशगंगा के सबसे पुराने तारों को

वैज्ञानिकों का लक्ष्य मुख्य रूप से 200 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित तारों पर था जिनके बारे में समझा जाता है कि वे 1,00,000 प्रकाश वर्ष में फैली आकाशगंगा में अपेक्षाकृत निकट हैं.

Nov 21, 2017, 10:14 PM IST

नासा ने खोजा आकाशगंगा का सबसे 'शैतान' तारा

तारे के चारों ओर फैली गोल चपटी यह विशाल तस्तरी 2,000 अरब मील चौड़ी है. वर्तमान अनुमान के मुताबिक, तारे के चारों ओर फैली निहारिका कुछ हजार वर्ष ही पुरानी है और पृथ्वी से 3,000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है. 

Aug 26, 2017, 09:38 PM IST

अमिताभ बच्चन: भारत को 'तीसरी दुनिया का देश' कहना तकलीफदेह

सदी के महानायक अभिनेता अमिताभ बच्चन को भारत को विकासशील देशों की श्रेणी (थर्ड वर्ल्ड कंट्री) में रखे जाने से तकलीफ महसूस होती है. उन्हें उम्मीद है कि भारत भविष्य में ज्यादा दिन तक विकासशील देश की श्रेणी में नहीं रहेगा बल्कि एक विकसित राष्ट्र के रूप में जाना जाएगा. अभिनेता ने उन भारतीय वैज्ञानिकों की प्रशंसा की है, जिन्होंने अब तक अनजान आकाशगंगा के एक बहुत बड़े समूह (सुपरक्लस्टर) की पहचान की है और जिसका नाम 'सरस्वती' रखा गया है.

Jul 16, 2017, 06:21 PM IST

आकाशगंगा में छिपे तारे डालते हैं पृथ्वी जैसे ग्रह की तलाश में रुकावट

पृथ्वी जैसे ग्रह का पता लगाने में ग्रहों का घनत्व एक अहम कारक होता है. कम घनत्व होने से वैज्ञानिक यह संकेत पाते हैं कि ग्रह गैसों से भरा है जैसे बृहस्पति. वहीं घनत्व अधिक होने का मतलब है कि ग्रह पृथ्वी जैसा चट्टानी है.

Jul 13, 2017, 05:37 PM IST

खोजा गया आकाशगंगा का सबसे कम चमक वाला उप तारामंडल

वैज्ञानिकों ने एक ऐसे छोटे उप तारामंडल की खोज की है, जिसे आकाशगंगा के प्रभामंडल में पाया गया अब तक का सबसे कम चमक वाला उप तारामंडल माना जा रहा है। यह खोज तारामंडल के निर्माण से जुड़ी अहम जानकारी उपलब्ध करवाती है। इस उप तारामंडल का नाम वर्गो1 है और यह तारापुंज वर्गो की दिशा में पड़ता है।

Nov 23, 2016, 07:15 PM IST

नासा का सर्वाधिक शक्तिशाली स्पेस टेलिस्कोप तैयार

नासा ने अपने अब तक के सबसे बड़े टेलिस्कोप का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह टेलिस्कोप हब्बल से 100 गुना अधिक शक्तिशाली है और उन आकाशगंगाओं का पता लगा सकता है जो ब्रह्मांड के शुरूआती काल में बनी थीं।

Nov 3, 2016, 07:10 PM IST

धरती से सबसे दूरी पर स्थित आकाशगंगा का पता चला

वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से 11.1 अरब प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित आकाशगंगा के एक समूह का पता लगाया है। आकाशगंगा का यह समूह अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी पर स्थित है।

Aug 31, 2016, 03:55 PM IST

एक तिहाई लोग नहीं देख पाते हैं आकाशगंगा

प्रकाश प्रदूषण की वजह से विश्व के एक-तिहाई से अधिक लोग आकाशगंगा का दीदार नहीं कर पाते हैं। इनमें 60 प्रतिशत यूरोप और करीब 80 प्रतिशत अमेरिका के हैं। शुक्रवार को जारी हुए प्रकाश प्रदूषण के एक नए विश्व एटलस ने इसकी जानकारी दी है।

Jun 12, 2016, 12:29 AM IST

ठंडी और भारी गैस के बादलों से फल-फूल रहा है सुपरमैसिव ब्लैकहोल

खगोल विज्ञानियों ने पहली बार धरती से एक अरब प्रकाश वर्ष दूर विशाल आकाशगंगा के केंद्र में ठंडी, भारी और भद्दी गैस के बादलों से पोषित होते एक सुपरमैसिव ब्लैकहोल का पता लगाया है ।

Jun 9, 2016, 04:37 PM IST

हब्बल ने आकाशगंगा के बीच में खोजे पांच लाख तारे

नासा की हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन ने हमारे तारामंडल आकाशगंगा के बीच में पांच लाख से ज्यादा तारों के एक सघन समूह का पता लगाया है। नासा ने कहा कि ये तारे आकाश गंगा के ‘न्यूक्लियर स्टार क्लस्टर’ का हिस्सा हैं, जो हमारे तारामंडल का सबसे विशालकाय और सघन तारा समूह है। शोधकर्ताओं ने कहा कि इसमें बहुत सघनता वाले तारा समूह के चलते यह कुछ इस तरह लगता है मानो दस लाख सूर्यों को हमारे और हमारे करीबी अंतरिक्षीय पड़ोसी अल्फा सेंचुअरी के बीच के स्थान में भर दिया गया हो।

Apr 1, 2016, 04:33 PM IST

सबसे अधिक चमकीली आकाशगंगाओं की हुई खोज

खगोलविदों ने ब्रह्मांड में अब तक देखे गये सबसे अधिक चमकीली आकाशगंगाओं की खोज की है। ये इतने चमकीले हैं कि अनुसंधानकर्ताओं ने इन्हें ‘सबसे अधिक चमकीला’ बताया है।

Mar 23, 2016, 09:08 PM IST

हमारे ‘मिल्की वे’ के पीछे छिपी हैं सैकड़ों आकाशगंगा

वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से महज 25 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर ऐसी सैकड़ों आकाशगंगाओं की खोज की है जो अब तक हमारी आकाशगंगा के ‘मिल्की वे’ के पीछे छिपी हुई थीं।

Feb 10, 2016, 05:37 PM IST

आकाशगंगा में ढूंढा गया दूसरा सबसे बड़ा ब्लैकहोल

अंतरिक्ष विज्ञानियों ने आकाशगंगा के केंद्र में एक अदृश्य ब्लैकहोल के संकेतों की पहचान की है, जिसका वजन सूर्य के वजन का 100 हजार गुना है। 

Jan 17, 2016, 02:24 PM IST

साढ़े आठ अरब प्रकाशवर्ष दूर मिला नया आकाशगंगा समूह

नासा के दूरदर्शी यंत्रों का इस्तेमाल करते हुए वैज्ञानिकों ने एक विशालकाय आकाशगंगा समूह की खोज की है जो साढ़े आठ अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित है और इतनी बड़ी दूरी पर मिला अब तक का सबसे विशालकाय ढांचा है। 

Nov 4, 2015, 06:25 PM IST

आकाशगंगा के नए हिस्से की खोज

खगोल वैज्ञानिकों के एक दल ने हमारी आकाशगंगा के एक नए हिस्से की खोज की है। यह हिस्सा युवा तारों की एक महीन तश्तरी है, जो आकाशगंगा के मध्य में घने धूल के बादलों से ढका है। पहले यह धारणा थी कि आकाशगंगा के मध्य में काफी संख्या में पुराने तारे हैं, लेकिन अध्ययन बताता है कि इनमें बहुत से नए तारे भी मौजूद हैं।

Nov 1, 2015, 12:00 PM IST

'धरती जैसे कई ग्रहों का जन्म होना बाकी'

एक नए अध्ययन के मुताबिक ब्रह्मांड में करीब 92 फीसदी ऐसे ग्रहों का जन्म होना बाकी है जिन पर रहने के अनुकूल परिस्थितियां होने की संभावना है। अध्ययन में यह भी कहा गया है कि मौजूदा समय में आकाशगंगा में धरती के आकार के कम से कम एक अरब संसार होने चाहिए।

Oct 22, 2015, 02:59 PM IST

बिग-बैंग के बाद ऐसे बदल गया आकाशगंगाओं का आकार

बिग-बैंग के बाद उत्पन्न होने वाली आकाशगंगाओं में कई में व्यापक ‘बदलाव’ आए हैं। वैज्ञानिकों ने पहली बार इस तथ्य का पता लगाया है। कार्डिफ यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने हब्बल और हर्शेल टेलीस्कोपों के माध्यम से आसमान की पूर्व और वर्तमान स्थितियों का निरीक्षण कर पहली बार दिखाया है कि अपने जीवनकाल में आकाशगंगाएं अपना ढांचा बदल सकती हैं।

Aug 28, 2015, 04:43 PM IST

धीरे धीरे खत्म हो रहा है हमारा ब्रह्मांड: अध्ययन

हमारा ब्रह्मांड धीरे धीरे खत्म हो रहा है लेकिन हमारे पास अब भी 100 अरब वर्ष हैं। 200,000 आकाशगंगाओं पर किये गये एक अध्ययन में पाया गया है कि आकाशगंगा दो अरब वर्ष पूर्व की तुलना में आधा उर्जा उत्पादन कर रही हैं।

Aug 12, 2015, 12:27 AM IST

नासा ने खोजा आकाशगंगा का 'शैतान' तारा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के हबल टेलीस्कोप ने हमारी आकाशगंगा में एक नए और विचित्र स्वभाव वाले तारे की खोज की है तथा इसके बर्ताव के कारण इसे 'नैस्टी' (शैतान) तारा नाम दिया गया है। वास्तव में इसे शैतान इसलिए कहा गया है, क्योंकि इसे अपने जैसे ही एक अन्य तारे की बाहरी परत को चुराने वाला माना जा रहा है।

मई 24, 2015, 06:45 PM IST