दयाशंकर मिश्र

डियर जिंदगी: प्रेम देते नमक जितना हैं, चाहते थैला भर हैं

ऐसा कौन है, जिसे प्रेम नहीं चाहिए. जो दोस्‍तों, परिजनों का स्‍नेह नहीं चाहिए. ऐसा कौन है, जो अपने आसपास, अपने प्रोफेशन में सबका दुलारा न बनना चाहे. लेकिन कर कितने पाते हैं. प्रेम वन-वे नहीं है, जिस पर बस एक तरफ का ट्रैफि‍क है. यह तो पूरी तरह वन-वे का उलटा है. इसके यहां तो वन-वे जैसा कोई विचार ही नहीं है.

Jun 15, 2017, 03:28 PM IST

डियर जिंदगी : आपके पास कितनी कहानियां हैं...

जिसके पास जितनी कहानियां होती हैं, वह उतनी ही बड़ी शख्सियत है. जिसके पास कहानियों का अंबार है, उसके पास ही अनुभव की पूंजी होगी. जिसकी जिंदगी में उतार- चढ़ाव कम हैं, उसका ग्रॉफ एक जैसा है. मेरे विचार में उसके पास दूसरों को देने के लिए उतना ही कम है. यहां कहानियों से आशय आपके जीवन में जोखिम, उतार-चढ़ाव और मुश्किलों से है. 

Jun 13, 2017, 03:38 PM IST

डियर जिंदगी : हम परिवर्तन के लिए कितने तैयार हैं...

हमारा जीवन जिन बुनियादी चीजों से प्रभावित , संचालित होता है परिवर्तन उनमें सबसे प्रमुख है. हम किसी नई चीज के लिए कितने तैयार हैं, इससे जिंदगी की दशा, दिशा बहुत हद तक तय हो जाती है. जो बदलाव, नई चीजों को सीखने के लिए जितना सहज है, जितना अभय है, दुनिया में उसके लिए उतने ही अधिक अवसर हैं.

Jun 12, 2017, 02:00 PM IST

डियर जिंदगी: हमारे भीतर इतनी हिंसा कहां से आई...

हमारी छवि एक ऐसे देश की है, जिसने  अहिंसा को धर्म का दर्जा दिया. हम इसका जिक्र भी गर्व से करते हैं कि हम अहिंसक, शांतिप्रिय समाज हैं. हम बहुसंख्‍यक तौर पर शांतिप्रिय हैं भी लेकिन हाल ही कुछ घटनाएं ऐसी हुई हैं, जो हमें चिंतित करने के लिए पर्याप्‍त हैं.

Jun 9, 2017, 02:59 PM IST

डियर जिंदगी: खुद को बदले बिना बच्‍चे नहीं बदलने वाले...

हम सबने वह समय देखा है, जब हमारे माता-पिता घर में शांति से झगड़ लेते थे. उनके बीच तनाव भी सौम्‍यता से रहता था. बुजुर्गों की उपस्थिति उनके आपसी गुस्‍से, तनाव को अनुभव, प्‍यार से संभाल लेती थी. एंगर मैनेजमेंट की सबसे बड़ी खूबी है, क्रोध के उस एक पल को संभाल लेना जब वह अपने चरम पर हो.

Jun 8, 2017, 02:26 PM IST

डियर जिंदगी : क्‍या घर पर भी आप ऑफि‍स जैसे हैं...

घर पर भी उनके चेहरे पर मुस्‍कान तलाशना मुश्‍किल काम है. गिनती के शब्‍द, बमुश्किल होठों पर हंसी. यही उनकी जीवनशैली है. ऐसे लोखों किरदार हमारे आसपास हैं. जिन्‍होंने जिंदगी को अपनी 'वर्किंग ऑवर' वाली छवि में कैद कर लिया है.

Jun 7, 2017, 02:34 PM IST

डियर जिंदगी : हम किसके सपने जी रहे हैं...

रिजल्‍ट का मौसम हमेशा की तरह बच्‍चों और पैरेंट्स के लिए इस बार भी खास है. इसलिए, यह हर जगह टॉकिंग प्‍वाइंट है, बहस, उलझन का दौर है. यह चुनाव  एकदम नैसर्गिक, बिना किसी तनाव के होना चाहिए. हमने बच्‍चों के बारे में सारा विमर्श नंबर केंद्रित कर दिया है, इसलिए अब उसकी सहज प्रतिभा का मूल्‍य निरंतर कम होता जा रहा है.

Jun 6, 2017, 04:56 PM IST

डियर जिंदगी : दूसरों के बारे में आपकी राय क्‍या है...

जरा, इस सवाल को बिना किसी कारण, यूं ही दूसरों के सामने उछाल कर देखिए. आप पाएंगे कि लोगों के बारे में राय देते हुए हम अक्‍सर निगेटिव होते हैं. इसके पीछे मूल वजह यही होती है कि अगर कोई काबिल और सबसे अच्‍छा है तो वह मैं हूं. 

Jun 5, 2017, 12:35 PM IST

डियर ज़िंदगी : नए 'रिवाज' कहां से आएंगे और कौन लाएगा...

आलोचना से डरना एक समाज के रूप में इस मायने में अच्‍छा है कि लोग आमतौर पर कुछ नियम-कायदों के बंधन को मान लेते हैं. समाज में इस आलोचना का डर कई बार क़ानून के डर के मुकाबले अधिक देखा गया है. तो समाज को व्‍यवस्थित करने के लिहाज से इसे ठीक कहा जा सकता है.

Jun 2, 2017, 11:56 AM IST

डियर जिंदगी : हम बदलाव के लिए कितने तैयार हैं...

हममें से ज़्यादातर लोग दावा करते हैं कि वह परिवर्तन पसंद हैं. बदलाव चाहते हैं, लेकिन भीतर से वह परिवर्तन विरोधी होते हैं, जो इस उम्‍मीद में जीते रहते हैं कि बस, एक बार सैटल हो जाएं. यह कहते-सुनते बच्‍चे जवान हो जाते हैं और जवान सीनियर सिटीज़न. लेकिन हर कोई बस इतना सा ख़्वाब लिए जिए जा रहा है कि सेटल हो जाएं.

Jun 1, 2017, 12:20 PM IST

डियर जिंदगी : हम 'आभार' से बहुत दूर निकल आए हैं...

एक दिन उनको चालीस बरस पहले उनके बॉस रहे शख्‍स की ओर से न्‍योता मिला. उनकी बेटी की शादी का निमंत्रण. उनके घर से कोई 400 किमी दूर. उन्‍होंने अपने बेटे जो किसी तीसरे छोर पर रहता था, उसे भी इस शादी में शामिल होने का आदेश दिया. बेटे ने थोड़ा विरोध जताते हुए इसमें जाने से इंकार कर दिया.

मई 31, 2017, 02:13 PM IST

डियर जिंदगी : कौन हमें गुस्‍सैल, दुखी और बीमार बना रहा है...

आप 'डियर जिंदगी' के इस लेख से असहमत हो सकते हैं. इस पर नाराजगी जाहिर कर सकते हैं. मैं इसका स्‍वागत करता हूं. बस एक शर्त है कि इसे पूरा जरूर पढ़ें, अधूरे पर राय बनाकर आप इसके शीर्षक को सही साबित कर देंगे.

मई 30, 2017, 04:54 PM IST

डियर जिंदगी : रिजल्ट हमारा दोस्त, कभी बुरा नहीं होता

सीबीएसई बोर्ड की 12वीं का रिजल्‍ट आने के बाद हम ऐसे बच्‍चों की सफलता की कहानियां बताने, सुनने में व्‍यस्‍त हैं, जिन्‍होंने लगभग 100 प्रतिशत अंक हासिल कर लिए हैं.

मई 29, 2017, 02:52 PM IST

डियर जिंदगी : उनके लिए जो पहली, दूसरी नौकरी के बाद मुश्किल वक्त में हैं

आईआईएम से निकले युवा का जैसा मिज़ाज होना चाहिए. उसका वैसा ही है. इसके साथ उसके पिता का आर्मी ऑफ़िसर का बैगग्राउंड उसे विरासत में मिला. उसकी पहली नौकरी वैसी ही है, जैसी हम आईआईएम के कैंपस प्‍लेसमेंट की कहानियां पढ़ते हैं. लाखों का पैकेज और सपनों का शहर मुंबई, लेकिन अनुभूति आनंद की ज़िंदगी पटरी पर नहीं आ रही थी. 

मई 26, 2017, 04:33 PM IST

डियर ज़िंदगी : आपने सच्‍ची तारीफ़ कितने बरस पहले की थी...

हम शिकायतों का पुलिंदा बन गए हैं. सुबह से शाम, देर रात सोने से पहले और जागने के बाद हम शिकायत के मास्‍टर हो जाते हैं. अक्‍सर ही हमें चीज़ों में कमी नज़र आने लगी है. इसका सबसे बड़ा असर यह हुआ है कि हम वर्तमान के सुख से दूर एक किस्‍म की मानसिक बाधा का शिकार हो गए हैं. हर बात में शिकायत, बात-बात में शिकायत. 

मई 25, 2017, 04:34 PM IST

डियर ज़िंदगी : आप अभी तक 'उसी' बात से दुखी हैं...

ट्रैफ़िक जाम हर दिन होने वाली परेशानी का नाम है. देखने में यह जितनी बड़ी है, इसके मुख्‍य कारण उतने ही छोटे हैं. सबसे बड़ा कारण, किसी एक की मूर्खता होती है. 

मई 24, 2017, 04:15 PM IST

डियर जिंदगी : खुश रहिए और 'लक' की थ्‍योरी को इस तरह समझिए

आप अपनी जिंदगी में जितने लोगों से मिले हैं, उनमें से कितने को आप जिंदगी से पूरी तरह संतुष्‍ट पाते हैं! हर हाल में खुश. मेरे पास तो बमुश्किल पांच लोग हैं, जिन्‍हें मैं पूरी तरह से संतुष्‍ट, सुखी कह सकता हूं. ऐसे संतुष्‍टों की प्रजाति अब विलुप्‍त होती जा रही है और इसके साथ ब्‍लड प्रेशर और चिंता हमारी रगों में दौड़ते जा रहे हैं.

मई 23, 2017, 04:10 PM IST

डियर जिंदगी : अपने को थोड़ा सा 'खाली' करें

यह सेल्‍फी समय है. इसमें सबसे खास 'सेल्‍फ' ही हो गया है. इसीलिए समय का यह टुकड़ा सेल्‍फी समय के नाम से जाना जा रहा है. यहां सबसे सुंदर वह फ्रेम है, जिसमें मैं हूं! अच्‍छा होता अगर यह विचार मोबाइल के फीचर तक सिमटा रहता लेकिन सेल्‍फी ऑप्‍शन मोबाइल से होते हुए हमारे घर, परिवार और दोस्‍तों तक पहुंच गया है. हम से होते हुए हमारी पूरी सोच 'मैं' पर आ गई है. 

मई 22, 2017, 02:20 PM IST

डियर ज़िंदगी : बच्‍चों के लिए कैसी दुनिया बना दी हमने... उनकी धड़कनों में अपने सपने भर दिए...

तुम क्‍या बनना चाहते हो ! भारत में बच्‍चों से सबसे अधिक पूछा जाने वाला सवाल यही है. जिस बच्‍चे को अभी दुनिया के बारे में तो दूर, स्‍कूल और कॉलेज की किताबों के बारे में ठीक से नहीं पता.. उसके दिल और दिमाग में यह सवाल ठूंसने में हम दुनिया में नंबर एक हैं.

मई 19, 2017, 03:06 PM IST

डियर जिंदगी : काश! सुसाइड करने वाले बच्‍चे समझ पाते, 'लोग कुछ नहीं कहते...'

उनकी आवाज बेदम थी. बड़ी मुश्किल से टूटे-फूटे शब्‍दों में उन्‍होंने जो कहा वह दिल दहला देने वाला था. 'दसवीं के रिजल्‍ट वाले दिन उनके बेटे और बेटी ने सुसाइड कर लिया. पहले बहन फि‍र भाई ने.

मई 18, 2017, 02:31 PM IST