दयाशंकर मिश्र

डियर जिंदगी: असफल बच्‍चे के साथ!

बच्‍चों की परवरिश में अपेक्षा जितनी कम होगी, वह अपने नैसर्गिक गुण के उतने अधिक नजदीक होंगे. तनाव, डिप्रेशन उन्‍हें कम से कम छू पाएंगे!

Jan 4, 2019, 10:17 AM IST

डियर जिंदगी : बच्‍चों को अपने जैसा नहीं बनाना !

जब त‍क हम बच्‍चों को संपत्ति की तरह प्रेम करना नहीं छोड़ते. हम उनके साथ जीवन का आनंद नहीं ले सकते.

Jan 3, 2019, 09:28 AM IST

डियर जिंदगी : क्‍या कहना है, बच्‍चों से!

बच्‍चे केवल स्‍कूल में ही असफल होते हैं! स्‍कूल के सहारे बच्‍चों को मत छोडि़ए. उनका जीवन संवारने की जिम्‍मेदारी हमारी है, स्‍कूल की नहीं. बच्‍चा आपका है, स्‍कूल का नहीं. इसे बहुत अच्‍छी तरह समझना होगा.

Jan 2, 2019, 09:52 AM IST

डियर जिंदगी: जोड़े रखना ‘मन के तार’!

‘इस बरस आपके मन के तार उन सबसे जुड़े रहें, जिन्‍हें आप प्रेम करते हैं. जो आपको स्‍नेह करते हैं. उनकी आत्‍मीयता, स्‍नेहन के आंगन में आपको जिंदगी के सबरंग मिले!’

Jan 1, 2019, 08:39 AM IST

डियर जिंदगी: हंसी एक तरह की निकटता है!

अकेलापन अनायास आई अपरिचित चुनौती नहीं, बल्कि यह उस कमी से  उपजी है, जिसे हम अपनेपन के नाम से जानते हैं.

Dec 31, 2018, 08:21 AM IST

डियर जिंदगी: ‘चुपके से’ कहां गया!

अपने प्रेम संबंध के लिए भी हमने सोशल मीडिया को सबसे बड़ा मंच बना दिया. मन जुड़ने से लेकर ‘तार-टूटने’ तक की सूचना अब अभिभावक को भी यहीं मिलती है!

Dec 27, 2018, 09:36 AM IST

डियर जिंदगी : जो तुम्‍हें अपने करीब ले जाए...

हम भूल रहे हैं कि मिट्टी का घड़ा, फ्रि‍ज नहीं. फ्रि‍ज का पानी लाख ठंडा हो, लेकिन उसमें मिट्टी का स्‍वाद नहीं. हमें अपनी मिट्टी के स्‍वाद को खजाने की तरह सहेजना है. इसमें ही जीवन की सुगंध है.

Dec 25, 2018, 07:39 AM IST

डियर जिंदगी: हम जैसे हैं !

इंटरनेट ने हमारी सोच, समझ, चेतना पर इस तरह कब्‍जा कर लिया है कि सहज बुद्धि, सोच, चिंतन ‘बेघर’ हो गए.

Dec 24, 2018, 09:45 AM IST

डियर जिंदगी: अभिभावक का समय!

अगर आपने माता-पिता को अपने केंद्र से बाहर कर दिया तो यकीन मानिए आप अपने बच्‍चों के केंद्र में कभी नहीं रह पाएंगे.

Dec 20, 2018, 09:22 AM IST

डियर जिंदगी: रिश्‍तों के फूल और कांटे!

रिश्‍ते जिस तरह की धूप में खिलते हैं, कुछ वैसी ही धूप में कुम्‍हलाते भी हैं. हमें उस ‘कैमिस्‍ट्री ‘को समझने की जरूरत है, जिनसे रिश्‍तों को विटामिन मिलता है!

Dec 19, 2018, 09:38 AM IST

डियर जिंदगी: आपने मां को मेरे पास क्‍यों भेजा!

यह ‘डियर जिंदगी’ उन पड़ोसियों के लिए है, जो संवेदना की सूखती नदी, परिवार तक सि‍मटती चिंता के बीच एक ऐसी दुनिया के सूत्रधार हैं, जिसमें सबके लिए आशा, सुख, सरोकार है.

Dec 18, 2018, 07:57 AM IST

डियर जिंदगी: ‘गंभीर’ परवरिश !

हम परवरिश कैसे करते हैं ! अपनी परवरिश के आधार पर. जैसी सब कर रहे हैं. उनके जैसे. जो भी हमें याद है, जो मेरी समझ है, उसके आधार पर!

Dec 14, 2018, 08:07 AM IST

डियर जिंदगी: समझते क्यों नहीं!

किसी को समझना बारिश की बूंदों में भीगने जैसा आसान होने के साथ, हिमालय की चढ़ाई करने जितना मुश्किल भी है!

Dec 13, 2018, 08:29 AM IST

डियर जिंदगी: अप्रिय की जुगाली!

हम अप्रिय चीजों में ऐसे उलझे रहते हैं कि जीवन में तनाव, बुरी यादों का अनजाने में संग्रह करते रहते हैं. अप्रिय की जुगाली एक लत की तरह मन को अस्‍वस्‍थ, खोखला करती रहती है  

Dec 11, 2018, 08:31 AM IST

डियर जिंदगी: खुशहाली के ख्‍वाब और 'रेगिस्‍तान'!

जिंदगी को सारा अंतर इससे पड़ता है कि आपका चीजों के प्रति नजरिया कैसा है! आपका दृष्टिकोण ही सब कुछ है. इसलिए, उसे सहेजिए, संभालिए.

Dec 6, 2018, 08:50 AM IST

डियर जिंदगी: आपका किला!

अक्‍सर हम जिन चीजों से सहमत नहीं होते, उन्‍हें अनदेखा करते जाते हैं, हम उनसे खुद को बहुत दूर मानते हैं, जबकि सच्‍चाई कुछ और होती है.

Dec 5, 2018, 08:11 AM IST

डियर जिंदगी: पापा की चिट्ठी!

हम बच्‍चों को उतनी आजादी भी नहीं दे रहे जो हमें अपने माता-पिता से विरासत में मिली थी. हमारी अपेक्षा का बोझ उनके कोमल मन को हर दिन कठोर, रूखा बना रहा है!

Dec 4, 2018, 08:04 AM IST

डियर जिंदगी: सबके साथ होने का भ्रम!

सबसे मिलना-जुलना, गप्‍पे हांकना सब मोबाइल की कोठरी में कैद हो गया है! सोशल मीडिया पर दूसरों के साथ होने का भ्रम धीरे-धीरे मनोरोग में बदल गया है.

Nov 30, 2018, 07:52 AM IST

डियर जिंदगी: आत्‍महत्‍या से कुछ नहीं बदलता!

घुटन के बुलबुले जो पहले आसानी से पकड़ में आ जाते थे, अब तभी नजर में आते हैं, जब उसकी 'खराश' दिल को छलनी कर देती है.

Nov 29, 2018, 07:39 AM IST

डियर जिंदगी: बड़े ‘होते’ हुए…

लोगों का बदला व्‍यवहार आपको दुखी करे, तो हमेशा समंदर के सूत्र को याद कीजिएगा! वहां से आशा की नौका मिलेगी, जो सुरक्षित तट तक पहुंचा देगी!

Nov 28, 2018, 08:06 AM IST