BGR Talks: असीम माथुर ने बताया, गेमर्स के अनुभव को कैसे बेहतर कर रही डॉल्बी टेक्नोलॉजी

असीम कई दिग्गज कंपनियों में मार्केटिंग गुरु रह चुके हैं. वे 1999 में LG इलेक्ट्रॉनिक्स में मार्केटिंग मैनेजर रह चुके हैं. इसके बाद उन्होंने साल 2005 में माइक्रोसॉफ्ट में डायरेक्टर ऑफ मार्केटिंग का पद संभाला.

BGR Talks: असीम माथुर ने बताया, गेमर्स के अनुभव को कैसे बेहतर कर रही डॉल्बी टेक्नोलॉजी
डॉल्बी लैबोरेट्रीज के सीनियर रीजनल डायरेक्टर (इमर्जिंग मार्केट), असीम माथुर

बीजीआर इंडिया BGR Talks के अपने दूसरे एपिसोड के साथ एक बार फिर हाजिर है. इस सीरीज के तहत हम इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स, CEO, फाउंडर और अन्य दिग्गजों का इंटरव्यू लेते हैं. इस एपिसोड में हमने डॉल्बी लैबोरेट्रीज के सीनियर रीजनल डायरेक्टर (इमर्जिंग मार्केट), असीम माथुर से बातचीत की है.

असीम कई दिग्गज कंपनियों में मार्केटिंग गुरु रह चुके हैं. वे 1999 में LG इलेक्ट्रॉनिक्स में मार्केटिंग मैनेजर रह चुके हैं. इसके बाद उन्होंने साल 2005 में माइक्रोसॉफ्ट में डायरेक्टर ऑफ मार्केटिंग का पद संभाला. असीम एक्सबॉक्स 360 की लॉन्चिंग के दौरान भी मौजदू रहे और साल 2010 में उन्होंने डॉल्बी लैबोरेट्रीज का रुख किया. फिलहाल वह डॉल्बी लैबोरेट्रीज में इमर्जिंग मार्केट के सीनियर रीजनल डायरेक्टर हैं. वह डॉल्बी एटमॉस, डॉल्बी विजन, डॉल्बी ऑडियो, डॉल्बी विजन आईक्यू, डॉल्बी डिजिटल प्लस, डॉल्बी एक्सेस जैसी टेक्नोलॉजी के प्रोजेक्ट हैंडल करते हैं.

माथुर से इंटरव्यू की शुरुआत उनके इंडस्ट्री में 21 साल लंबे अनुभव पर बातचीत से हुई और इस दौरान उन्होंने क्या बदलाव देखा? उन्होंने इस मुद्दे को विस्तार से समझाया और बताया कि पिछले 20 सालों में समय के साथ हमारी जिंदगी भी काफी बदल गई है. 20 साल पहले जहां सभी लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं थे और अब हम इसके बिना एक दिन भी गुजार नहीं सकते हैं. टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है, सीआरटी से प्लाज्मा, प्लाज्मा से एलसीडी, एलसीडी से एलईडी और एलईडी से ओएलईडी तक हम पहुंच गए हैं. मीडिया के साथ साथ मीडियम में भी बदलाव हुआ है.

डॉल्बी, टेक्नोलॉजी, एप्स और कार्यान्वयन
माथुर ने प्रतिस्पर्धा की सकारत्मकता के बारे में बताया कि कैसे लोगों को इसकी मदद से बेहतर चीजें मिलीं. उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के दौर के बाद हम सभी को इसे अपनाना होगा. क्योंकि यह हमारे लिए एक नई परिस्थिति होगी. फिलहाल डॉल्बी का पूरा फोकस लोगों के घरों तक सिनेमैटिक एक्सपीरियंस पहुंचाने के प्रयास पर है. हालांकि यहां तक पहुंचने में हमें समय जरूर लगा है, लेकिन लॉकडाउन के कारण इसमें तेजी आई है.

असीम ने बताया कि गेम खेलना और माइक्रोसॉफ्ट के लिए मार्केटिंग का काम करना बड़ी सकारत्मकताओं में से एक है. उस वक्त डॉल्बी को ज्वॉइन करना जब उसने भारतीय बाजार में एंट्री ही की थी. डॉल्बी में उन्होंने बहुत कुछ सीखा. डॉल्बी के अगले कदम के रूप में उन्होंने बताया कि भारत में मौजूदा टेक्नोलॉजी के प्रसार की जरूरत है. उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 700 स्क्रीन ऐसी हैं जो डॉल्बी एटमॉस के साथ आती है और कंपनी चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा स्क्रीन में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो, जिससे लोगों के एक्सपीरियंस को बेहतर किया जा सके.

 

 

माथुर के मुताबिक, भारत में डॉल्बी का मुख्य फोकस उस रास्ते पर चलना है जिस पर वह चलती रही है. डॉल्बी मौजूदा संतुलन को निर्माण, डिस्ट्रिब्यूशन और प्लेबैक साइड में बनाए रखना चाहती है. 'डॉल्बी ऑन' कंपनी द्वारा लॉन्च किया गया नया एप है, जिस पर माथुर ने बातचीत की. उन्होंने बताया कि यह एप कैसे उन कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बेहतरीन हैं, जो इस वक्त स्टूडियो नहीं जा सकते हैं. माथुर ने बताया कि नई टेक्नोलॉजी के प्रति जानकारी कितनी जरूरी है. विभिन्न टेक्नोलॉजी की स्वीकारता के लिए जागरुकता और शिक्षा दोनों जरूरी है.

गेम्स और टेक्नोलॉजी के विकास पर बात करते हुए माथुर ने बताया कि कैसे डॉल्बी टेक्नोलॉजी गेमर्स के अनुभव को बेहतर कर रही और उनकी मदद कर रही है. वहीं क्रिकेट पर बात करते हुए असीम से हमने अपना सुझाव साझा किया. जिसमें बताया कि कैसे डॉल्बी क्रिकेटर्स और दर्शकों के अनुभव को बेहतर कर सकते हैं. इस बारे में वह अपनी टीम से भी बात करेंगे.