close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

global warming

ग्लोबल वार्मिंग से बदल सकता है पृथ्वी का आकार : अध्ययन

जलवायु परिवर्तन से ना सिर्फ समुद्र गर्म हो रहे हैं और मौसम अनियमित हो रहा है बल्कि एक नये अध्ययन पर गौर करें तो इससे पता चलता है कि इससे हमारे ग्रह की आकृति में भी बदलाव हो सकता है।

Oct 2, 2015, 11:15 PM IST

ग्लोबल वार्मिंग : 1970 के बाद आर्कटिक पर सबसे कम बर्फ

दुनिया के उत्तरी ध्रुव पर आर्कटिक सागर में इस साल 1970 के बाद सबसे कम बर्फ जमी है। साल 1970 में उपग्रह से इसकी निगरानी शुरू की गई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका कारण जलवायु परिवर्तन व ग्लोबल वॉर्मिंग है।

मई 7, 2015, 04:22 PM IST

ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण गरीबी से लड़ाई पड़ सकती है कमजोर: विश्व बैंक

विश्व बैंक ने एक रिपोर्ट के जरिए चेतावनी देते हुए कहा है कि जलवायु परिवर्तन विश्व भर में गरीबी को हराने के लिए किए जा रहे प्रयासों को कमजोर कर सकता है।

Nov 24, 2014, 09:41 AM IST

ग्लोबल वार्मिग से बचा सकती है चींटी

चींटी हमें ग्लोबल वार्मिग से बचा सकती है। शोधार्थियों के मुताबिक, चींटियों ने 6.5 करोड़ साल पहले अपनी उत्पत्ति के बाद से बड़ी मात्रा में हवा से कार्बन डाईऑक्साइट को सोखा है। एक चींटी का जीवन एक साल से अधिक का नहीं होता। लेकिन जैसे-जैसे उसकी संख्या बढ़ती है, वैसे वैसे वह वातावरण को ठंडा करने में मदद करती है।

Aug 4, 2014, 04:38 PM IST

वैश्विक तापमान वृद्धि में एकरूपता नहीं : अध्ययन

दुनिया में गर्मी बढ़ रही है लेकिन सभी जगहों पर और समान दर से नहीं बढ़ रही है ।

मई 5, 2014, 03:39 PM IST

अंटार्कटिक में बर्फ का पिघलना 10 गुना तेज हुआ

गर्मियों के मौसम में अंटार्कटिक में बर्फ का पिघलना 600 साल पहले की तुलना में अब दस गुना ज्यादा तेज हो गया है। एक नए अध्ययन में चेतावनी देते हुए कहा गया कि मध्य 20 वीं सदी के बाद से बर्फ के पिघलने की गति इस समय सबसे तेज हो गयी है।

Apr 15, 2013, 02:36 PM IST

ग्लोबल वार्मिग से लड़ने में सहायक होंगी समुद्री अर्चिन!

कुछ समुद्री अर्चिन वायुमंडल से भारी मात्रा में कार्बन डाई आक्साइड सोख सकती हैं जिससे ग्लोबल वार्मिग से लड़ने में हमारी सहायता कर सकती हैं।

Feb 7, 2013, 09:50 PM IST

जलवायु परिवर्तन के कारण विफल हो सकता है भारतीय मानसून

वातावरण में व्यापक मानवीय हस्तक्षेप से उत्पन्न ग्लोबल वार्मिंग अगले 200 वर्षों में भारतीय मानसून को विफल कर सकता है और ऐसा होने पर खाद्य आपूर्ति को गंभीर संकट पैदा हो सकता है। एक नए अध्ययन में यह चेतावनी दी गई है।

Nov 6, 2012, 06:15 PM IST