बर्फबारी देखने शिमला-कुल्लू जाने वाले हैं तो रुक जाइए, पहले इन बातों को जान लें

कहीं ऐसा न हो की आपको शिमला और कुल्लू के शानदार होटलों की जगह सड़क पर कड़कड़ाती ठंड़ में रात गुजारनी पड़े

बर्फबारी देखने शिमला-कुल्लू जाने वाले हैं तो रुक जाइए, पहले इन बातों को जान लें
फाइल फोटो

नई दिल्ली: हफ्ते भर से आपके फेसबुक और सोशल मीडिया में कई दोस्त शिमला और कुल्लू में हो रही बर्फबारी की फोटो और वीडियो अपलोड कर रहे हैं. ऐसे मनमोहक दृष्यों के देखकर शायद आप भी तुरंत ड्राइव करके इन जगहों पर जाने का प्लान बना रहे होंगे. लेकिन अगर ड्राइविंग करके यहां वीकेंड बिताना चाहते हैं तो रुक जाइए. हसीन वादियों के बीच कुछ बातें हैं जो आपको कोई भी नहीं बता रहा होगा. भारी बर्फवारी के वजह से शिमला और कुल्लू जाने वाले रोड्स पूरी तरह से ब्लॉक चल रहे हैं. कहीं ऐसा न हो की आपको शिमला और कुल्लू के शानदार होटलों की जगह सड़क पर कड़कड़ाती ठंड़ में रात गुजारनी पड़े.

सभी रोड्स ब्लॉक चल रहे हैं
शिमला पुलिस और कुल्लू पुलिस पिछले दो दिनों से लगातार अलर्ट जारी कर रहे हैं. अगर आप इनके फेसबुक पेज पर जाएं तो खास तौर से पुलिस टूरिस्टों को इन स्थलों पर नहीं आने की नसीहत दे रही है. इसका कारण ये है कि भारी तादाद में गाड़ियों के इन दोनो जगहों पर पहुंचने की वजह से ट्रैफिक जाम चल रहा है. इसके साथ ही सड़कों पर घनी बर्फबारी के बाद सड़को को साफ करने में दिक्कतें आ रही हैं. ट्रैफिक पूरी तरह से ठप्प पड़ने की वजह से गांडियां आगे नहीं बढ़ पा रही हैं. 

बर्फबारी मजा नहीं सजा बन गई है
दरअसल बर्फबारी उत्तरी भारत के लोगों के लिए इंजॉय हो सकती है. लेकिन पहाड़ी इलाकों में रहने वालों के लिए ये एक सिरदर्द ही साबित होती है. सैलानियों के लिए फेवरिट सभी पहाड़ी जगहों में भारी बर्फबारी हो रही है. जानकारी के मुताबिक चम्बा जिले में डलहौज़ी के भी कुछ ऐसे ही हाल हैं जहां 35 cm तक की बर्फवारी दर्ज हुई है. इसके साथ कुल्लू जिले में मनाली (22 सेमी), किन्नौर जिले में कल्पा (16 सेमी), लाहौल-स्पीति का प्रशासनिक केंद्र कीलोंग (8 सेमी) बर्फबारी हुई. अन्य स्थानों जैसे खरापारे, खदराला और गोंडोला में भी 18-60 सेमी तक बर्फबारी दर्ज की गई है. 

सिर्फ रेल ही मुसीबत से बचने की उम्मीद 
भारी बर्फबारी के बाद शिमला का बाहरी क्षेत्रों से सड़क संपर्क टूटने पर रेल लोगों का सहारा है. खासतौर पर शिमला में फंसे सैलानियों को शिमला से निकालने में रेलवे ही मददगार साबित हो रही है. ही मददगार साबित हो रही है.