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दीक्षा

सूरत: 12 साल की उम्र में छोड़ दिया सांसारिक मोह, जैन दीक्षा लेकर बन गई संन्यासी

जैन धर्म में, दीक्षा सांसारिक सुखों के त्याग की एक रस्म है, जिसमें लोगों, स्थान या चीजों से भावनात्मक जुड़ाव शामिल है. 

मई 29, 2019, 03:00 PM IST

हरिद्वार में गंगा के तट पर रामदेव ने 90 संन्यासियों को 'दीक्षा' प्रदान की

संन्यासी जीवन में संन्यासियों का स्वागत करते हुए योग गुरू ने कहा कि संत बनने और स्वयं को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित करने से ज्यादा आनंददायक कुछ और नहीं हो सकता.

Mar 25, 2018, 10:13 PM IST

मां का भी दिल नहीं पसीजा, दुधमुंही बेटी को बिलखता छोड़ ली दीक्षा

सुमित ने विधिवत दीक्षा ली और वह सुमित राठौर से सुमित मुनि बन गए. जैन समाज के लोगों के अनुसार, अनामिका 23 सितंबर को सूरत से लौट आई और उसने बेटी इभ्या को अपने भाई-भाभी को सौंपने यानि गोद देने की प्रक्रिया पूरी की.

Sep 26, 2017, 05:18 PM IST