यूट्यूब ने कैलाश सत्यार्थी के काम पर डॉक्यूमेंट्री के अधिकार हासिल किए

अमेरिकी वीडियो शेयरिंग वेबसाइट यूट्यूब (www.youtube.com) ने नोबल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी के काम पर पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री के अधिकार हासिल कर लिए हैं और वह बाल मजदूरी को खत्म करने के लिए भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता के निरंतर प्रयासों को वैश्विक दर्शकों के सामने पेश करेगा.

यूट्यूब ने कैलाश सत्यार्थी के काम पर डॉक्यूमेंट्री के अधिकार हासिल किए

न्यूयॉर्क : अमेरिकी वीडियो शेयरिंग वेबसाइट यूट्यूब (www.youtube.com) ने नोबल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी के काम पर पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री के अधिकार हासिल कर लिए हैं और वह बाल मजदूरी को खत्म करने के लिए भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता के निरंतर प्रयासों को वैश्विक दर्शकों के सामने पेश करेगा. डेरेक डोनीन द्वारा निर्देशित और अमेरिकी फिल्म एवं टीवी की मशहूर हस्ती डेविस गगेनहीम के प्रोडक्शन वाली ‘द प्राइस ऑफ फ्री’ सत्यार्थी और उनकी टीम के बच्चों को छुड़ाने के लिए गुप्त छापों और अभियान के बारे में है.

27 नवंबर को प्रदर्शित होगी 90 मिनट की डॉक्यूमेंट्री
90 मिनट की यूट्यूब की यह मूल डॉक्यूमेंट्री उसके चैनल सोलपैनकेक पर 27 नवंबर को प्रदर्शित होगी. यूट्यूब के बयान के अनुसार, फिल्म को 2018 में सनडांस फिल्म महोत्सव में दिखाया गया था जहां उसने यूएस डॉक्यूमेंट्री ग्रांड ज्यूरी प्राइज जीता. इसमें बाल मजदूरी को लेकर जागरुकता पैदा करने और सत्यार्थी एवं उनकी टीम के अभियान के जरिये दुनियाभर में बच्चों के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण करने की कोशिश की गई है. बयान में सत्यार्थी के हवाले से कहा गया है कि यह फिल्म बाल तस्करी, बाल मजदूरी, दासता और शोषण के असली जख्मों को दिखाती है. लाखों बच्चे इसके शिकार हैं और इसमें बेरहमी से उनके सपनों को कुचला है.

सत्यार्थी ने कहा, ‘इसमें ज्यादातर पिछड़े और कमजोर बच्चों की कहानियां साझा की गई है जिनके लिए मैं पूरी जिंदगी लड़ता रहा हूं और लड़ता रहूंगा.’ उन्होंने लोगों से सभी बच्चों के लिए आजाद, स्वस्थ और सुरक्षित दुनिया बनाने के लिए एक साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया. यूट्यूब के अधिकारी ने बताया कि वे कैलाश सत्यार्थी के काम से प्रेरित हैं.