डीएनए शो

Zee जानकारी : 'कैंसर' की चपेट में आए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 6 जिले

पश्चिमी उत्तरप्रदेश के 6 ज़िलों में बसे क़रीब 154 गांवों में 'कैंसर' तेज़ी से फैल चुका है। ये ज़िले हैं बागपत, बड़ौत, शामली, सहारनरपुर, मुजफ्फरनगर, और गाज़ियाबाद और इसकी वजह है वो 'जानलेवा पानी', जो कृष्णा, काली और हिंडन नदी में लगातार मिल रहा है। दरअसल कृष्णा और काली नदी, हिंडन नदी में मिलती हैं और वही हिंडन नदी मेरठ और गाज़ियाबाद होते हुए, दिल्ली में कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी में मिल जाती है।

Aug 30, 2016, 11:32 PM IST

Zee जानकारी : लंदन ओलंपिक के 4 साल बाद रेसलर योगेश्वर दत्त के मेडल का रंग बदला

भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त के मेडल का रंग बदल गया है। भारतीय Wrestler योगेश्वर दत्त ने 2012 के London Olympics में कुश्ती में कांस्य पदक जीता था लेकिन अब 4 साल बाद उनका Bronze Medal Silver Medal में तब्दील हो गया है। यानी 4 साल बाद उनका मेडल अपने आप Bronze से Silver Medal बन गया। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो गया? 

Aug 30, 2016, 11:30 PM IST

Zee जानकारी : 31 एथलीट्स की जान का दुश्मन बना नॉर्थ कोरिया का सनकी तानाशाह

रियो ओलंपिक में भारत के 2 पदकों के मुक़ाबले, नॉर्थ कोरिया के एथलीट्स ने 2 गोल्ड, 3 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज़ मेडल्स को मिलाकर कुल 7 मेडल्स जीते और Medal Tally में नॉर्थ कोरिया को 37वां स्थान मिला। 2 करोड़ 49 लाख की आबादी वाले नॉर्थ कोरिया के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि है लेकिन अब यही 7 Medals, Rio Olympics में भाग लेने गए नॉर्थ कोरिया के 31 एथलीट्स की जान के दुश्मन बन गए हैं और इसकी वजह है, वहां का सनकी तानाशाह 'किम जॉन्ग उन'।

Aug 29, 2016, 11:41 PM IST

Zee जानकारी : भारत में बस की सवारी लोगों की मजबूरी है

भारत में लोग बहुत मजबूरी में बस की यात्रा करते हैं और ऐसा करते हुए उन्हें कोई खुशी नहीं होती। भारत की परिवहन व्यवस्था में बसों की हिस्सेदारी 50 से 60 प्रतिशत है लेकिन भारत में उपलब्ध कुल वाहनों में बसों की संख्य़ा सिर्फ 1 प्रतिशत के आस-पास है। एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए बस की सवारी भारत के लोगों की मजबूरी है। भारत में बसों की दुर्दशा का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि लोग प्रदूषण कम करने के लिए या ट्रैफिक का बोझ कम करने के लिए अपनी मर्ज़ी से बस में सवार नहीं होते बल्कि कम किराए और यातायात के दूसरे साधनों के अभाव में भारत के लोग बस से यात्रा करते हैं। भारत में दूसरों के साथ बस यात्रा का अनुभव बांटने में ज्यादातर लोगों को गर्व का नहीं बल्कि शर्म का अनुभव होता है।

Aug 29, 2016, 11:39 PM IST

Zee जानकारी : दुनिया भर में सुनाई देने लगी बलोच लोगों की दबी आवाज

आपको याद होगा कि इसी 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में बलोचिस्तान का नाम लिया था। प्रधानमंत्री मोदी के इस भाषण ने बलोचिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बना दिया। नरेन्द्र मोदी के भाषण का असर ये हुआ कि बलोच लोगों की दबी हुई आवाज़ दुनिया भर में सुनाई देने लगी। 

Aug 29, 2016, 11:37 PM IST

Zee जानकारी : सिंगापुर की कंपनी न्यूटॉनमी ने उतारी बिना ड्राइवर वाली टैक्सी

सिंगापुर की कंपनी Nutonomy (न्यूटॉनमी) दुनिया की पहली ऐसी कैब सर्विस कंपनी बन गई है जिसकी Cabs को चलाने के लिए ड्राइवर्स की जरूरत नहीं है। इस कंपनी ने फिलहाल सिंगापुर की सड़कों पर ऐसी एक Driver less Taxi उतारी है लेकिन इस कंपनी का मानना है कि 2018 तक सिंगापुर की सड़कों पर हज़ारों DriverLess टैक्सियां दौड़ने लगेगी।

Aug 26, 2016, 11:14 PM IST

Zee जानकारी : बलोचिस्तान के लोगों पर बेइंतहां जुल्म ढा रही पाकिस्तानी फौज

पिछले दो हफ्तों में बलोचिस्तान में पाकिस्तान की फौज का ज़ुल्म बढ़ गया है। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस यानी 14 अगस्त को बलोचिस्तान के लोगों ने Black Day मनाने का फैसला किया था और तभी से पाकिस्तान की फौज निहत्थे बलोच लोगों के ऊपर हर उस हथियार का इस्तेमाल कर रही है, जिसका इस्तेमाल किसी दुश्मन के खिलाफ किया जाता है। 

Aug 26, 2016, 11:12 PM IST

Zee जानकारी : फर्ज़ी और डोनेशन वाले डॉक्टर्स से हो जाएं सावधान

फर्ज़ी डॉक्टर वो होते हैं जिनके पास डॉक्टरी की कोई डिग्री नहीं होती लेकिन वो फिर भी मरीज़ों को दवाइयां लिखते हैं। दूसरे फर्ज़ी डॉक्टर वो होते हैं जिनके पास आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा की डिग्री होती है लेकिन वो मरीज़ों को Allopathic दवाइयां लिखते हैं। और तीसरी तरह के फर्ज़ी डॉक्टर वो होते हैं जिनके पास Integrated Medicine या Alternative Medicine की डिग्री होती है। ये इलाज का वो तरीका होता है जिसमें मरीज़ के Lifestyle और Diet में बदलाव के जरिये इलाज किया जाता है लेकिन इन डिग्रियों वाले डॉक्टर भी Allopathy से इलाज करके फर्ज़ी डॉक्टर बन जाते हैं।

Aug 26, 2016, 11:08 PM IST

Zee जानकारी : बाढ़ से बेहाल देश के 5 राज्य, लाखों एकड़ फसल तबाह

इस वक्त देश के करीब 12 राज्यों के 50 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इन राज्यों में लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सबसे ज्यादा बुरा हाल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान और उत्तराखंड के लोगों का है। सबसे पहले आपको बताते हैं कि इन राज्यों की सरकारें और केन्द्र सरकार बाढ़ से निपटने के लिए क्या कर रही हैं? 

Aug 22, 2016, 11:04 PM IST

Zee जानकारी : विकास से अभी कोसों दूर है उत्तर पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश

कथित असहनशीलता के पर्वतों पर, ध्यान मुद्रा में बैठने वाले बुद्धिजीवियों को अब हम पूर्व दिशा में देश के सबसे सहनशील राज्य में लेकर चलेंगे। ये एक ऐसा राज्य है जिसकी आंखों के सामने चीन की चमक दमक है और पैरों के नीचे सख़्त सच्चाइयों वाली ज़मीन है। इस राज्य़ का नाम है अरुणाचल प्रदेश। अरुणाचल प्रदेश को विकास से जोड़ने वाली 2000 किलोमीटर लंबी सड़क का तोहफा मिलने वाला है और इस तोहफे के बारे में आज पूरे देश को जानना चाहिए।

Aug 22, 2016, 11:01 PM IST

Zee जानकारी : समाज में महिलाओं को आज भी वो सम्मान नहीं मिलता, जिसकी वे हकदार हैं

जिस देश में, आज से पहले तक क्रिकेट के अलावा किसी अन्य खेल की कोई बात नहीं होती थी, उसी देश में आज सबकी जुबान पर बैडमिंटन, कुश्ती और जिम्नास्टिक जैसे खेलों का नाम है। एक अनुमान के मुताबिक इस वक़्त 132 करोड़ की आबादी वाले भारत में करीब 68 करोड़ पुरुष हैं जबकि 64 करोड़ महिलाएं हैं लेकिन 68 करोड़ पुरुषों में से एक भी पुरुष, ओलंपिक्स में कोई पदक नहीं जीत पाया। ये बात देश के पुरुषों के अहम को चोट पहुंचा सकती है और उन्हें गुस्सा भी आ सकता है लेकिन गुस्से से इस समस्या का समाधान नहीं होगा। ये समाधान सच को स्वीकार करने और सोच बदलने से होगा।

Aug 22, 2016, 10:57 PM IST

Zee जानकारी : आधुनिक दौर का द्रोणाचार्य पुलेला गोपीचंद

पुरुष प्रधान देश माने जाने वाले भारत के लिए ओलंपिक्स में मैडल की खुशी दो लड़कियां यानी भारत की दो बेटियां लेकर आई हैं। पीवी सिंधु और साक्षी मलिक। इसलिए इन दोनों का मैडल बहुत ख़ास है। खासतौर से साक्षी मलिक के लिए, क्योंकि साक्षी उस राज्य से हैं, जो बेटियों को कोख में ही मार देने के लिए बदनाम है। 2011 की जनगणना के मुताबिक हरियाणा में 1 हज़ार लड़कों पर सिर्फ 834 लड़कियां ही हैं। जबकि साक्षी मलिक रोहतक के जिस गांव की रहने वाली हैं वहां तो 1 हज़ार लड़कों पर सिर्फ 800 लड़कियां ही हैं। लेकिन साक्षी के माता पिता का मानना है कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ और बेटी को खिलाओ ताकि वो ओलंपिक्स में मेडल ला सकें। 

Aug 19, 2016, 11:58 PM IST

Zee जानकारी : (रियो ओलंपिक) 132 करोड़ लोगों के देश में मेडल का अकाल क्यों?

PV सिंधु और साक्षी मलिक की सफलता के बीच में हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि हमारे देश की आबादी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है और दुनिया ये सवाल पूछ रही है कि 132 करोड़ लोगों के देश में मेडल का ऐसा अकाल क्यों पड़ा हुआ है। ये कहानी किसी एक ओलंपिक्स की नहीं है, बल्कि ये हर बार की पीड़ा है, हर बार का दर्द है। इसलिए आज भारत के खेलों का ये दुखद पहलू भी विश्लेषण की मांग करता है। हमारा देश दुनिया के सबसे अनफिट देशों में गिना जाता है, आपने भी गौर किया होगा कि हमारा देश, एक ऐसा देश है, जहां लोगों के रहने के लिए बिल्डर्स अवैध कॉलनीज तो बसा देते हैं, लेकिन इन कॉलनीज में रहने वाले बच्चों के लिए पार्क नहीं होते। 

Aug 19, 2016, 11:42 PM IST

Zee जानकारी : देश में 1 लाख 6 हज़ार स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ एक टीचर है

देश की संसद में शिक्षकों पर एक रिपोर्ट रखी गई जिसमें पता चला कि देश में 1 लाख 6 हज़ार स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ एक टीचर है। राज्यों के हिसाब से भी ये आंकड़ा जारी किया गया है। इस लिस्ट में पहले स्थान पर मध्य प्रदेश है। जहां 17 हज़ार 874 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ एक ही अध्यापक बच्चों को पढ़ा रहा है।  

Aug 10, 2016, 12:05 AM IST

Zee जानकारी : ...तो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर पहले से कई गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा

21वीं सदी के भारत में जीवन की रफ़्तार काफी तेज़ हो गई है। ज़्यादातर लोग हमेशा एक दूसरे से आगे निकलने की फिराक में रहते हैं। वैसे आगे जाने में कोई समस्या नहीं है लेकिन समस्या वहां शुरू होती है जब हम दूसरे की परवाह किए बगैर सड़क पर लापरवाही से आगे निकलने की कोशिश करने लगते हैं। और इसका नतीजा होता है दर्दनाक मौत। आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारे देश में आतंकवादी हमलों और बम धमाकों के मुकाबले सड़क हादसों में ज़्यादा लोग मारे जाते हैं और ये सड़क हादसे लापरवाही की वजह से ही होते हैं। 2015 में भारत में सड़क हादसों में 1 लाख 46 हज़ार लोगों की मौत हुई थी और इनमें से ज्यादातर मौतें ट्रैफिक नियमों का पालन ना करने की वजह से हुईं।

Aug 10, 2016, 12:01 AM IST

Zee जानकारी : (रियो ओलंपिक) अगर सिस्टम साथ दे तो एक खिलाड़ी भी इतिहास रच सकता है

इसमें कोई दो-राय नहीं है, कि हमारे एथलीट्स और खिलाड़ी जमकर मेहनत करते हैं लेकिन उनकी मेहनत पर पानी फेरने वालों में  बुद्धिजीवियों के साथ-साथ, गहरी नींद में सोने वाला हमारा सिस्टम भी ज़िम्मेदार है। Rio Olympics चल रहे हैं, हमेशा की तरह, हम हर रोज़ किसी पदक की उम्मीद बांधते हैं, और वो उम्मीद अक्सर टूट जाती है। ये तकलीफ आज की नहीं है, वर्षों से हम ऐसा ही देखते आ रहे हैं क्योंकि हमारे सिस्टम ने खिलाड़ियों और एथलीट्स का मनोबल तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अगर सिस्टम साथ दे तो किसी भी देश का सिर्फ एक खिलाड़ी भी इतिहास रच सकता है। इस बात के पक्ष में, हम आपको सिर्फ एक आंकड़ा दिखाएंगे जिसके केंद्रबिन्दु में एक अमेरिकी तैराक है जिसका नाम है माइकल फेल्प्स।

Aug 9, 2016, 11:57 PM IST

Zee जानकारी : भारत पर परमाणु हमला करने की सूरत में ज़्यादा नुकसान पाकिस्तान को ही उठाना पड़ेगा

पाकिस्तान भारत पर एटम बम गिराने को बच्चों का खेल समझता है, उसे लगता है कि परमाणु बम 2 मिनट में बनाए जाने वाले नूडल्स की तरह हैं, लेकिन ये पाकिस्तान की नादानी है, सच ये है कि भारत पर परमाणु हमला करने की सूरत में ज़्यादा नुकसान पाकिस्तान को ही उठाना पड़ेगा।

Aug 8, 2016, 11:53 PM IST

Zee जानकारी : भारतीय रेल में आपकी यात्रा 'मंगलमय' नहीं है, 'जान' जाने का है खतरा

ट्रेन में सवार होने से पहले रेलवे प्लैटफॉर्म पर, आपको एक संदेश सुनाई देता होगा, जिसमें कहा जाता है, कि हम आपकी सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना करते हैं लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी, कि आपकी यात्रा 'मंगलमय' नहीं है, बल्कि भारतीय रेल में यात्रा के दौरान आपकी 'जान' जाने का ख़तरा है। 

Aug 8, 2016, 11:48 PM IST

Zee जानकारी : (रियो ओलम्पिक) कई खेलों में अभी भी बहुत पीछे है भारत

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पिछले कुछ ओलम्पिक्स में भारत के प्रदर्शन में सुधार हुआ है, और पिछली बार की ही तरह, इस बार भी हमें अपनी टीम से बहुत उम्मीदें हैं। लेकिन उम्मीदों के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को भी ध्यान में रखना चाहिए। सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन हम कड़वी सच्चाईयों से दूर नहीं भाग सकते। हम ऐसा क्यों कह रहे हैं इसे समझने के लिए आपको कुछ आंकड़ें देखने होंगे। 

Aug 5, 2016, 11:38 PM IST

Zee जानकारी : इंटरनेट और मोबाइल फोन्स की लत लग गई है तो डिजिटल डिटॉक्स कराएं

अगर आप भी छुट्टियों पर जाने की योजना बना रहे हैं और ऐसी जगहों और ऐसे होटल्स की तलाश में हैं जहां इंटरनेट और वाईफाई जैसी सुविधाएं मौजूद हों। तो कृपया आप अपनी योजना में थोड़ा बदलाव करें। हमारी राय है कि आप ऐसी जगह और ऐसे होटल्स तलाशें जहां आपको इंटरनेट और वाई-फाई की सुविधा ना मिल पाएं। जहां आपका मोबाइल नेटवर्क भी काम ना करें और आप अपने साथ टैबलेट, लैपटॉप और स्मार्ट वॉच जैसे उपकरण भी लेकर ना जाएं।

Aug 5, 2016, 11:36 PM IST