Email करते समय भूलकर भी न करें ये 11 गलतियां, होता है गलत असर

दिन पर दिन बढ़ते स्मार्टफोन के यूजर्स के बीच कम्युनिकेशन का तरीका भी बदल रहा है. कुछ साल पहले तक ई-मेल के माध्मय से होने वाला पर्सनल और प्रोफेशनल कनवरशेसन अब व्हाट्सएप, फेसबुक मैसेंजर, आई मैसेज और गूगल हैंगआउट पर होने लगा है.

Email करते समय भूलकर भी न करें ये 11 गलतियां, होता है गलत असर

नई दिल्ली : दिन पर दिन बढ़ते स्मार्टफोन के यूजर्स के बीच कम्युनिकेशन का तरीका भी बदल रहा है. कुछ साल पहले तक ई-मेल के माध्मय से होने वाला पर्सनल और प्रोफेशनल कनवरशेसन अब व्हाट्सएप, फेसबुक मैसेंजर, आई मैसेज और गूगल हैंगआउट पर होने लगा है. तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के बीच ई-मेल का तरीका भी बदला है. लेकिन इस सबके बीच आपको यह भी याद रखना होगा कि प्रोफेशनल कनवरशेसन में हमेशा ई-मेल की वैल्यू ज्यादा रहेगी. ऑफिस में औपचारिक बातचीत के लिए ई-मेल का प्रयोग अन्य माध्यमों की बजाय ज्यादा सहूलियत वाला और विश्वसनीय होता है. अगर आप भी ई-मेल करते समय कुछ गलतियां करते हैं तो आपको ध्यान देने की जरूरत है. इन गलतियों को करने पर सामने वाले पर आपका गलत असर पड़ता है. आगे पढ़िए ऐसी ही कुछ गलतियां जिन्हें आपको नहीं करना चाहिए.

ईमेल में urgent मार्क न करें
कुछ लोगों की आदत होती है कि नॉमर्ल ई-मेल में भी वे अर्जेंट (urgent) मार्क कर देते हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप जब तक जरूरी न हो तब तक अपने ई-मेल में अर्जेंट मार्क न करके न भेजें. ऐसा करना अच्छा नहीं होता.

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सब्जेक्ट लाइन हमेशा लिखें
कई बार आप जल्दबाजी में सब्जेक्ट लाइन नहीं लिख पाते, जो कि बड़ी चूक होती है. इसलिए जरूरी है कि आप अपने मेल में दो से तीन शब्दों की सब्जेक्ट लाइन अवश्य लिखें. ऐसा करने से सेंडर और रिसीवर दोनों को भविष्य में आसानी होती है. आप जरूरत पड़ने पर इस ई-मेल को ढूंढ सकते हैं.

गलत स्पेलिंग और टाइपिंग एरर
गलत स्पेलिंग और टाइपिंग एरर होने पर रिसीवर आप आपका प्रभाव बहुत गलत पड़ता है. डिजिटल युग में स्पेलिंग की गलतियों को आप अलग-अलग तरह से क्रास चेक करके सही कर सकते हैं. डिक्शनरी और ऑटोकरेक्ट फीचर का प्रयोग करके भी आप स्पेलिंग की गलतियों से बच सकते हैं. साथ ही टाइपिंग एरर का भी आपको ध्यान रखना चाहिए.

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एसएमस लैंग्वेज का इस्तेमाल
अक्सर देखा जाता है कि लोग ई-मेल में भी टाइपिंग का आलस करते हुए एसएमएस लैंग्वेंज का इस्तेमाल करते हैं. अब आपके पास नोकिया 3310 या और कोई फीचर फोन तो है नहीं जो आप अभी भी शॉर्ट लैंग्वेज का प्रयोग करते हैं. इसलिए ध्यान रखें कि Thanks को tks या thx और सॉरी को sry न लिखें.

सही सब्जेक्ट लाइन लिखें
कई बार लोग ई-मेल का पूरा टेक्सट ही सब्जेक्ट लाइन में लिख देते हैं. यह बहुत गलत आदत होती है. सब्जेक्ट लाइन के अलावा मैटर लिखने के लिए ई-मेल में अलग से जगह दी जाती है. ऐसे में सब्जेक्ट और बॉडी टेक्स्ट में अलग-अलग लिखें.

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रीड रीसिप्ट के लिए रिक्वेस्ट
ई-मेल भेजने पर आपको रीड रीसिप्ट रिक्वेस्ट नहीं मांगनी चाहिए. यदि आप रीड रीसिप्ट मांगते हैं तो इससे ऐसा लगता है कि आप ये जानने के लिए बहुत उत्सुक हैं कि आपका ईमेल पढ़ा गया या नहीं. वहीं उससे यह भी लगता है कि आपको विश्वास नहीं है कि सामने वाला आपका ई-मेल पढ़ेगा या नहीं.

इमोजी का इस्तेमाल न करें
ई-मेल में अपनी फीलिंग को ई-मोजी के बजाय लिखकर बताएं. इमोजी स्नैपचैट या इंस्टाग्राम पोस्ट के लिए सही है न कि ई-मेल के लिए.

एक्सक्लेमेशन मार्क का प्रयोग न करें
ईमेल में टेक्सट लिखने के दौरान कौमा या फुल स्टॉप का प्रयोग तो आपको करना चाहिए. लेकिन यदि आप अपने ई-मेल एक्सक्लेमेशन मार्क (!!!!!!) का प्रयोग करते हैं तो यह सही नहीं. ईमेल में इनकी कोई जरूरत नहीं होती.

सही फॉन्ट का चुनाव करें
ईमेल करते समय आपको नए और रंग-बिरंगे फॉन्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हमेशा ध्यान रखें कि नॉर्मल फॉन्ट का ही इस्तेमाल करना अच्छा रहता है. इससे पढ़ने में भी आसानी होती है साथ ही रिसीवर पर अच्छा असर भी पड़ता है.

रिप्लाई टू ऑल के प्रयोग में सावधानी
रिप्लाई टू ऑल हमेशा देखकर ही करें. ऐसा इसलिए क्यों कई बार हमें ऐसे ईमेल मिलते हैं जिनमें कई अन्य रिसीप्ट मार्क होते हैं लेकिन उन्हें आपका रिप्लाई करना जरूरी नहीं होता. ऐसे में पहले ई-मेल में मार्क किए गए रिसीप्ट पर्सन को ध्यान में रखकर ही रिप्लाई करें.

अटैचमेंट भेजने से पहले सोचें
ईमेल के साथ कभी भी फालतू के अटैचमेंट न भेजें. हालांकि, स्पेस कोई समस्या नहीं है लेकिन कई बार अटैचमेंट के 'बोझ' के चलते जरूरी ईमेल डाउनलोड होने में ज्यादा समय लगा देता है.