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ZEE जानकारी: App का इस्तेमाल करने वालों के लिए ये बातें जानना है जरूरी

21वीं सदी के Virtual World में घुसपैठ करने के लिए ज़मीन या आसमान के रास्ते से आने की ज़रुरत नहीं है. अब ऐसी घुसपैठ Social Media के ज़रिए होती है. 

ZEE जानकारी: App का इस्तेमाल करने वालों के लिए ये बातें जानना है जरूरी

अब हम आपका ध्यान एक बेहद संवेदशील ख़बर की तरफ खींचना चाहते हैं. आपने सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ की ख़बर कई बार देखी होगी. और इसके बारे में सुना भी होगा. लेकिन 21वीं सदी के Virtual World में घुसपैठ करने के लिए ज़मीन या आसमान के रास्ते से आने की ज़रुरत नहीं है. अब ऐसी घुसपैठ Social Media के ज़रिए होती है. और चिंता की बात ये है, कि भारत में भी Virtual दुनिया वाली घुसपैठ हो चुकी है. और ये घुसपैठिए हमारे समाज को धर्म, जाति और नफरत के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं. इसीलिए भारत सरकार ने, Tik Tok और Helo Apps बनाने वाली चाइनीज़ कंपनी को Notice भेजकर 24 सवालों के जवाब मांगे हैं. ये सवाल क्या हैं...ये जानने से पहले आपको कुछ तथ्य बता देते हैं.

Tik-Tok एक Social Media Application है. जिसके जरिए Smart Phone Users 15 सेकेंड के छोटे-छोटे Videos बनाकर उसे शेयर करते हैं. ठीक इसी तरह Helo App की मदद से Socia Media पर Viral Content को शेयर करने की सुविधा दी जाती है. आपमें से कई लोगों ने इन दोनों Apps का इस्तेमाल किया होगा. या हो सकता है, कि अभी भी कर रहे हों. और जाने अंजाने में आपने इन Apps पर बनाए गए Videos या Viral Content को अलग-अलग Social Media Platforms पर Share भी किया होगा. लेकिन हम आपको अभी से सावधान कर देना चाहते हैं, कि इस वक्त पूरा देश Tik Tok वाले 15 सेकेंड के Time Bomb पर बैठा हुआ है.

हर दिन इन Apps की मदद से ऐसे Videos बनाकर शेयर किए जाते हैं, जिनमें धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ बातें होती हैं. ये बातें इतनी संवेदनशील होती हैं, जो सिर्फ 15 सेकेंड के भीतर पूरे देश में आग लगा सकती हैं. पिछले कुछ दिनों में ऐसे एक नहीं, बल्कि कई Videos देखने को मिले हैं. जिनमें भारत विरोधी और ग़ैर कानूनी गतिविधियों का प्रचार और प्रसार किया गया है. इसी के बाद केंद्र सरकार ने इन दोनों Apps को बनाने वाली कंपनी से कुछ ज़रूरी सवाल पूछने का फैसला लिया. हम ऐसे भड़काऊ Videos और उन सवालों का भी विश्लेषण करेंगे. लेकिन उससे पहले आपको कुछ जानकारियां दे देते हैं.

ये दोनों ही Apps, चाइनीज़ हैं. यानी इन्हें चीन की कंपनी ने बनाया है. 
भारत में Tik Tok के 20 करोड़ Users हैं. जिनमें से क़रीब 12 करोड़ Active Users हैं.
2019 में जनवरी से मार्च के बीच भारत में Download किए गए Apps में Tik Tok पहले स्थान पर है.
इस दौरान क़रीब 9 करोड़ लोगों ने इस App को Download किया.

पूरी दुनिया में 110 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने इस App को Download किया है. और सिर्फ Downloads और In-App Purchases की बदौलत ही इस App ने साढ़े 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की. मूल रूप से ऐसे Apps की कमाई का ज़रिया, User द्वारा Create किया गया Content और उसका Data होता है. 
ठीक इसी तरह भारत में Helo App के 5 करोड़ से ज़्यादा Active Users हैं.
इन दोनों Apps को बनाने वाली कंपनी का नाम है Byte-Dance...और ये कंपनी आज दुनिया की सबसे महंगी Start Up कंपनी बन चुकी है. इस कंपनी का Valuation क़रीब 5 लाख करोड़ रुपये का है.

ऐसी कंपनियों को सिर्फ अपनी कमाई की फिक्र होती है. उन्हें इस बात की ज़रा सी भी परवाह नहीं होती, कि उनके द्वारा बनाए गए Apps का ग़लत इस्तेमाल भी हो सकता है.

बांग्लादेश और इंडोनेशिया ने पहले ही Tik Tok पर प्रतिबंध लगा दिया था. इंडोनेशिया ने इसलिए Ban लगाया, क्योंकि इस App से नकारात्मक Content का प्रचार हो रहा था. लेकिन, जब इस App ने Negative Content को सेंसर करने की बात मानी, तो इंडोनेशिया ने प्रतिबंध हटा लिया. जबकि बांग्लादेश में इस App की मदद से Pornography को बढ़ावा मिल रहा था. इसलिए वहां Tik Tok पर प्रतिबंध लगाया गया. अमेरिका ने फरवरी 2018 में इस App पर क़रीब 40 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. क्योंकि, इसने ग़ैर कानूनी तरीके से बच्चों से जुड़ी जानकारी चोरी की थी. 

लेकिन भारत के संदर्भ में ऐसे Apps पर प्रतिबंध लगाना बाक़ी सभी देशों के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा आवश्यक है. क्योंकि, मामला Negative Content या Pornography तक सीमित नहीं है. बल्कि उससे कहीं ज़्यादा बड़ा है. क्योंकि ऐसे Apps की वजह से हमारे देश का माहौल खराब हो रहा है. पिछले दिनों झारखंड में Mob Lynching का शिकार हुए युवक के समर्थन में कुछ लोगों ने Tik Tok पर अपने Videos बनाकर Post किये थे.

इन सभी Posts में धार्मिक आधार पर अलग-अलग समूहों के बीच नफरत और भेदभाव पैदा करने वाली बातें कही गईं थीं. इनमें आम लोगों से लेकर फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता तक शामिल थे. एक ऐसा ही व्यक्ति था, एजाज़ खान. जिसने Tik-Tok App पर लोगों के बीच धार्मिक आधार पर नफरत बढ़ाने वाले Video को प्रमोट किया था. बाद में उसे गिरफ्तार भी किया गया. इस App का इस्तेमाल करने वालों की एक बड़ी संख्या गांवों और छोटे शहरों में रहने वाले लोगों की है. एक दिलचस्प तथ्य ये भी है, कि इस App का इस्तेमाल करके कई लोग मशहूर भी हो गए. इनमें आपराधिक छवि के लोग भी शामिल हैं, जो रात में लूट-पाट करते हैं, और दिन में Tik-Tok पर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर, समाज का नुकसान करते हैं. और इसीलिए हम कह रहे हैं, कि इस वक्त हमारा देश सही मायनों में Tik-Tok वाले Time Bomb पर बैठा हुआ है.

इस App के माध्यम से जितने भी आपत्तिजनक Videos रिकॉर्ड करके Upload किए जाते हैं, उससे एक बात तो तय है. किसी को कहीं जाने की ज़रुरत नहीं है. धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए Tik Tok के 15 सेकेंड ही काफी हैं. और ऐसा करने वालों को फूटी कौड़ी खर्च करने की ज़रुरत नहीं है. वो खुद ही नफरत वाली Acting करेंगे. खुद ही उसे Produce करेंगे. उसका Direction करेंगे. और फिर उसका प्रचार करके समाज को दूषित करेंगे. 

Tik Tok का User एक दिन में औसतन 52 मिनट इस App पर बर्बाद करता है. 
भारत इन दोनों ही Apps का सबसे बड़ा बाज़ार है. 
हमने रिसर्च के दौरान Tik Tok पर रोज़ Upload होने वाले Videos की संख्या ढूंढने की कोशिश की. लेकिन वो जानकारी हमें नहीं मिली. हालांकि, हमें इस App पर देखे गए Videos के Views के बारे में पता चला. इनमें से कुछ Videos ऐसे थे, जिन्हें 100 या 200 लोगों ने नहीं. बल्कि करोड़ों लोगों ने देखा. जिसमें बड़ी संख्या भारत के युवाओं की थी. 
इससे आप समझ सकते हैं, कि हमारे देश के युवाओं के पास कितना समय है. 

चिंता की बात ये है, कि ऐसे Apps पर Upload होने वाले Videos की निगरानी के लिए हमारे देश में कोई सिस्टम है ही नहीं.
किसी App का User कौन सा Content, Generate कर रहा है, उसे सेंसर करने के लिए हमारे देश में कोई Dedicated Body नहीं है. कोई भी चाहे, कुछ भी Upload कर सकता है. हालांकि, परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार ने अब जाकर कुछ कड़े कदम उठाए हैं. और इन दोनों Apps को बनाने वाली कंपनी से 24 सवाल पूछे हैं. 

सरकार की तरफ से पूछा गया है, कि Tik Tok और Helo Apps बड़ी संख्या में Data इकट्ठा कर रही है ? ये Data क्या है ?

दोनों Apps से आश्वासन मांगा गया है, कि भारतीय Users का Data किसी दूसरे देश, किसी तीसरे पक्ष या किसी निजी ईकाई को ट्रांसफर तो नहीं किया जाएगा ?

सरकार ने उन आरोपों पर भी सफाई मांगी है, जिसमें इन दोनों Apps का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है. 

Tik Tok पर उपलब्ध आपत्तिजनक और अभद्र Contents को रोकने के लिए इस App की क्या Policy है, इसपर भी जवाब मांगा गया है. 

साथ ही साथ ये भी पूछा गया है, कि Tik Tok के Videos को देखने से पहले छोटे बच्चों के लिये 'चेतावनी Tag' के ज़रिये उन्हें रोका जाता है या नहीं.

यानी Data चोरी से लेकर आपत्तिजनक Videos तक ऐसे Apps आपकी Privacy में भी दखलअंदाज़ी कर रहे हैं. और कुछ देश विरोधी तत्व ऐसे Apps की सुविधाओं का इस्तेमाल करके भारत में धार्मिक उन्माद भी फैला रहे हैं. जिनसे आपको सावधान रहने की ज़रुरत है