mira bai poetry

उर्दू की चाशनी में घुली कान्हा के लिए मीरा की मोहब्बत

मीरा की मोहब्बत और इबादत की शायरी को तहज़ीब के लिए पहचानी जाने वाली भाषा उर्दू में ढालने का कारनामा शायर हाशिम रज़ा जलालपुरी ने कर किया है.

Oct 22, 2020, 04:45 PM IST