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सस्ते LED के बाद मोदी सरकार देगी सस्ते AC, बिजली के बिल में होगी कमी

मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान सस्ते एलईडी बल्ब देकर एक रिकॉर्ड बनाया था. अब सरकार की योजना आम लोगों तक सस्ते एयरकंडिशनर (AC) पहुंचाने की है. ये एसी बाजार मूल्य से काफी सस्ते होंगे और इनसे बिजली का बिल भी बहुत कम आएगा यानी ये एनर्जी एफिशिएंट होंगे.

सस्ते LED के बाद मोदी सरकार देगी सस्ते AC, बिजली के बिल में होगी कमी

नई दिल्ली : मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान सस्ते एलईडी बल्ब देकर एक रिकॉर्ड बनाया था. अब सरकार की योजना आम लोगों तक सस्ते एयरकंडिशनर (AC) पहुंचाने की है. ये एसी बाजार मूल्य से काफी सस्ते होंगे और इनसे बिजली का बिल भी बहुत कम आएगा यानी ये एनर्जी एफिशिएंट होंगे. भारत में गर्मी के दिनों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. एसी की मांग में तेजी को देखते हुए भारत सरकार के बिजली मंत्रालय का संयुक्त उद्यम ईईएसएल (EESL) जल्द ही बाजार मूल्य से 15 से 20 प्रतिशत सस्ते एसी आम लोगों को उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है.

एनर्जी एफिशिएंट एसी वक्त की मांग
सहयोगी वेबसाइट जी बिजनेस में प्रकाशित खबर के अनुसार ईईएसएल के एक अधिकारी ने बताया, 'ईईएसएल का मकसद देश में एनर्जी एफिशिएंट बिजली उपकरणों को बढ़ावा देना है. देश में एसी की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसलिए कार्बन उत्सर्जन संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए एनर्जी एफिशिएंट एसी वक्त की मांग है. इसके लिए कई कंपनियों के साथ बातचीत जारी है.' उन्होंने बताया, 'एनर्जी एफिशिएंट होने के कारण इन एसी से बिजली की खपत कम होगी और ईईएसएल के चैनल की मदद से हम इन्हें कम कीमत में ग्राहकों को उपलब्ध करा सकेंगे.'

एसी की मांग बढ़ने से कार्बन उत्सर्जन भी बढ़ेगा
ईईएसएल का कहना है कि देश में एसी की तेजी से बढ़ती मांग के चलते कार्बन उत्सर्जन भी बढ़ेगा. एक अनुमान के मुताबिक एसी और रेफ्रीजरेटर से ग्लोबल वर्मिंग में 14-27% की बढ़ोतरी होगी. उम्मीद है कि ईईएसएल के एसी अगले 1-2 महीनों के दौरान बाजार में आ जाएंगे. ईईएसएल के एसी के साथ 3 साल की कप्रेहेंसिव वारंटी मिलेगी. संस्थागत खरीदारों के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले एसी भी पेश किए जाएंगे. माना जा रहा है कि इन एसी के बाजार में आने से बिजली की खपत में 30-35 प्रतिशत की कमी आएगी.

ईईएसएल के मुताबिक ऐसे में भारत को अत्यधिक कार्यकुशल एसी की जरूरत है, जिनमें एनर्जी एफिशिएंसी रेशियो 3.5 से अधिक हो. इसके साथ ही इनका सस्ता होना भी जरूरी है. ईईएसएल के मुताबिक 'इस लक्ष्य को पाने के लिए हम मैन्युफैक्चरर के साथ काम कर रहे हैं, ताकि ईईएसएल सुपर-एफिशिएंट एयर कंडिशनिंग प्रोग्राम (ESEAP) के तहत बहुत कम बिजली की खपत से चलते वाले एसी बाजार में पेश किए जा सकें.' माना जा रहा है कि सरकार की इस पहल में एलजी, पेनासोनिक, ब्लू स्टार और गोदरेज जैसी कंपनियां शामिल हो सकती हैं.