history of rwanda

रवांडा में 6 अप्रैल 1994 का खूनी इतिहास, जहां आज भी लाखों बच्चे हैं 'हत्यारे के बेटे'

रवांडा में हुए इस भीषण नरसंहार में जिस सबसे खतरनाक हथियार का इस्तेमाल किया गया उसका नाम था ‘बलात्कार’.  यह हथियार इतना पैना था कि रवांडा के लोगों के जेहन में आज भी वे जख्म इतने गहरे हैं कि उनकी आंखों से आज भी आसुओं के रूप में खून रिसता है.

Apr 6, 2021, 08:19 AM IST