dr dilip shakya

नामवर सिंह: हिन्दी आलोचना की वाचिक परंपरा के अंतिम शिखर

एक आलोचक के रूप में, नामवर सिंह की किताबों से अधिक उनके व्यक्तित्व का मूल्यांकन होता रहा है... उनके समूचे व्यक्तित्व में एक शैलीगत भव्यता के दर्शन होते हैं.

Feb 21, 2019, 02:20 PM IST