Advertisement
trendingNow12636371

खतरे में हैं आपके पैसे! इस फर्जी कॉल से बचने के लिए करें ये काम, नहीं तो खाली हो जाएगा आपका अकाउंट

Fake IVR Call: आईवीआर सिस्टम एक ऑटोमेटेड फोन सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल बैंक, टेलीकॉम कंपनियां और कस्टमर सर्विस हेल्पलाइन करती हैं. अब स्कैमर्स इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लोगों के साथ स्कैम करने के लिए कर रहे हैं. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं. 

खतरे में हैं आपके पैसे! इस फर्जी कॉल से बचने के लिए करें ये काम, नहीं तो खाली हो जाएगा आपका अकाउंट

Fraud Call Scam: आपने ऑनलाइन स्कैम के कई मामले देखे होंगे. स्कैमर्स अलग-अलग तरीकों से लोगों के साथ फ्रॉड करने की कोशिश करते हैं. हाल ही में एक नया मामला सामने आया है, जिसमें स्कैमर्स ने आईवीआर कॉल का इस्तेमाल किया. आईवीआर सिस्टम एक ऑटोमेटेड फोन सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल बैंक, टेलीकॉम कंपनियां और कस्टमर सर्विस हेल्पलाइन करती हैं. इसमें यूजर को वॉइस कमांड और कीपेड बटन का इस्तेमाल करके सर्विस को सिलेक्ट करना होता है. जैसे हिन्दी के लिए 1 दबाएं या अंग्रेजी के लिए 2 दबाएं. अब स्कैमर्स इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लोगों के साथ स्कैम करने के लिए कर रहे हैं. 

महिला को आई फर्जी IVR कॉल
हाल ही में बेंगलुरु की एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ. महिला को एक फोन आया, जिसमें कॉलर आईडी में 'एसबीआई' दिख रहा था. इस कॉल में कहा गया कि उसके अकाउंट से 2 लाख रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं और अगर वह इस लेनदेन को रोकना चाहती है, तो उसे कुछ बटन दबाने होंगे. महिला ने बिना सोचे समझे ऐसा किया. कुछ ही देर बाद कॉल कट गया और स्क्रीन पर एक मैसेज दिखा कि उसके अकाउंट से पैसे डेबिट हो गए हैं. फिर महिला ने इस घटना की जानकारी बैंक कर्मचारियों को दी और शिकायत भी दर्ज कराई. 

शख्स ने गंवाए 80 हजार रुपए
एक अन्य घटना में एक व्यक्ति ने लगभग 80 हजार रुपये गंवा दिए. सितंबर 2024 में व्यक्ति को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) से फोन आया, जिसमें चेतावनी दी गई कि उसका मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया जाएगा. स्कैमर्स ने उसे कॉल के दौरान 9 दबाने का निर्देश दिया और दावा किया कि उसके आधार और फोन नंबर का इस्तेमाल मुंबई में अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा है. इसके बाद कॉल को दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया गया. इस घटना में भी व्यक्ति को काफी रुपयों का नुकसान हुआ. 

Add Zee News as a Preferred Source

यह भी पढ़ें - MTW 2025: मुंबई में होने जा रहा है एशिया का सबसे बड़ा AI इवेंट, जानें इसमें क्या कुछ होगा खास

कैसे करें फर्जी आईवीआर कॉल की पहचान?
1. असली आईवीआर कभी भी ओटीपी, सीवीवी या पासवर्ड नहीं मांगते हैं. अगर कोई सिस्टम ये मांगता है, तो यह स्कैम है. 
2. कॉल की भाषा पर ध्यान दें. अगर कॉल में बहुत ज्यादा डराने या लालच देने की कोशिश की जाए, जैसे आपका बैंक अकाउंटबंद हो जाएगा या आपको बड़ा इनाम मिला है, तो सावधान हो जाएं. ये स्कैम हो सकता है. 
3. कॉल पर कभी भी व्यक्तिगत जानकारी शेयर न करें. बैंक, UPI, या अन्य वित्तीय संस्थाएं कभी भी फोन पर आपका पिन, पासवर्ड, या OTP नहीं मांगतीं हैं. 
4. अगर कॉल के दौरान किसी लिंक पर क्लिक करने या ऐप डाउनलोड करने को कहा जाए, तो इसे अनदेखा करें. 

यह भी पढ़ें - क्या कोई ट्रैक कर रहा है आपकी लोकेशन? WhatsApp से चल जाएगा पता, जानें कैसे

फर्जी आईवीआर स्कैम कॉल से कैसे बचें 
1. कभी भी ओटीपी, पिन या कार्ड नंबर जैसे संवेदनशील जानराी शेयर न करें.
2. ट्रांजैक्शन की पुष्टि के लिए एसएमएस और ईमेल अलर्ट इनेबल करें.
3. स्पैम कॉल को कम करने के लिए डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) सर्विस के लिए रजिस्टर करें.
4. संदिग्ध कॉल्स की सूचना साइबर अपराध अधिकारियों और अपने बैंक को दें. 

About the Author

TAGS

Trending news