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आस्था या अंधविश्वास!..मान्यता के नाम पर 'मौत' का खेल देखिए

उज्जैन: हिंदुस्तान ने आज वैज्ञानिक तरक्की के जरिये भले ही दुनिया भर में अपनी मजबूत पहचान बना ली हो. लेकिन, 21वीं सदी में जी रहे भारत देश में आज भी परंपरा और आस्था का बोलबाला है. वहीं, जब आस्था और परंपरा में हदें पार हो जाएं, तो आस्था और अंध विश्वास में फर्क करना मुश्किल हो जाता है. उज्जैन के एक गांव में ऐसी ही एक परंपरा सदियों से चली आ रही है. दरअसल, भीड़ावद गांव में दीपावली के दूसरे दिन दर्जनों लोग मन्नतें लेकर सैकड़ों गायों के पैरों तले रौंदे जाने के लिए लेट जाते हैं. कुछ ही पलों में सैकड़ों गायें जमीन पर लेटे लोगों के ऊपर से गुजर जाती हैं.

Oct 28, 2019, 05:40 PM IST

अजब MP में गजब आस्था, मन्नत पूरी करवाने के लिए गायों से खुद को रौंदवाते हैं लोग

सदियों से चली आ रही गौरी पूजन की परंपरा की तैयारियों में जुट जाते हैं. लोग अपनी गायों को तैयार करते हैं.

Oct 28, 2019, 04:42 PM IST