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holiday in gas tragedy day

Bhopal Gas Tragedy की बरसी पर MP में अवकाश, क्या सरकार जहरीला कचरा भी हटाएगी

1984 की भोपाल की वह रात आज भी उन मौतों का शांत शोर ढोती है जो मौतें बिना किसी चीख और बिना शिकवा-शिकायत के हो गईं. 36 सालों का तकाजा यह है कि उस गैस कांड के पीड़ितों की तीसरी पीढ़ी भी त्रासदी का दंश लेकर पैदा होती हैं और इसी के साथ जीने को मजबूर हैं. 

Dec 3, 2020, 05:00 AM IST