Election Special 2017 News

alt
इस बार उत्तराखंड विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प है। मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाने की बड़ी चुनौती है जबकि भाजपा रावत से कुर्सी छीन कर सत्ता के सिंहासन पर काबिज होना चाहेगी। लेकिन सत्ता के सिंहासन पर विराजमान होना दोनों ही पार्टियों के लिए आसान नहीं है। भाजपा और कांग्रेस को एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक रूप से लड़ने के साथ-साथ अपने बागी नेताओं से भी निपटना है। बागी नेता चुनावी समर में कूदकर दोनों दलों की मुश्किलें बढ़ा चुके हैं। पिछले साल कांग्रेस से 9 विधायक अलग होकर भाजपा के साथ आ गए। इनके अलावा टिकट न मिलने पर कई नेताओं ने कांग्रेस से बगावत की है। जबिक भाजपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त 33 नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया है।
Feb 13,2017, 17:48 PM IST
alt
जनसंख्या की दृष्टि से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी जोरों पर है। हो भी क्यों न यह प्रदेश, राष्ट्रीय राजनीति में अहम योगदान निभाता है इसलिए यहां सभी राष्ट्रीय पार्टियां अपना वर्चस्व कायम करने के लिए जीतोड़ कोशिश करती हैं लेकिन कई दशकों से यहां समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी का दबदबा चला आ रहा है। इस विधानसभा चुनाव में उसे तोड़ने के लिए केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कमर कर मैदान में डटी हुई है। उधर कांग्रेस भी इस बार यूपी की सत्ता में अपनी उपस्थिति दर्ज करना चाहती है इसलिए सपा के गठबंधन कर लिया है। इस सियासी दाव पेंच में
Feb 6,2017, 18:50 PM IST
alt
Feb 6,2017, 18:02 PM IST

Trending news