Delhi Smog : अलग तरह के ई-क्लासरूम से होगी पढ़ाई

शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल शिक्षण सहयाकों की लंबी समय से मांग की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कुछ खास असर नजर नहीं आ रहा है.

Delhi Smog : अलग तरह के ई-क्लासरूम से होगी पढ़ाई

नई दिल्ली : शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल शिक्षण सहयाकों की लंबी समय से मांग की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कुछ खास असर नजर नहीं आ रहा है. लेकिन एक स्कूल ने इस धुंध से निपटने के लिए डिजिटल प्रणाली का का प्रयोग किया है, ताकि स्कूल के तय कार्यक्रम बाधित न हो. दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के एक स्कूल ने अगले दो दिन के लिए ई-क्लासरूम कार्यक्रम की शुरुआत की है. स्कूल ने छात्रों की प्रतिक्रिया जानने के लिए यह सीमा तय की है.

आरडी स्कूल की अध्यक्ष शेफाली वर्मा ने कहा, 'ई-क्लासरूम कक्षा 4 और उससे ऊपर की कक्षा वाले हमारे छात्रों के घरों से शुरू किया जाएगा. इस प्रक्रिया से छात्र वास्तविक समय में ऑनलाइन स्कूल के माध्यम से अपने दोस्तों और शिक्षकों के साथ बातचीत कर सकेंगे.' शहर में प्रदूषण का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर प्रशासन ने राजधानी के सभी स्कूलों को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है. साथ ही पड़ोसी शहर गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है.

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खराब मौसम, बीमारी और बैचेनी आजकल आम है और इन सबसे पहले स्कूल ही प्रभावित होते हैं. स्कूलों को वीडियो के माध्यम से खोले रखने के लिए ई-कक्षाओं का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है. इसके पीछे यह सोच है कि ऐसी घटनाओं से स्कूल बाधित न हो और न ही बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो सके.

वर्मा ने कहा, 'हम ई-क्लासरूम के माध्यम से यह दिखा रहे हैं कि इस कार्यक्रम से न केवल शिक्षा प्राप्त के लिए आर्थिक बाधाओं को खत्म करने में मदद मिलेगी, बल्कि इसे प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.' अस्वस्थ होने पर छुट्टियों और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए यात्रा करने वाले छात्रों को ध्यान में रखकर स्कूल इस सुविधा को पेश करने की योजना बना रहा है. विशेष जरूरतों वाले और शारीरिक रूप से अक्षम छात्रों भी आरडी स्कूल की होम क्लास में भाग ले सकेंगे.

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वर्मा ने कहा, 'दुनिया बदल रही है और हमें नकरात्मक बदलावों और सकरात्मक फायदों में सामंजस्य बिठाने की जरूरत है. हमें ऐसे तरीकों ढूंढने होंगे, जिससे बच्चे प्रतिकूल प्रभावों से निपटने में सक्रिय हो सकें.' वर्मा ने कहा कि छात्र इस दुनिया की विरासत हैं और उन्हें स्कूल के माध्यम से पढ़ाया जाना चाहिए.