डॉ विजय बहादुर सिंह 0

नामवर सिंह स्मृति: 'आलोचना वाद भी है, विवाद और संवाद भी'

यों तो हिंदी के प्राय: सभी बड़े लेखक और आलोचक गांवों से ही चलकर आए हैं पर रामविलास शर्मा और नामवर जी के बोल-व्यवहार और लहजे में गांव शायद ही कभी अनुपस्थित रहा हो.

Feb 20, 2019, 02:40 PM IST

अमृतलाल वेगड़ : चला गया नर्मदा का एक और प्रेमी

वेगड़ जी हम लेखकों की तरह नहीं थे. न ही छायावादियों जैसे स्वप्नदर्शी और स्वप्नजीवी ही. तब भी उनके पास सपने तो थे, जिन्हें वे उसी जीवन को मथकर उसी में रमकर निकालते थे.

Jul 7, 2018, 11:09 AM IST