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election special 2017

उत्तराखंड चुनाव 2017: बागी बनाएंगे और बिगाड़ेंगे खेल

इस बार उत्तराखंड विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प है। मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाने की बड़ी चुनौती है जबकि भाजपा रावत से कुर्सी छीन कर सत्ता के सिंहासन पर काबिज होना चाहेगी। लेकिन सत्ता के सिंहासन पर विराजमान होना दोनों ही पार्टियों के लिए आसान नहीं है। भाजपा और कांग्रेस को एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक रूप से लड़ने के साथ-साथ अपने बागी नेताओं से भी निपटना है। बागी नेता चुनावी समर में कूदकर दोनों दलों की मुश्किलें बढ़ा चुके हैं। पिछले साल कांग्रेस से 9 विधायक अलग होकर भाजपा के साथ आ गए। इनके अलावा टिकट न मिलने पर कई नेताओं ने कांग्रेस से बगावत की है। जबिक भाजपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त 33 नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया है।

Feb 13, 2017, 05:48 PM IST

पंजाब चुनाव: महिलाओं के बेहद कम प्रतिधिनित्‍व पर सवाल

पंजाब विधानसभा चुनाव में महिला उम्‍मीदवारों के प्रतिनिधित्‍व को लेकर सियासी पार्टियों का निराशाजनक रुख सामने आया है। मौजूदा राजनीतिक दौर में महिला उम्‍मीदवारों को हल्‍के में नहीं लिया जाता, लेकिन पंजाब के बड़े सियासी दलों ने महिलाओं को इस बार उचित प्रतिनिधित्‍व देने में काफी बेरुखी बरती। आंकड़ों से साफ हो जाता है कि इन दलों की मंशा महिलाओं के प्रति क्‍या है। 

Feb 10, 2017, 11:19 AM IST

नफरत की राजनीति से ऊब चुकी है वेस्ट यूपी की जनता!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 अपने रोमांचक दौर में पहुंच गया है। 11 फरवरी को पहले चरण के तहत 73 सीटों पर मतदान है। इस चरण की सभी 73 सीटें वेस्ट यूपी में है। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो वेस्ट यूपी हमेशा से ध्रुवीकरण के पहिए पर घूमती है। क्योंकि यहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है और चुनाव में किसी भी प्रत्याशी के हार और जीत में इन वोटरों की भूमिका अहम होती है। 

Feb 7, 2017, 07:46 PM IST

यूपी: विरासत संभालने को चुनावी मैदान में नई पीढ़ी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कई पुराने धुरंधर नेताओं व बाहुबलियों की विरासत संभालने के लिए उनकी अगली पीढ़ी इस बार चुनावी मैदान में उतर आई है। उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का नाम अनजाना नहीं है। वह खुद तो मऊ सदर से चुनाव लड़ रहे हैं, साथ ही इस बार वह अपने बेटे अब्बास अंसारी को भी टिकट दिलाने में कामयाब हो गए हैं। अब्बास घोंसी

Feb 7, 2017, 04:36 PM IST

यूपी में महिलाओं के बूते चुनावी नैया पार करने की जुगत में पार्टियां

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का रण शुरु हो गया है और चुनावी पारा तेजी से गर्माता जा रहा है यूपी में चुनावी रैलियां और प्रचार शबाब पर चढ़ रहा है। ऐसे राजनैतिक माहौल में अगर आधी आबादी यानि महिलाओं की बात ना की जाए तो बात अधूरी सी रहेगी।

Feb 6, 2017, 07:31 PM IST

यूपी चुनाव में छोटे दलों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण?

जनसंख्या की दृष्टि से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी जोरों पर है। हो भी क्यों न यह प्रदेश, राष्ट्रीय राजनीति में अहम योगदान निभाता है इसलिए यहां सभी राष्ट्रीय पार्टियां अपना वर्चस्व कायम करने के लिए जीतोड़ कोशिश करती हैं लेकिन कई दशकों से यहां समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी का दबदबा चला आ रहा है। इस

Feb 6, 2017, 06:50 PM IST

बुंदेलखंड : भारी पड़ सकता है 'सपा-कांग्रेस' गठबंधन!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दल अपनी जीत पक्की करने के लिए हर जुगत और समीकरण भिड़ा रहे हैं। जीत के लिहाज से किस क्षेत्र में कौन सा फॉर्मूला काम करेगा इस पर राजनीतिक पार्टियों का विशेष जोर है। यूपी के बुंदेलखंड की अगर बात करें तो यहां बसपा को उम्मीद है कि वह अपने ‘डीबीएम’ फॉर्मूले से चुनाव जीत जाएगी जबकि भाजपा को अपने मतदाताओं के ध्रुवीकरण और सपा एवं कांग्रेस को अपने गठबंधन से खासी उम्मीदें हैं। चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि जातिगत समीकरणों को देखते हुए बंदुलेखंड इलाके में सपा और कांग्रेस गठबंधन को बढ़त हासिल हो सकती है।

Feb 6, 2017, 06:02 PM IST

यूपी विधानसभा 2017 : मायावती के सामने बागियों और पुराने बसपाइयों की चुनौती

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत के लिए राजनीतिक दल हर सम्भव समीकरण साधने में जुटे हुए हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती एक ओर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खेमे में सेंध लगा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ 'हाथी' का साथ छोड़कर अन्य पार्टियों में पहुंचे दिग्गज और टिकट पाने से वंचित रहे बसपाई भी उनके लिए परेशानी बन रहे हैं।

Feb 6, 2017, 05:33 PM IST

यूपी: एक बार फिर ‘रियाया’ के दर पर शाही खानदानों के नुमाइंदे

वे भले ही अपनी हुकूमत खो चुके हों, लेकिन राजकाज चलाने की ख्वाहिश अब भी उनके लिये बेहद अहमियत रखती है। शायद यही वजह है कि शाही और रियासती खानदान के अनेक नुमाइंदे इस बार भी उत्तर प्रदेश के ‘हाई वोल्टेज’ विधानसभा चुनाव में एक बार फिर जनता के ‘दरबार’ में खड़े हैं।

Feb 6, 2017, 05:14 PM IST