पिछले 21 वर्षों में तकनीक काफी बदल गई है: असीम माथुर

तकनीक तेजी से बदली है, पहले सीआरटी से लेकर प्लाज्मा, LCD  से LED  और LED  से OLED  तकनीक तक आ चुकी है.

पिछले 21 वर्षों में तकनीक काफी बदल गई है: असीम माथुर
डॉल्बी के अशिम माथुर से बीजीआर की खास बातचीत

साउंड टेक्नोलॉजी की दुनिया में डॉल्बी लैबोरेट्रीज ( Dolby Laboratories) एक बड़ा नाम है. सहयोगी वेबसाइट https://www.bgr.in  (बीजीआर डॉट इन) ने डॉल्बी लैबोरेट्रीज (इमर्जिंग मार्केट) के सीनियर रीजनल डायरेक्टर असीम माथुर (Ashim Mathur) से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की. असीम माथुर शीर्ष वैश्विक कंपनियों में मार्केटिंग गुरु रह चुके हैं. उन्होंने 1999 में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में शुरुआत की थी. इसके बाद वे 2005 में मार्केटिंग डायरेक्टर के रूप में माइक्रोसॉफ्ट चले गए. उन्होंने उस दौरान वहां Xbox 360 को लॉन्च होते हुए देखा. आखिरकार उन्होंने 2010 में डॉल्बी लैबोरेट्रीज को ज्वाइन किया, जहां वे फिलहाल सीनियर रीजनल डायरेक्टर हैं और वे डॉल्बी विजन, डॉल्बी एटमॉस, डॉल्बी ऑडियो, डॉल्बी विजन आईक्यू, डॉल्बी डिजिटल प्लस, डॉल्बी एक्सेस जैसे प्रोजेक्ट्स को हैंडल कर रहे हैं. 

बदल गई तकनीक 
असीम बताते हैं, उन्होंने अपने 21 वर्षों के कार्यकाल के दौरान तकनीक को बदलते हुए देखा है. पिछले 20 वर्षों में दौरान तकनीक ने जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है. उस समय सभी के पास मोबाइल फोन नहीं होते थे, लेकिन आज हम इसके बिना नहीं रह सकते. इस दौरान तकनीक तेजी से बदली है, पहले सीआरटी से लेकर प्लाज्मा, LCD  से LED  और LED  से OLED  तकनीक तक आ चुकी है. मीडिया के साथ-साथ माध्यम भी बदल गए हैं.

कोविड में तकनीक 
यह सभी के लिए एक नई स्थिति है. डॉल्बी में हम वर्तमान में लोगों के घरों में सिनेमाई प्रभाव लाने की कोशिश पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. हालांकि आमतौर पर इस तरह के स्तरों तक पहुंचने में समय लगता था, लेकिन लॉकडाउन ने इसे बहुत तेज कर दिया है.

गेम खेलना और माइक्रोसॉफ्ट के लिए उसकी मार्केटिंग करना बड़ी सकारात्मक चीजों में से एक थी. उसके बाद खासकर डॉल्बी से उस समय जुड़ना, जब वह भारतीय बाजार में पहुंचा ही था. इस दौरान डॉल्बी के साथ काम करके बहुत कुछ सीखने को मिला. डॉल्बी के अगले कदमों की बात करते हुए उन्होंने बताया कि भारत में मौजूदा तकनीक को फैलाने की जरूरत है. भारत में लगभग 700 स्क्रीन हैं, जो डॉल्बी एटमॉस के साथ आती हैं. कंपनी चाहती है कि इस स्क्रीन का और ज्यादा इस्तेमाल हो, ताकि लोगों को बेहतर एक्सपीरियंस मिल सके. डॉल्बी फिलहाल क्रिएशन, डिस्ट्रिब्यूशन और प्लेबैक में वर्तमान बैलेंस को बना कर आगे चलने की कोशिश करेगी. 

डॉल्बी ने एक नया ऐप ‘डॉल्बी ऑन’ लॉन्च किया. यह उन लोगों के लिए शानदार कंटेंट क्रिएटर्स ऐप है, जो कंटेंट क्रिएट करने के लिए स्टूडियो तक नहीं पहुंच सकते. साथ ही, वे बताते हैं कि नई तकनीक के बारे में जागरूकता भी बहुत जरूरी है.